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Women Reservation Bill: Nitin Navin and Chirag Paswan reprimanded the opposition after the Women Reservation B
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Women Reservation Bill: महिला आरक्षण बिल गिरने पर नितिन नबीन- चिराग पासवान ने लगाई विपक्ष की क्लास!
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Published by: Bhaskar Tiwari Updated Sat, 18 Apr 2026 03:30 AM IST
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा, "कांग्रेस के एंटी वूमेन अलायंस ने देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात करने का काम किया है। कांग्रेस का एंटी वूमेन अलायंस पूरी तरह उजागर हुआ है। हम इस विषय को लेकर सड़क पर उतरेंगे। आने वाले समय में महिलाएं इसका करारा जवाब देंगी।"
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, "विपक्ष ने आज एक बात स्पष्ट कर दी है कि INDI गठबंधन एंटी वूमेन अलायंस है.आने वाले दिनों में विपक्ष को इसका बहुत बड़ा नुकसान होगा। हमें प्रदर्शन करने की जरूरत नहीं है। आधी आबादी स्वयं इसका विरोध करेगी। जब तक हम महिला आरक्षण को लागू नहीं कर देंगे तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे।"
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "भारत की महिलाओं को जो अधिकार देना था, वह नहीं देने पर अगर कांग्रेस जश्न मना रही है तो इससे दुखद कुछ और नहीं हो सकता.भारत की महिलाएं कभी भी कांग्रेस और विपक्ष को माफ नहीं करेंगी.गृह मंत्री ने सदन में कहा कि आपको तकनीकी दिक्कते हैं तो हम संशोधन के लिए तैयार हैं, लिखित में चाहिए तो हम लिखित में भी देने को भी तैयार हैं.कांग्रेस की मंशा साफ थी कि महिलाओं को आरक्षण न मिले.कांग्रेस बेनकाब हो गई है। हम महिलाओं का अधिकार उन्हें दिलाकर रहेंगे। कांग्रेस पार्टी और उनके साथियों ने यह स्थापित कर दिया कि वे महिला विरोधी है.शब्दों से वे अपना पाप साफ नहीं कर सकते। देश की महिलाएं कांग्रेस और उनके साथियों को कभी माफ नहीं करेगी।"
लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन संशोधन विधेयक पर लंबी और गहन चर्चा के बाद शुक्रवार (17 अप्रैल) मतदान प्रक्रिया संपन्न हुई। कुल 528 सांसदों ने वोट डाला, जिसमें 298 सदस्यों ने विधेयक के पक्ष में और 230 ने विपक्ष में मतदान किया। हालांकि, संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत यानी 352 वोट प्राप्त नहीं हो सके। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने घोषणा की कि यह विधेयक आवश्यक समर्थन नहीं जुटा सका, इसलिए आगे की विधायी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा सकती। इसके बाद संबंधित दो अन्य विधेयकों पर भी सरकार ने मतदान कराने का निर्णय नहीं लिया।
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