Hindi News
›
Video
›
India News
›
TMC Political Crisis: Kolkata Mayor Firhad Hakim resigns, West Bengal politics intensifies!
{"_id":"6a20927c7e7f49de220b59e5","slug":"tmc-political-crisis-kolkata-mayor-firhad-hakim-resigns-west-bengal-politics-intensifies-2026-06-04","type":"video","status":"publish","title_hn":"TMC Political Crisis: कोलकाता मेयर फिरहाद हकीम का इस्तीफा, पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल हुई तेज!","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
TMC Political Crisis: कोलकाता मेयर फिरहाद हकीम का इस्तीफा, पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल हुई तेज!
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Published by: Bhaskar Tiwari Updated Thu, 04 Jun 2026 03:30 AM IST
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों हलचल लगातार बढ़ती जा रही है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर संगठनात्मक बदलावों और राजनीतिक गतिविधियों के बीच कोलकाता के मेयर तथा टीएमसी विधायक फिरहाद हकीम के इस्तीफे की खबर ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। फिरहाद हकीम लंबे समय से पार्टी के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं और राज्य की राजनीति के साथ-साथ कोलकाता नगर प्रशासन में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में उनके द्वारा मेयर पद से इस्तीफा दिया जाना एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, इस्तीफा देने से पहले फिरहाद हकीम नबान्न सभाघर पहुंचे थे, जहां उन्होंने राज्य के वरिष्ठ राजनीतिक नेतृत्व के साथ बैठक की। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक विश्लेषक विभिन्न संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं और इसे तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे पुनर्गठन तथा भविष्य की राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि इस्तीफे के पीछे की आधिकारिक वजह को लेकर अभी तक कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व संगठन और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में कुछ महत्वपूर्ण बदलावों की तैयारी कर रहा है। फिरहाद हकीम को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी नेताओं में माना जाता है और उन्होंने वर्षों तक कोलकाता नगर निगम के प्रशासन को दिशा देने में अहम भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में नगर प्रशासन से जुड़े कई विकास कार्यों को आगे बढ़ाया गया था।
ऐसे में उनके इस्तीफे ने न केवल पार्टी कार्यकर्ताओं बल्कि आम जनता और राजनीतिक पर्यवेक्षकों का भी ध्यान आकर्षित किया है। विपक्षी दल भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और इसे राज्य की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देख रहे हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो सकेगा कि फिरहाद हकीम का यह फैसला केवल प्रशासनिक बदलाव का हिस्सा है या इसके पीछे कोई व्यापक राजनीतिक रणनीति काम कर रही है। फिलहाल पूरे राज्य की निगाहें तृणमूल कांग्रेस के अगले कदम, कोलकाता के नए मेयर के चयन और पार्टी नेतृत्व द्वारा लिए जाने वाले आगामी फैसलों पर टिकी हुई हैं, क्योंकि यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल की राजनीति में दूरगामी प्रभाव डाल सकता है
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।