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Women Reservation Bill: Dharmendra Pradhan called the opposition anti-women after the Constitution Amendment B
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Women Reservation Bill:संविधान संशोधन बिल के पारित न होने पर धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष को बताया महिला विरोधी!
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Published by: Bhaskar Tiwari Updated Sat, 18 Apr 2026 02:30 AM IST
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संविधान संशोधन(131वां संशोधन) बिल के लोकसभा में पारित न होने पर कहा, "कांग्रेस पार्टी मानसिक रूप से दिवालिया हो चुकी है। कांग्रेस पार्टी ने अपने महिला विरोधी चरित्र को उजागर किया, SC, ST, OBC विरोधी मानसिकता को उजागर किया. आधी आबादी की आकांक्षाओं का उन्होंने गला घोटा.ये लोग आज OBC के नाम पर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं, ये देश की महिलाओं की आकांक्षाओं, अपेक्षाओं को समझने वाले लोग नहीं है.परिसीमन क्या संवैधानिक व्यवस्था नहीं है? इन लोगों के मन में घबराहट है.
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "भारत की महिलाओं को जो अधिकार देना था, वह नहीं देने पर अगर कांग्रेस जश्न मना रही है तो इससे दुखद कुछ और नहीं हो सकता.भारत की महिलाएं कभी भी कांग्रेस और विपक्ष को माफ नहीं करेंगी.गृह मंत्री ने सदन में कहा कि आपको तकनीकी दिक्कते हैं तो हम संशोधन के लिए तैयार हैं, लिखित में चाहिए तो हम लिखित में भी देने को भी तैयार हैं.कांग्रेस की मंशा साफ थी कि महिलाओं को आरक्षण न मिले.कांग्रेस बेनकाब हो गई है। हम महिलाओं का अधिकार उन्हें दिलाकर रहेंगे। कांग्रेस पार्टी और उनके साथियों ने यह स्थापित कर दिया कि वे महिला विरोधी है.शब्दों से वे अपना पाप साफ नहीं कर सकते। देश की महिलाएं कांग्रेस और उनके साथियों को कभी माफ नहीं करेगी।"
लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन संशोधन विधेयक पर लंबी और गहन चर्चा के बाद शुक्रवार (17 अप्रैल) मतदान प्रक्रिया संपन्न हुई। कुल 528 सांसदों ने वोट डाला, जिसमें 298 सदस्यों ने विधेयक के पक्ष में और 230 ने विपक्ष में मतदान किया। हालांकि, संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत यानी 352 वोट प्राप्त नहीं हो सके। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने घोषणा की कि यह विधेयक आवश्यक समर्थन नहीं जुटा सका, इसलिए आगे की विधायी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा सकती। इसके बाद संबंधित दो अन्य विधेयकों पर भी सरकार ने मतदान कराने का निर्णय नहीं लिया।
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