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खतरनाक : परमाणु बम वाले शक्तिशाली सुपर कंप्यूटर से बनाने लगे बिटक्वाइन
एजेंसी, वाशिंगटन
Updated Sat, 10 Feb 2018 04:52 PM IST
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इसे लालच की पराकाष्ठा ही कहेंगे। रूस के एक परमाणु हथियार केंद्र के कई वैज्ञानिक सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल बिटक्वाइन बनाने में कर रहे थे। यह सुपर कंप्यूटर रूस के सबसे शक्तिशाली और सुरक्षित सुपर कंप्यूटर में से एक माना जाता है। इन आरोपी वैज्ञानिकों को गिरफ्तार कर फेडरल सुरक्षा सर्विस को सौंप दिया गया है।
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बीबीसी और इंटरफैक्स न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक रूस के परमाणु केंद्र के इन वैज्ञानिकों को इस हफ्ते गिरफ्तार किया गया था। संदेह है कि आरोपी शक्तिशाली सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल बिटक्वाइन माइनिंग के लिए कर रहे थे। अतिक्रमण की यह घटना सारोव फेडरल न्यूक्लियर सेंटर में घटी।
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यह उच्च खुफिया केंद्र कंटीले तार से घिरा हुआ है। यहीं पर शीत युद्ध काल में रूस ने अपना पहला परमाणु बम बनाया था और यहां बीस हजार से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। परमाणु केंद्र की प्रेस सेवा की ओर से कहा गया है कि कंप्यूटर का इस्तेमाल निजी मकसद जैसे बिटक्वाइन के लिए हो रहा था। सभी आरोपी वैज्ञानिकों पर आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है।
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सुरक्षा पर उठने लगे सवाल
बिटकॉइन
- फोटो : amar ujala
सुरक्षा पर उठने लगे सवाल
आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन के के निदेशक किंगस्टन रेफ ने कहा, यह घटना सुरक्षा संबंधी कई सवाल उठाती है। अमेरिका और रूस के पास परमाणु हथियारों का सबसे बड़ा भंडार है, लेकिन इसके रखरखाव पर अब दोनों देश मिलकर काम नहीं करते हैं। कुछ साल पहले यह सहयोग खत्म हो गया।
सबसे बड़ी चिंता है कि रूस के परमाणु हथियारों को उसके अपने ही लोगों से खतरा है। परमाणु बम आतंकियों के हाथ लग सकते हैं। रेफ के मुताबिक अच्छी बात यह है कि सिक्योरिटी सिस्टम ने सुपर कंप्यूटर के गलत इस्तेमाल पर सबको अलर्ट कर दिया और संदिग्ध जल्द पकड़े गए।
1000 ट्रिलियन गणना हर सेकेंड
बिटक्वाइन बनाने के लिए बेहद जटिल गणनाओं को हल करना पड़ता है और इसमें ढेर सारी बिजली भी खर्च होती है। इसलिए ही आरोपी वैज्ञानिकों ने वर्चुअल करेंसी बनाने के लिए सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल किया। यह कंप्यूटर एक हजार ट्रिलियन गणना हर सेकेंड कर सकता है।
आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन के के निदेशक किंगस्टन रेफ ने कहा, यह घटना सुरक्षा संबंधी कई सवाल उठाती है। अमेरिका और रूस के पास परमाणु हथियारों का सबसे बड़ा भंडार है, लेकिन इसके रखरखाव पर अब दोनों देश मिलकर काम नहीं करते हैं। कुछ साल पहले यह सहयोग खत्म हो गया।
सबसे बड़ी चिंता है कि रूस के परमाणु हथियारों को उसके अपने ही लोगों से खतरा है। परमाणु बम आतंकियों के हाथ लग सकते हैं। रेफ के मुताबिक अच्छी बात यह है कि सिक्योरिटी सिस्टम ने सुपर कंप्यूटर के गलत इस्तेमाल पर सबको अलर्ट कर दिया और संदिग्ध जल्द पकड़े गए।
1000 ट्रिलियन गणना हर सेकेंड
बिटक्वाइन बनाने के लिए बेहद जटिल गणनाओं को हल करना पड़ता है और इसमें ढेर सारी बिजली भी खर्च होती है। इसलिए ही आरोपी वैज्ञानिकों ने वर्चुअल करेंसी बनाने के लिए सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल किया। यह कंप्यूटर एक हजार ट्रिलियन गणना हर सेकेंड कर सकता है।