Iran-Israel War: 'स्वाभिमानी देश मिसाइल हमले नहीं सहेगा', ईरान पर कार्रवाई को लेकर इस्राइली राजदूत की दो टूक
अमेरिका में इजरायल के राजदूत येचिएल लाइटर ने ईरान पर इस्राइली हमलों का बचाव करते हुए कहा कि कोई भी स्वाभिमानी देश अपने नागरिकों पर बार-बार होने वाले मिसाइल हमले बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि इस्राइली केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं।
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विस्तार
पश्चिम एशिया में युद्धविराम की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। अमेरिका में इस्राइल के राजदूत येचिएल लीटर ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियानों का खुलकर बचाव करते हुए कहा कि कोई भी स्वाभिमानी देश अपने नागरिकों पर बार-बार होने वाले मिसाइल हमलों को बर्दाश्त नहीं कर सकता।
इस्राइली राजदूत ने क्या दी सफाई?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में लाइटर ने स्पष्ट किया कि इस्राइल की कार्रवाई केवल ईरान के सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल लॉन्च साइटों और गैर-ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश लेबनान में भी लोगों का रुख अब ईरान के प्रभाव के खिलाफ हो चुका है और वहां की जनता ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह को खारिज कर रही है।
राजदूत ने दी चेतावनी
राजदूत ने चेतावनी दी कि अगर हिजबुल्लाह ने इस्राइल पर हमले जारी रखे तो बेरूत के दहिया क्षेत्र में स्थित उसके कमांड सेंटरों को कड़ी सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि लेबनान में चल रही कार्रवाई और तेहरान के खिलाफ इस्राइल के सीधे अभियान अलग-अलग मुद्दे हैं।
युद्धविराम पर पड़ा कमजोर
इस बीच सोमवार तड़के युद्धविराम पूरी तरह टूटता दिखाई दिया, जब अप्रैल में हुए संघर्षविराम के बाद पहली बार ईरान ने इस्राइल की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जवाब में इस्राइल ने ईरान के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। ईरान के इस्फहान, तबरीज, कराज और तेहरान सहित कई शहरों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।ट्रंप की कोशिशों को लगा झटका
तनाव बढ़ने के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कूटनीतिक कोशिशों को भी झटका लगा है। ट्रंप लंबे समय से ईरान और इस्राइल के बीच तनाव कम करने और तेहरान के साथ संभावित परमाणु समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने हाल ही में कहा था कि दोनों पक्ष समझौते के बेहद करीब हैं और किसी भी नई सैन्य प्रतिक्रिया से पूरा शांति प्रयास पटरी से उतर सकता है।ट्रंप ने एक साक्षात्कार में कहा कि इस्राइल ने अपना हमला किया, ईरान ने भी जवाब दे दिया। अब हमें एक और जवाबी कार्रवाई की जरूरत नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि लगातार प्रतिशोध का सिलसिला क्षेत्र को अंतहीन हिंसा में धकेल सकता है।
पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव
रविवार शाम ईरान द्वारा उत्तरी इस्राइल की ओर मिसाइलों की बौछार किए जाने के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया। इस्राइली वायु रक्षा प्रणाली ने अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, जिससे किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली। हालांकि लाखों लोगों को बंकरों और सुरक्षित स्थानों में शरण लेनी पड़ी। हमलों के बाद इस्राइली सेना के प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने कहा कि ईरान ने गंभीर गलती की है। वहीं इस्राइल के सेना प्रमुख इयाल जमीर ने कहा कि आदेश मिलते ही दुश्मन पर निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।दूसरी ओर, ईरान की इस्लामिक क्रांतिकारी गार्ड कोर ने चेतावनी दी है कि अगर इस्राइल या उसके सहयोगियों ने आगे कोई हमला किया तो जवाबी कार्रवाई और व्यापक होगी। संगठन ने अमेरिकी और इस्राइली हितों को भी निशाने पर लेने की धमकी दी।
क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ाते हुए इराकी शिया संगठन हिजबुल्लाह ने भी चेतावनी दी कि अगर अमेरिका सीधे संघर्ष में शामिल हुआ तो इराक और पूरे क्षेत्र में उसके सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा।