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Stubble is being burned in fields in Moga with complete impunity; as evening sets in, fires have broken out across several villages.
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मोगा में बेखौफ होकर खेतों में जलाई जा रही पराली, शाम ढलते ही कई गांवों में लगी आग
पराली जलाने को लेकर जहां एक तरफ प्रशासन सख्त नजर आ रहा है, वहीं दूसरी तरफ किसान बेखौफ होकर खेतों में पराली जला रहे हैं। मोगा जिले में शाम ढलते ही कई गांवों में किसानों ने खेतों में पराली को आग लगा दी।मोगा जिले के गांव निधांवाला, सेलिना और सदासिंह वाला में कई खेतों में पराली जलाए जाने के मामले सामने आए हैं। शाम के समय खेतों में आग की लपटें साफ दिखाई दीं। गौरतलब है कि प्रशासन की ओर से लगातार किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारी गांवों और खेतों में जाकर किसानों को पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण और इसके दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दे रहे हैं।
इसके बावजूद कई किसान प्रशासन की अपील को नजरअंदाज करते हुए खेतों में पराली जला रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि प्रशासन की सख्ती और जागरूकता अभियान के बावजूद पराली जलाने की घटनाओं पर रोक क्यों नहीं लग पा रही है , जानकारी मिली हे किसान शाम को पराली में आग इस लिए लगाते हे ताकि स्टेलाइट में तस्वीर न आसके।
जानकारी देते हुए एडीसी मोगा जसपिंदर सिंह ने बताया कि मोगा जिले में अब तक पराली जलाने के कुल 8 मामले सामने आए हैं। इन मामलों में संबंधित किसानों के खिलाफ नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें गांवों और खेतों में जाकर किसानों को पराली न जलाने के प्रति जागरूक कर रही हैं। इसके साथ ही खेतों में लगातार निगरानी भी रखी जा रही है, ताकि किसान पराली को आग न लगाएं और पर्यावरण को प्रदूषण से बचाया जा सके।
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