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West Asia LIVE: हंगरी आने पर नेतन्याहू को गिरफ्तार करेंगे, PM पीटर ने दी चेतावनी; लेबनान में IDF के हमले जारी
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वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
Published by: Nirmal Kant
Updated Tue, 21 Apr 2026 12:19 PM IST
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खास बातें
West Asia Crisis Live Updates: पश्चिम एशिया इस समय बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रहा है। एक ओर जहां संघर्ष के बीच युद्धविराम और बातचीत की उम्मीदें दिखाई दे रही हैं, वहीं दूसरी ओर तनाव और अस्थिरता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयासों में तेजी आई है, जिससे क्षेत्र में कुछ राहत की संभावना बनी है। इसी दौरान इस्राइल और लेबनान के बीच 10 दिन का युद्धविराम लागू होने से हालात कुछ हद तक शांत हुए हैं। अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से जुड़े तमाम पल-पल अपडेट्स...
पश्चिम एशिया संघर्ष
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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लाइव अपडेट
12:19 PM, 21-Apr-2026
हंगरी आने पर नेतन्याहू होंगे गिरफ्तार?
हंगरी के नए प्रधानमंत्री पीटर माग्यार ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि यदि इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू हंगरी की यात्रा पर आते हैं, तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। प्रधानमंत्री माग्यार ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट के नियमों के तहत होगी, क्योंकि नेतन्याहू के खिलाफ पहले से गिरफ्तारी वारंट जारी है।स्काई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, मैग्यार ने कहा कि जिन व्यक्तियों के खिलाफ ICC का वारंट मौजूद है, यदि वे हंगरी की सीमा में प्रवेश करते हैं, तो उन्हें हिरासत में लिया जाएगा।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हंगरी अंतरराष्ट्रीय अदालत का सदस्य बना रहेगा और पिछली सरकार द्वारा ICC से बाहर निकलने के फैसले को भी वापस लिया जाएगा।
10:32 AM, 21-Apr-2026
ईरान के जहाज पर चीन से मिसाइल केमिकल भेजे जाने का दावा
अमेरिकी रिपब्लिकन पार्टी की नेता और भारतीय मूल की निक्की हेली ने बड़ा दावा किया है कि अमेरिकी नौसेना द्वारा जब्त किए गए ईरानी जहाज में चीन से भेजी गई मिसाइलों से जुड़ी केमिकल सामग्री मौजूद थी। हेली के अनुसार, यह जहाज चीन से ईरान की ओर जा रहा था और बार-बार रुकने के आदेश के बावजूद आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने इस घटना को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि चीन की भूमिका अब छिपी नहीं रह गई है और वह ईरान को परोक्ष रूप से समर्थन दे रहा है।09:10 AM, 21-Apr-2026
एशियाई शेयर बाजारों में शुरुआती कारोबार में मजबूती
वैश्विक बाजारों में अनिश्चितताओं के बावजूद एशियाई शेयर बाजारों ने मंगलवार को मजबूत शुरुआत की। एमएससीआई का एशिया-पैसिफिक शेयरों का व्यापक सूचकांक (जापान को छोड़कर) 0.9% की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 2.1% उछलकर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया, जो ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद पहली बार देखा गया। वहीं, जापान का निक्केई 1.2% चढ़ा, जबकि ऑस्ट्रेलिया का प्रमुख ASX इंडेक्स 0.3% की गिरावट के साथ विपरीत रुख में रहा। कमोडिटी बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल 0.4% गिरकर 95.09 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी एसएंडपी 500 ई-मिनी फ्यूचर्स 0.1% की हल्की बढ़त में रहे।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 2.1% उछलकर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया, जो ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद पहली बार देखा गया। वहीं, जापान का निक्केई 1.2% चढ़ा, जबकि ऑस्ट्रेलिया का प्रमुख ASX इंडेक्स 0.3% की गिरावट के साथ विपरीत रुख में रहा। कमोडिटी बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल 0.4% गिरकर 95.09 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी एसएंडपी 500 ई-मिनी फ्यूचर्स 0.1% की हल्की बढ़त में रहे।
08:57 AM, 21-Apr-2026
गाजा के उत्तरी तट पर इस्राइली नौसेना की गोलीबारी में फलस्तीनी महिला की मौत
गाजा पट्टी एक बार फिर हिंसा की चपेट में आ गई है, जहां उत्तरी तट के पास इस्राइली नौसेना की गोलीबारी में एक फलस्तीनी महिला की मौत हो गई। अल जजीरा अरबी की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब इस्राइली युद्धपोतों ने समुद्री क्षेत्र में मौजूद लोगों को निशाना बनाया। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी पुष्टि की है कि सोमवार को हुए अलग-अलग इस्राइली हमलों में कुल पांच फलस्तीनियों की जान चली गई, जिससे क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया है।07:45 AM, 21-Apr-2026
अमेरिका-ईरान वार्ता में अटकी बड़ी बातें क्या हैं?
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर कई अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन पा रही है। बातचीत में प्रमुख विवाद बिंदु लगातार बाधा बने हुए हैं:-- ईरान का परमाणु कार्यक्रम: अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त करे, जबकि तेहरान का कहना है कि किसी भी प्रतिबंध की समयसीमा सीमित होनी चाहिए।
- यूरेनियम भंडार: डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ईरान के लगभग 400 किलोग्राम उच्च संवर्धित यूरेनियम पर नियंत्रण चाहता है, लेकिन ईरान ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है।
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: ईरान का कहना है कि वह इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर प्रतिबंध तब तक जारी रखेगा जब तक अमेरिका अपने प्रतिबंध नहीं हटाता, जबकि अमेरिका का रुख सख्त बना हुआ है।
- जमे हुए आर्थिक संपत्ति: ईरान करीब 20 अरब डॉलर की फ्रीज़्ड संपत्तियों को जारी करने और प्रतिबंधों में राहत की मांग कर रहा है।
- युद्ध क्षतिपूर्ति: तेहरान ने अमेरिका और इस्राइल के हमलों से हुए नुकसान के बदले लगभग 270 अरब डॉलर के मुआवजे की भी मांग उठाई है।
03:32 AM, 21-Apr-2026
ईरान बातचीत के लिए तैयार, लेकिन कमजोर स्थिति में नहीं: रिपोर्ट
पिछले कुछ घंटों में कूटनीतिक स्तर पर तेज गतिविधियां देखी गई हैं, खासकर पाकिस्तान के विदेश मंत्री की ओर से। वह ईरानी अधिकारियों को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। कुल मिलाकर स्थिति यह है कि ईरान ने आधिकारिक रूप से बातचीत से इनकार नहीं किया है। अल जजीरा ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी।संकेत यह भी मिल रहे हैं कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन वह किसी कमजोर स्थिति में बातचीत नहीं करना चाहता। इस बीच, ईरान ने होर्मुज में अमेरिकी हमलों के जवाब में बदला लेने की चेतावनी दी है। ईरान का कहना है कि वह इस क्षेत्र पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगा। हालांकि, अभी तक किसी तरह की जवाबी कार्रवाई देखने को नहीं मिली है।
ईरानी सेना का कहना है कि कई जहाजों पर परिवार और आम नागरिक मौजूद हैं, इसलिए सावधानी बरती जा रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी ईरान और अमेरिका दोनों के बीच सबसे बड़ा विवाद का मुद्दा बना हुआ है।
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03:25 AM, 21-Apr-2026
इस्राइल और लेबनान के बीच होगी दूसरे दौर की वार्ता: अमेरिका
अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि इस्राइल और लेबनान के बीच गुरुवार को वॉशिंगटन डीसी में दूसरे दौर की बातचीत होगी। इस्राइल सरकार इस प्रक्रिया पर ज्यादा कुछ नहीं कह रही है, क्योंकि यह बातचीत उसकी अपनी पसंद से शुरू नहीं हुई है।इस्राइल में यह माना जा रहा है कि यह प्रक्रिया वास्तव में अमेरिका के राष्ट्रपति की ओर से थोपी गई है, ठीक उसी तरह जैसे युद्धविराम की घोषणा भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की थी। इस्राइल की मांगें बहुत सख्त और अधिकतम हैं। वह अभी भी लेबनान के कुछ क्षेत्रों पर कब्जा बनाए हुए है।
उसने एक तथाकथित 'यलो लाइन' घोषित की है, ठीक वैसे ही जैसे गाजा में किया गया था, जहां वह धीरे-धीरे कई लेबनानी गांवों को नष्ट कर रहा है। यह 'येलो लाइन' लेबनान के एक तेल और गैस क्षेत्र तक भी फैली हुई है। इस्राइल इसे भविष्य की किसी भी बातचीत में एक दबाव या सौदेबाजी के हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकता है।
पिछले बयानों के अनुसार, इस्राइल लेबनान सरकार को कमजोर मानता है, लेकिन उस पर हिजबुल्ला को हथियार छोड़ने के लिए सैन्य कार्रवाई करने का दबाव बना रहा है। इस्राइल की यही मुख्य मांग है। इस्राइल का रुख यह है कि जब तक उसकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक कब्जा और कार्रवाई जारी रहेगी और गांवों को निशाना बनाना भी जारी रहेगा।
03:25 AM, 21-Apr-2026
West Asia LIVE: धमकियों के साए में नहीं होगी बातचीत, सैन्य तैयारी जारी: गालिबाफ
ईरान की संसद के अध्यक्ष और वार्ताकार मोहम्मद गालिबाफ ने कहा कि देश धमकियों के दबाव में किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेगा। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि अगर वार्ता विफल होती है तो ईरान ने नई सैन्य क्षमताओं की तैयारी भी कर ली है।गालिबाफ ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ट्रंप घेराबंदी करके और युद्धविराम का उल्लंघन करके अपनी कल्पना में इस बातचीत की मेज को समर्पण की मेज बनाना चाहते हैं या फिर नए युद्ध को उचित ठहराना चाहते हैं।उन्होंने आगे कहा, हम धमकियों के साए में बातचीत स्वीकार नहीं करते। पिछले दो हफ्तों में हमने जंग के मैदान में नए कदम और नई क्षमताओं को सामने लाने की तैयारी की है।
03:13 AM, 21-Apr-2026

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