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Afghanistan: अफगानिस्तान में भारी बर्फबारी और बारिश का कहर; तीन दिनों में 61 लोगों की मौत, 100 से अधिक घायल

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल Published by: शिवम गर्ग Updated Sat, 24 Jan 2026 11:19 PM IST
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सार

अफगानिस्तान में पिछले तीन दिनों से जारी भारी बर्फबारी और मूसलाधार बारिश ने व्यापक तबाही मचाई है। देश के 15 प्रांतों में मौसम की मार से 61 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। सैकड़ों घर पूरी तरह या आंशिक रूप से नष्ट हो गए हैं, जिससे हजारों लोग बेघर हो गए। 

Afghanistan Hit by Heavy Snowfall and Rain: More than 60 Dead, Over 100 Injured in Three Days
बर्फबारी (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अफगानिस्तान में बीते तीन दिनों से जारी भारी बर्फबारी और मूसलाधार बारिश ने व्यापक तबाही मचा दी है। देश की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, इस दौरान कम से कम 61 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 110 से अधिक लोग घायल हुए हैं। खराब मौसम के चलते राहत और बचाव कार्यों में भी भारी दिक्कतें आ रही हैं।

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आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रवक्ता यूसुफ हम्माद ने बताया कि देश के 34 में से 15 प्रांत इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं। सैकड़ों गांवों का संपर्क कट गया है, कई सड़कें बर्फ से ढकी हुई हैं और दुर्गम इलाकों तक पहुंचना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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458 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त
आंकड़ों के अनुसार, 458 घर पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं और बड़ी संख्या में पशुधन की भी मौत हुई है, जिससे पहले से आर्थिक संकट झेल रहे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे दूरदराज इलाकों से जानकारी मिल रही है, मृतकों और घायलों की संख्या में इजाफा हो सकता है। अफगानिस्तान पहले से ही चरम मौसम घटनाओं के प्रति बेहद संवेदनशील रहा है। अचानक बाढ़, भारी बारिश और बर्फबारी यहां हर साल दर्जनों, कभी-कभी सैकड़ों जानें ले लेती हैं।

2024 में 300 से ज्यादा लोगों की हुई थी मौत
साल 2024 में ही वसंत ऋतु की बाढ़ में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। विशेषज्ञों के अनुसार, दशकों से चला आ रहा संघर्ष, कमजोर बुनियादी ढांचा, गरीबी, वनों की कटाई और जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव ने आपदाओं को और घातक बना दिया है। ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों की भरमार है, जो भारी बारिश या बर्फबारी का सामना नहीं कर पाते। स्थिति को और गंभीर बनाता है यह तथ्य कि देश के पूर्वी हिस्से अभी भी पिछले साल आए भीषण भूकंपों से उबर नहीं पाए हैं। अगस्त और नवंबर में आए इन भूकंपों में 2,200 से अधिक लोगों की जान गई थी और हजारों परिवार बेघर हो गए थे।

यूनिसेफ के मुताबिक, भूकंप प्रभावित इलाकों में करीब 2.7 लाख बच्चे जानलेवा ठंड और बीमारियों के गंभीर खतरे में हैं। वहीं, संयुक्त राष्ट्र ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि 2026 तक अफगानिस्तान दुनिया के सबसे बड़े मानवीय संकटों में से एक बना रहेगा। संयुक्त राष्ट्र और उसके साझेदार संगठनों ने अफगानिस्तान में लगभग 1.8 करोड़ जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए 1.7 अरब डॉलर की आपात अपील भी जारी की है। 

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