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पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी: मानवाधिकार कार्यकर्ता ने ऑपरेशन सिंदूर की जमकर की सराहना, पाकिस्तान को लताड़ा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: Pavan
Updated Tue, 21 Apr 2026 10:53 AM IST
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सार
पहलगाम आतंकी हमले की बरसी से पहले सामाजिक कार्यकर्ता आरिफ अजाकिया ने पाकिस्तान को जमकर लताड़ा है और भारत के ऑपरेशन सिंदूर की सराहना की है। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा, 'अगर आप सांप पालेंगे तो यह उम्मीद मत करें कि वह सिर्फ पड़ोसियों को ही काटेगा, वह आपको भी नुकसान पहुंचा सकता है।'
आरिफ आजाकिया, मानवाधिकार कार्यकर्ता
- फोटो : ANI
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विस्तार
पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी से ठीक पहले मानवाधिकार कार्यकर्ता आरिफ अजाकिया ने पाकिस्तान और आतंकवाद को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। लंदन में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से बिना किसी डर के भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा है और उसे लगता था कि भारत इसका जवाब नहीं देगा। आरिफ अजाकिया ने पहलगाम आतंकी हमले को बेहद भयावह बताते हुए कहा कि यह 'धर्म के नाम पर किया गया आतंकवाद' था। उनका दावा है कि हमले में लोगों को उनकी आस्था के आधार पर निशाना बनाया गया, जो इसे और भी गंभीर बनाता है।
यह भी पढ़ें - Pahalgam Attack Anniversary: 'भारत भूलता नहीं, सीमाएं तोड़ने पर प्रतिक्रिया निर्णायक'; सेना ने दिया सख्त संदेश
भारत ने आतंकवाद पर साफ संदेश दिया- अजाकिया
उन्होंने पिछले एक साल में भारत की प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने साफ संदेश दिया है कि अब आतंकवाद बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके मुताबिक, इसी सख्ती का असर रहा कि पूरे साल कोई बड़ा आतंकी हमला देखने को नहीं मिला। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए कहा कि यह पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, बल्कि अभी सिर्फ रोका गया है, अगर हालात बिगड़ते हैं तो यह फिर शुरू हो सकता है।
'पाकिस्तान की ही बनाई हुई आतंकी संरचनाएं'
पाकिस्तान के इस दावे पर कि वह आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, अजाकिया ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि जिन संगठनों के खिलाफ कार्रवाई की बात की जा रही है, वे खुद पाकिस्तान की ही बनाई हुई संरचनाएं हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) का नाम लिया और आरोप लगाया कि यह संगठन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की ही देन है।
'कई बड़े तालिबान नेता पाकिस्तान में ही छिपे रहे'
अजाकिया ने यह भी कहा कि कई बड़े तालिबान नेता पाकिस्तान में ही आईएसआई के संरक्षण में छिपे रहे। उनका मानना है कि बाद में इन संगठनों के भीतर मतभेद हुए और वे खुद पाकिस्तान के लिए खतरा बन गए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रिया को लेकर भी अजाकिया ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वैश्विक राजनीति के कारण पाकिस्तान पर उतना दबाव नहीं बनता जितना बनना चाहिए। उनके मुताबिक, पाकिस्तान को एक रणनीतिक बफर जोन के रूप में देखा जाता है, खासकर अफगानिस्तान और ईरान के पास होने की वजह से।
यह भी पढ़ें - 'यह जख्म जिंदगी भर नहीं भरेगा': आज भी नम है पीड़ित परिवारों की आखें, पहलगाम हमले की बरसी से पहले छलका दर्द
'अपने हितों के लिए पाकिस्तान का इस्तेमाल करता है अमेरिका'
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका पाकिस्तान का समर्थन नहीं करता, बल्कि अपने हितों के लिए उसका इस्तेमाल करता है। इसी वजह से कई बार आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दों पर भी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई सीमित रह जाती है। आखिरी में उन्होंने कहा कि अगर आतंकवाद को सच में खत्म करना है तो दुनिया को एकजुट होकर कड़ा कदम उठाना होगा, वरना यह खतरा लगातार बना रहेगा।
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भारत ने आतंकवाद पर साफ संदेश दिया- अजाकिया
उन्होंने पिछले एक साल में भारत की प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने साफ संदेश दिया है कि अब आतंकवाद बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके मुताबिक, इसी सख्ती का असर रहा कि पूरे साल कोई बड़ा आतंकी हमला देखने को नहीं मिला। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए कहा कि यह पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, बल्कि अभी सिर्फ रोका गया है, अगर हालात बिगड़ते हैं तो यह फिर शुरू हो सकता है।
'पाकिस्तान की ही बनाई हुई आतंकी संरचनाएं'
पाकिस्तान के इस दावे पर कि वह आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, अजाकिया ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि जिन संगठनों के खिलाफ कार्रवाई की बात की जा रही है, वे खुद पाकिस्तान की ही बनाई हुई संरचनाएं हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) का नाम लिया और आरोप लगाया कि यह संगठन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की ही देन है।
'कई बड़े तालिबान नेता पाकिस्तान में ही छिपे रहे'
अजाकिया ने यह भी कहा कि कई बड़े तालिबान नेता पाकिस्तान में ही आईएसआई के संरक्षण में छिपे रहे। उनका मानना है कि बाद में इन संगठनों के भीतर मतभेद हुए और वे खुद पाकिस्तान के लिए खतरा बन गए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रिया को लेकर भी अजाकिया ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वैश्विक राजनीति के कारण पाकिस्तान पर उतना दबाव नहीं बनता जितना बनना चाहिए। उनके मुताबिक, पाकिस्तान को एक रणनीतिक बफर जोन के रूप में देखा जाता है, खासकर अफगानिस्तान और ईरान के पास होने की वजह से।
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'अपने हितों के लिए पाकिस्तान का इस्तेमाल करता है अमेरिका'
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका पाकिस्तान का समर्थन नहीं करता, बल्कि अपने हितों के लिए उसका इस्तेमाल करता है। इसी वजह से कई बार आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दों पर भी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई सीमित रह जाती है। आखिरी में उन्होंने कहा कि अगर आतंकवाद को सच में खत्म करना है तो दुनिया को एकजुट होकर कड़ा कदम उठाना होगा, वरना यह खतरा लगातार बना रहेगा।
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