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US Advisory: पश्चिम एशिया तनाव के बीच अमेरिका की नई एडवाइजरी, जॉर्डन और यरूशलम की यात्रा से बचने की दी सलाह
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Himanshu Singh Chandel
Updated Tue, 03 Mar 2026 05:46 PM IST
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सार
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने जॉर्डन और यरूशलम की यात्रा पर सख्त एडवाइजरी जारी की है। गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों को जॉर्डन छोड़ने को कहा गया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के परमाणु कार्यक्रम को स्थायी रूप से रोकना चाहते हैं।
यूएस ने जारी की नई एडवाइजरी
- फोटो : PTI
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विस्तार
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों को जॉर्डन और यरूशलम की यात्रा को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है। अमेरिकी दूतावास ने सुरक्षा हालात को देखते हुए लोगों से इन इलाकों की यात्रा पर पुनर्विचार करने को कहा है। साथ ही गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को जॉर्डन छोड़ने का निर्देश दिया गया है। यह कदम क्षेत्र में तेजी से बदलते हालात के मद्देनजर उठाया गया है।
अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी से बढ़ी दुश्मनी के बाद ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा बना हुआ है। इसके चलते खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में कमर्शियल उड़ानों पर भी असर पड़ा है। अमेरिकी दूतावास ने कहा है कि हालात अस्थिर और अप्रत्याशित हैं। ऐसे में यात्रा करने से पहले पूरी तैयारी जरूरी है।
जॉर्डन में कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश
अमेरिकी दूतावास ने 2 मार्च को जॉर्डन में तैनात गैर-आपातकालीन अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने को कहा। एडवाइजरी में आतंकवाद और सशस्त्र संघर्ष के खतरे का जिक्र किया गया है। दूतावास ने अपने कामकाज में बदलाव की भी जानकारी दी है।
ये भी पढ़ें- रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला, ट्रंप बोले- जल्द देंगे जवाब; पढ़ें जंग के अपडेट्स
यरूशलम को लेकर विशेष चेतावनी
यरूशलम में अमेरिकी दूतावास ने कहा है कि वह इस्राइल से निकलने वाले अमेरिकियों को सीधे निकालने की स्थिति में नहीं है। इजरायली पर्यटन मंत्रालय ने ताबा बॉर्डर क्रॉसिंग के लिए 2 मार्च से शटल सेवा शुरू की है। जो लोग जाना चाहते हैं उन्हें इवैक्यूएशन फॉर्म भरकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। हालांकि अमेरिकी दूतावास ने साफ किया है कि वह इस शटल सेवा की कोई गारंटी या सिफारिश नहीं करता।
आपातकालीन योजना बनाने की सलाह
दूतावास ने कहा है कि जो लोग इन क्षेत्रों में हैं या जाने की योजना बना रहे हैं, वे अपनी सुरक्षा योजना खुद बनाएं। किसी भी इमरजेंसी में अमेरिकी सरकार की मदद पर पूरी तरह निर्भर न रहें। आसपास की गतिविधियों पर नजर रखें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति का बयान
इसी बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि तेहरान के साथ लंबी बातचीत के बावजूद समय निकल रहा था। उन्होंने दावा किया कि ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के दौरान यूरेनियम संवर्धन फैसिलिटी को नुकसान पहुंचाया गया। वेंस ने कहा कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान को स्थायी रूप से परमाणु हथियार बनाने से रोकना है।
वेंस ने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना के पास ईरान के परमाणु और मिसाइल ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाने की क्षमता है। उन्होंने संकेत दिया कि राष्ट्रपति के पास कई विकल्प मौजूद हैं। विदेश मंत्री मार्को रुबियो की संभावित कड़े कदम की टिप्पणी के बाद यह बयान आया है।
दुबई में भारतीय दूतावास ने भी जारी की एडवाइजरी
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच दुबई स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे भारतीयों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने और सतर्क रहने की अपील की है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी संदेश में कहा गया कि मौजूदा क्षेत्रीय हालात को देखते हुए सभी भारतीय नागरिक स्थानीय प्रशासन और दूतावास द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। अबू धाबी में भारतीय दूतावास और दुबई में वाणिज्य दूतावास सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर नई जानकारी जारी करेंगे।
आपातकालीन सहायता के लिए यूएई में भारतीय नागरिक टोल फ्री नंबर 800-46342 और व्हाट्सएप +971543090571 पर संपर्क कर सकते हैं।
यह एडवाइजरी रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमलों के बाद आई है। हमलों के बाद अमेरिकी दूतावास ने भी सऊदी अरब में अपने नागरिकों को शेल्टर-इन-प्लेस की सलाह दी और सैन्य ठिकानों की यात्रा से बचने को कहा है। क्षेत्र में हालात को देखते हुए नागरिकों से व्यक्तिगत सुरक्षा योजना तैयार रखने की अपील की गई है।
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अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी से बढ़ी दुश्मनी के बाद ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा बना हुआ है। इसके चलते खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में कमर्शियल उड़ानों पर भी असर पड़ा है। अमेरिकी दूतावास ने कहा है कि हालात अस्थिर और अप्रत्याशित हैं। ऐसे में यात्रा करने से पहले पूरी तैयारी जरूरी है।
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जॉर्डन में कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश
अमेरिकी दूतावास ने 2 मार्च को जॉर्डन में तैनात गैर-आपातकालीन अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने को कहा। एडवाइजरी में आतंकवाद और सशस्त्र संघर्ष के खतरे का जिक्र किया गया है। दूतावास ने अपने कामकाज में बदलाव की भी जानकारी दी है।
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यरूशलम को लेकर विशेष चेतावनी
यरूशलम में अमेरिकी दूतावास ने कहा है कि वह इस्राइल से निकलने वाले अमेरिकियों को सीधे निकालने की स्थिति में नहीं है। इजरायली पर्यटन मंत्रालय ने ताबा बॉर्डर क्रॉसिंग के लिए 2 मार्च से शटल सेवा शुरू की है। जो लोग जाना चाहते हैं उन्हें इवैक्यूएशन फॉर्म भरकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। हालांकि अमेरिकी दूतावास ने साफ किया है कि वह इस शटल सेवा की कोई गारंटी या सिफारिश नहीं करता।
आपातकालीन योजना बनाने की सलाह
दूतावास ने कहा है कि जो लोग इन क्षेत्रों में हैं या जाने की योजना बना रहे हैं, वे अपनी सुरक्षा योजना खुद बनाएं। किसी भी इमरजेंसी में अमेरिकी सरकार की मदद पर पूरी तरह निर्भर न रहें। आसपास की गतिविधियों पर नजर रखें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति का बयान
इसी बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि तेहरान के साथ लंबी बातचीत के बावजूद समय निकल रहा था। उन्होंने दावा किया कि ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के दौरान यूरेनियम संवर्धन फैसिलिटी को नुकसान पहुंचाया गया। वेंस ने कहा कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान को स्थायी रूप से परमाणु हथियार बनाने से रोकना है।
वेंस ने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना के पास ईरान के परमाणु और मिसाइल ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाने की क्षमता है। उन्होंने संकेत दिया कि राष्ट्रपति के पास कई विकल्प मौजूद हैं। विदेश मंत्री मार्को रुबियो की संभावित कड़े कदम की टिप्पणी के बाद यह बयान आया है।
दुबई में भारतीय दूतावास ने भी जारी की एडवाइजरी
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच दुबई स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे भारतीयों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने और सतर्क रहने की अपील की है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी संदेश में कहा गया कि मौजूदा क्षेत्रीय हालात को देखते हुए सभी भारतीय नागरिक स्थानीय प्रशासन और दूतावास द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। अबू धाबी में भारतीय दूतावास और दुबई में वाणिज्य दूतावास सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर नई जानकारी जारी करेंगे।
आपातकालीन सहायता के लिए यूएई में भारतीय नागरिक टोल फ्री नंबर 800-46342 और व्हाट्सएप +971543090571 पर संपर्क कर सकते हैं।
यह एडवाइजरी रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमलों के बाद आई है। हमलों के बाद अमेरिकी दूतावास ने भी सऊदी अरब में अपने नागरिकों को शेल्टर-इन-प्लेस की सलाह दी और सैन्य ठिकानों की यात्रा से बचने को कहा है। क्षेत्र में हालात को देखते हुए नागरिकों से व्यक्तिगत सुरक्षा योजना तैयार रखने की अपील की गई है।
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