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चीन ने ईरान भेजे मिसाइल वाले रसायन?: भारतीय मूल की पूर्व अमेरिकी राजदूत का दावा- कार्गो जहाज पर लदा है केमिकल

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Riya Dubey Updated Tue, 21 Apr 2026 10:42 AM IST
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सार

अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी जहाज टोस्का को कब्जे में लिया है। दावा है कि जहाज चीन से ईरान जा रहा था और उस पर मिसाइलों से जुड़े डुअल-यूज सामान हो सकते थे। ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई को समुद्री डकैती बताया और नाकेबंदी हटने तक वार्ता से इनकार कर दिया। वहीं अमेरिका का कहना है कि जहाज पर सैन्य उपयोग की सामग्री होने की आशंका है।

Did China send missile-based chemicals to Iran?: Cargo ship carrying chemicals, claims
क्या चीन कर रहा ईरान की मदद? - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच खाड़ी क्षेत्र में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक ईरानी कंटेनर जहाज को कब्जे में ले लिया है। दावा किया जा रहा है कि यह जहाज चीन से ईरान की ओर जा रहा था और उस पर मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े रसायन या दोहरे उपयोग वाले सामान (डुअल-यूज मटेरियल) लदे हो सकते थे। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।

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क्या दावा किया गया?

अमेरिकी राजनीतिज्ञ और पूर्व गवर्नर निक्की हेली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि अमेरिकी नौसेना द्वारा जब्त किया गया पहला ईरानी जहाज चीन से ईरान जा रहा था। उन्होंने कहा कि जहाज पर मिसाइल निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रासायनिक सामान थे और उसे कई बार रुकने के आदेश दिए गए, लेकिन उसने आदेश नहीं माना।

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हेली ने आगे कहा कि यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि चीन ईरान की सरकार को सहयोग दे रहा है। उनके मुताबिक, ईरान को बाहरी समर्थन मिलने की आशंका अब नजरअंदाज नहीं की जा सकती।

किस जहाज को किया गया जब्त?

जब्त किए गए जहाज की पहचान टोस्का के रूप में हुई है। यह ईरानी झंडे वाला छोटा कंटेनर पोत इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान शिपिंग लाइन्स समूह का हिस्सा बताया गया है। यह वही शिपिंग कंपनी है, जिस पर पहले से अमेरिकी प्रतिबंध लागू हैं। जहाज को रविवार को चाबहार पोर्ट के तट के पास ओमान की खाड़ी में रोका गया। जहाज की गतिविधियों की जानकारी समुद्री ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म समुद्री यातायात के आंकड़ों से सामने आई।

अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश की गई

द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, इस जहाज को अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश के बाद रोका गया और बाद में चेतावनी के तौर पर चलाई गई गोलियों से इसका इंजन निष्क्रिय करने के बाद अमेरिकी बलों ने उस पर चढ़ाई की। शिपिंग डेटा के अनुसार जब्त किए जाने से पहले के हफ्तों में यह जहाज दो बार दक्षिणी चीन के झुहाई बंदरगाह पर गया था।

ईरान की सेना ने समुद्री डकैती करार दिया

ईरान की सेना ने अमेरिकी कार्रवाई को सशस्त्र समुद्री डकैती करार दिया है। तेहरान ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है और अमेरिका को इसके परिणाम भुगतने होंगे। ईरान ने यह भी घोषणा की कि जब तक अमेरिकी नाकेबंदी नहीं हटाई जाती, वह इस्लामाबाद में प्रस्तावित दूसरे दौर की वार्ता में हिस्सा नहीं लेगा।

ईरानी अधिकारियों ने कहा कि वे अमेरिकी बलों का सामना करने के लिए तैयार हैं, लेकिन जहाज पर चालक दल के परिवारों की मौजूदगी के कारण जवाबी कार्रवाई को लेकर सावधानी बरती जा रही है। इससे संकेत मिलता है कि स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।

जहाज पर लदे सामान को लेकर क्या संभावना जताई गई है?

दूसरी ओर, अमेरिकी सुरक्षा सूत्रों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि शुरुआती जांच में जहाज पर डुअल-यूज सामान होने की संभावना जताई गई है। ऐसे सामान का इस्तेमाल औद्योगिक और सैन्य, दोनों उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। अमेरिकी सैन्य कमान CENTCOM पहले भी धातु, पाइप, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामग्रियों को इस श्रेणी में रख चुकी है।

सूत्रों के अनुसार, यह जहाज पहले भी ऐसे सामान ढो चुका है, जिन्हें डुअल-यूज माना गया था। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने इस बार बरामद वस्तुओं का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया है। पूर्व अमेरिकी नौसेना अधिकारी चार्ली ब्राउन ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल से कहा कि नाकेबंदी तोड़ने का जोखिम उठाना उनके लिए फायदेमंद लग रहा होगा लेकिन उन्होंने गलत निर्णय लिया।

अमेरिका ने 2019 में लगाया था प्रतिबंध 

अमेरिका ने वर्ष 2019 में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान शिपिंग लाइन्स पर प्रतिबंध लगाते हुए आरोप लगाया था कि यह कंपनी ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के लिए सामग्री पहुंचाने का पसंदीदा माध्यम रही है। अमेरिका का कहना था कि यह शिपिंग नेटवर्क ईरानी हथियार कार्यक्रमों से जुड़ी खरीद और सप्लाई चेन में शामिल है।

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