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Bangladesh: बांग्लादेश का दावा, अल्पसंख्यकों से जुड़ी ज्यादातर घटनाएं आपराधिक, हिंदू संगठनों ने उठाए सवाल

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: अमन तिवारी Updated Mon, 19 Jan 2026 06:07 PM IST
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सार

बांग्लादेश सरकार ने दावा किया है कि 2025 में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हुई 645 घटनाओं में से सिर्फ 71 सांप्रदायिक थीं। बाकी की घटनाए आपराधिक थीं। वहीं हिंदू संगठनों ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि चुनाव से पहले हिंसा बढ़ी है सरकार के इन दावों से अपराधियों को बढ़ावा मिलेगा।

Bangladesh Minority Attacks Interim Govt Says Most 2025 Incidents Were Criminals Not Communal
बांग्लादेश का झंडा - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने सोमवार को कहा कि साल 2025 में अल्पसंख्यक समुदायों के साथ हुई ज्यादातर घटनाएं आपराधिक प्रकृति की थीं। सरकार का कहना है कि ये घटनाएं सांप्रदायिक वजहों से नहीं हुई थीं। यह बयान भारत की उस टिप्पणी के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें नई दिल्ली ने 9 जनवरी को बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों पर चिंता जताई थी।
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सरकार ने जारी किए आंकड़े
मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के कार्यालय ने जारी बयान में आधिकारिक पुलिस रिकॉर्ड की साल भर की समीक्षा का हवाला देते हुए कहा गया है कि जनवरी और दिसंबर 2025 के बीच पूरे बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़ी कुल 645 घटनाएं दर्ज की गईं। सरकार ने दावा किया कि इनमें से केवल 71 घटनाओं में सांप्रदायिक तत्व पाए गए। इन सांप्रदायिक घटनाओं में-
  • मंदिर में तोड़फोड़: 38 
  • आगजनी: 8
  • चोरी: 1
  • हत्या: 1
  • अन्य (मूर्ति तोड़ने की धमकी, सोशल मीडिया पोस्ट आदि): 23 घटनाएं शामिल हैं।

बयान में कहा गया है कि इनमें से 50 घटनाओं में पुलिस मामले दर्ज किए गए और उतनी ही संख्या में गिरफ्तारियां की गईं, जबकि 21 मामलों में अन्य निवारक या जांच उपाय किए गए। बाकी बची 574 घटनाएं धर्म से संबंधित नहीं थीं, बल्कि आपराधिक या सामाजिक विवादों से जुड़ी थीं। इन घटनाओं में- 
  • पड़ोस के विवाद: 51
  • जमीन संबंधी झगड़े: 23
  • चोरी: 106
  • पुरानी दुश्मनी: 26
  • दुष्कर्म: 58
  • अप्राकृतिक मौत: 172 घटनाएं शामिल हैं।

बयान में कहा गया है कि इन मामलों में पुलिस ने 390 केस दर्ज किए और 498 लोगों को गिरफ्तार किया। साथ ही 30 घटनाओं में अतिरिक्त उपाय किए गए।

हिंदू संगठन ने उठाए सवाल
बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद (बीएचबीसीयूसी) के नेता काजल देबनाथ ने सरकार के इस वर्गीकरण पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा, "अगर सरकार मानती है कि ये सांप्रदायिक घटनाएं नहीं हैं, तो क्या किसी को भी कानून हाथ में लेने की छूट है?" उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे बयानों से अपराधियों का मनोबल बढ़ेगा। परिषद ने दावा किया कि 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनावों से पहले हिंसा बढ़ रही है ताकि अल्पसंख्यक वोट न दे सकें। अकेले दिसंबर 2025 में सांप्रदायिक हिंसा की 51 घटनाएं हुईं।

भारत की प्रतिक्रिया
भारत ने नौ जनवरी को कहा था कि बांग्लादेश में चरमपंथियों की ओर से अल्पसंख्यकों और उनके घरों पर हमलों का एक परेशान करने वाला प्रवृत्ति दिख रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि इन घटनाओं को आपसी दुश्मनी या बाहरी कारणों से जोड़ना गलत है। बता दें कि अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार गिरने के बाद से दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण हैं।

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जनसंख्या के आंकड़े
2022 की जनगणना के मुताबिक, बांग्लादेश में करीब 1.31 करोड़ (13.13 मिलियन) हिंदू हैं, जो कुल आबादी का 7.95% हैं। इसके अलावा 1.01 लाख बौद्ध, पांच लाख ईसाई और दो लाख अन्य धर्मों के लोग वहां रहते हैं।

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