Uranium: उत्तर कोरिया की न्यूक्लियर जानकारी उजागर, उपग्रह-आधारित खुफिया जानकारी साझा करने पर अमेरिकी रोक
अमेरिका ने दक्षिण कोरिया को उत्तर कोरिया पर खुफिया जानकारी साझा करने से आंशिक रोका, मंत्री के परमाणु खुलासे के बाद विवाद बढ़ा, हालांकि दक्षिण कोरियाई सेना ने तत्परता प्रभावित होने से इनकार किया।
विस्तार
अमेरिका ने दक्षिण कोरिया के साथ उत्तर कोरिया से जुड़ी उपग्रह-आधारित खुफिया जानकारी साझा करने पर आंशिक रोक लगा दी है। यह कदम दक्षिण कोरिया के एकीकरण (यूनिफिकेशन) मंत्री चुंग डोंग-यंग द्वारा उत्तर कोरिया की परमाणु सुविधा से संबंधित संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक किए जाने के बाद उठाया गया है। इस घटनाक्रम से दोनों सहयोगी देशों के बीच एक विवाद खड़ा हो गया है। हालांकि, दक्षिण कोरियाई सेना का कहना है कि इस रोक से उसकी तत्परता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
कुसोंग क्षेत्र यूरेनियम संवर्धन सुविधाओं में से एक
वॉशिंगटन ने यह निर्णय तब लिया जब पिछले महीने संसद के एक सत्र के दौरान मंत्री चुंग ने उत्तर कोरिया के कुसोंग क्षेत्र का उल्लेख करते हुए बताया था कि यह देश की यूरेनियम संवर्धन सुविधाओं में से एक है। उत्तर कोरिया से संबंधित ऐसी जानकारी का सार्वजनिक खुलासा एक दुर्लभ घटना मानी जाती है। एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने पुष्टि की, यह सच है कि इस महीने की शुरुआत से ही अमेरिका ने उपग्रहों के ज़रिए जुटाई गई उत्तर कोरियाई खुफिया जानकारी के कुछ हिस्सों को साझा करने पर रोक लगा दी है।" अधिकारी ने आगे कहा कि यह रोक उत्तर कोरिया की तकनीक के कुछ हिस्सों से जुड़ी जानकारी से संबंधित है।
अमेरिकी आपत्ति और मंत्री का स्पष्टीकरण
खबरों के मुताबिक, अमेरिका ने मंत्री चुंग द्वारा इस जानकारी को सार्वजनिक किए जाने पर आपत्ति जताई है। अमेरिका का मानना है कि यह जानकारी वाशिंगटन द्वारा साझा की गई खुफिया जानकारी पर आधारित थी। एकीकरण मंत्रालय ने पिछले हफ़्ते कहा था कि चुंग ने ये टिप्पणियां "सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी" के आधार पर की थीं। सोमवार को चुंग ने उन आरोपों पर खेद व्यक्त किया कि उनकी टिप्पणियों से जानकारी लीक हुई है। उन्होंने कहा कि कुसोंग का जिक्र करने का उनका मकसद दक्षिण कोरिया की उत्तर कोरिया नीति को स्पष्ट करना था।
खुफिया जानकारी साझा करने का महत्व
सहयोगी देश आमतौर पर उत्तर कोरिया की निगरानी से जुड़ी जानकारी जैसे कि मिसाइल लॉन्च गतिविधियां आपस में साझा करते रहे हैं। एक सूत्र के अनुसार, इस आंशिक रोक के बावजूद दक्षिण कोरियाई सेना को अपनी तत्परता बनाए रखने में कोई समस्या नहीं है। अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान दोनों देशों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। यह सहयोग उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों पर नजर रखने में मदद करता है। वर्तमान आंशिक रोक केवल कुछ विशिष्ट तकनीकी जानकारियों तक सीमित है।
उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम
उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का विषय रहे हैं। मंत्री चुंग के खुलासे ने कुसोंग को एक नई यूरेनियम संवर्धन सुविधा के रूप में उजागर किया। पहले से योंगब्योन और कांगसोन में ऐसी सुविधाओं की रिपोर्टें थीं। यूरेनियम संवर्धन परमाणु हथियार बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इस तरह की जानकारी का सार्वजनिक होना उत्तर कोरिया के परमाणु प्रसार प्रयासों पर प्रकाश डालता है। योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, प्रतिबंधित जानकारी उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रमों से संबंधित मानी जा रही है।

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