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Trump's Secret Escape: Trump reveals the dangerous secret behind switching planes! Iran | US vs Iran
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Trump Secret Escape: ट्रंप ने खोला विमान बदलने का खतरनाक राज! Iran | US vs Iran
अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Published by: Adarsh Jha Updated Wed, 12 Aug 2026 09:56 PM IST
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कैमरों के सामने एयरफोर्स वन में सवार होते हैं... पूरी दुनिया को लगता है कि राष्ट्रपति इसी विमान से ब्रिटेन जाएंगे... लेकिन रास्ते में अचानक विमान बदल जाता है! वो भी इस तरह कि साथ चल रहे पत्रकारों और व्हाइट हाउस के कई अधिकारियों तक को इसकी भनक नहीं लगती। आखिर ट्रंप को क्यों उतारा गया एयरफोर्स वन से? क्यों एक कैटरिंग वैन के जरिए उन्हें दूसरे छोटे सैन्य विमान तक पहुंचाया गया? और क्या इसके पीछे ईरान की वो कथित धमकी थी, जिसमें ट्रंप की हत्या की बात कही गई थी? खुद ट्रंप ने अब इस पूरी सीक्रेट फ्लाइट का राज खोल दिया है और कहा है- मुझे लगातार धमकियां मिलती हैं। तो आखिर ट्रंप की सुरक्षा को लेकर इतना बड़ा खतरा क्या था?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तुर्किये से ब्रिटेन की यात्रा किसी जासूसी फिल्म के सीन से कम नहीं थी। कैमरों के सामने ट्रंप पुराने एयरफोर्स वन में सवार हुए... लेकिन कुछ ही देर बाद कहानी बदल गई। ट्रंप को गुपचुप तरीके से विमान से उतारा गया और एक छोटे सैन्य विमान के जरिए ब्रिटेन रवाना किया गया। खास बात ये कि उनके साथ यात्रा कर रहे पत्रकारों और व्हाइट हाउस के कई अधिकारियों को भी इसकी भनक तक नहीं लगी।
अब इस पूरी सीक्रेट फ्लाइट का राज खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने खोला है। ट्रंप ने बताया कि विमान बदलने का फैसला अमेरिकी सीक्रेट सर्विस और सेना का था। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां जो चाहती हैं, वह वही करते हैं। ट्रंप के मुताबिक, सुरक्षा का स्तर बराबर था, लेकिन एजेंसियां चाहती थीं कि वह दूसरे विमान से यात्रा करें। इसलिए उन्होंने वही किया।
ट्रंप ने ये भी संकेत दिया कि इसके पीछे किसी संभावित खतरे की आशंका थी। उन्होंने कहा कि उन्हें बहुत सी धमकियां मिलती हैं और उन्हें लगता है कि इस बार भी कोई खतरा था।
दरअसल, अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस असाधारण सुरक्षा व्यवस्था के पीछे ईरान से जुड़ा एक गंभीर खतरा बताया जा रहा है। 'द वॉशिंगटन पोस्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की ओर से ट्रंप की हत्या की गंभीर धमकी के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था को अचानक बदला गया।
तुर्किये एयरपोर्ट पर सुरक्षा का पूरा ऑपरेशन बेहद गोपनीय तरीके से किया गया। ट्रंप पहले कैमरों के सामने पुराने एयरफोर्स वन में सवार हुए। लेकिन इसके कुछ समय बाद उन्हें चुपचाप विमान से बाहर निकाला गया। इसके बाद एक कैटरिंग वैन के जरिए उन्हें दूसरे विमान तक पहुंचाया गया।
यानि बाहर की दुनिया को यही दिखाई देता रहा कि राष्ट्रपति एयरफोर्स वन से ब्रिटेन जा रहे हैं, लेकिन पर्दे के पीछे ट्रंप को एक छोटे सैन्य विमान में शिफ्ट किया जा चुका था।
'न्यूयॉर्क टाइम्स' ने भी विमान बदले जाने की पुष्टि की। ब्रिटेन पहुंचने के बाद ट्रंप पुराने एयरफोर्स वन से उतरते नजर आए। हालांकि, रिपोर्ट में यह साफ नहीं किया गया कि ट्रंप को छोटे सी-32ए विमान से दोबारा पुराने एयरफोर्स वन तक कैसे पहुंचाया गया।
पूरी कवायद ने अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर कई सवाल भी खड़े किए हैं। आखिर ऐसा क्या खतरा था कि राष्ट्रपति के विमान को बीच यात्रा में बदलना पड़ा? और वह भी इतनी गोपनीयता के साथ कि साथ चल रहे पत्रकारों तक को इसकी जानकारी नहीं हुई?
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपतियों की सुरक्षा में ऐसी रणनीति पहले भी अपनाई जा चुकी है। साल 2000 में तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन जब भारत से पाकिस्तान पहुंचे थे, तब इस्लामाबाद में कुछ समय के ठहराव के लिए उन्होंने एयरफोर्स वन के बजाय बिना पहचान वाले गल्फस्ट्रीम विमान का इस्तेमाल किया था। उस वक्त भी इसे सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बताया गया था।
ट्रंप की तुर्किये यात्रा के दौरान हालात और भी संवेदनशील थे। उसी समय अमेरिकी सेना ने ईरान में कई हमले किए थे। ये हमले क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर ईरान के हमलों के जवाब में किए गए थे।
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान की ओर से एयरफोर्स वन को कोई विश्वसनीय खतरा था, तो उन्होंने कहा कि उन्हें हर समय खतरा रहता है। ट्रंप ने खुद को ईरान की 'सूची में नंबर एक' बताया।
यानी ट्रंप की यह यात्रा सिर्फ एक विमान बदलने की कहानी नहीं थी। यह अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर बरती गई उस गोपनीय रणनीति की झलक है, जिसमें खतरे की भनक लगते ही पूरी यात्रा का प्लान बदल दिया जाता है... और राष्ट्रपति को भी आखिरी वक्त तक सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करना पड़ता है।
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