BRICS: अजीत डोभाल ने चीन पर साधा निशाना, कहा- आतंक पर लगाम लगाने के लिए ब्रिक्स के साथ काम करना जरूरी
चीन और पाकिस्तान के बीच संबंध काफी अच्छे हैं। इस वजह से चीन आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में भी अड़ंगा लगाता है। चीन के कम्युनिस्ट नेतृत्व ने आतंकी संगठनों को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने के संयुक्त राष्ट्र के कदम को बार-बार रोका है।
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ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (एनएसए) की बैठक में अजीत डोभाल ने कहा कि आतंक पर लगाम लगाने के लिए ब्रिक्स देशों का साथ काम करना जरूरी है। चीन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, आतंकियों और उनके परोक्ष मददगारों को संयुक्त राष्ट्र आतंक रोधी प्रतिबंध व्यवस्था के तहत सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया को राजनीति और दोहरे मानकों से म़ुक्त रखने की जरूरत है। चीन के विदेश मंत्री और शीर्ष राजनयिक वांग यी की मौजूदगी में डोभाल ने चीन का नाम लिए बिना कहा कि कुछ देश इस प्रक्रिया को तुच्छ स्वार्थ और द्वेषपूर्ण राजनीतिक उद्देश्यों से बाधित करते हैं।
असल में भारत जब भी पाकिस्तान आधारित किसी आतंकी संगठन और आतंकी पर प्रतिबंध के प्रयास करता है, तो चीन अड़ंगा लगा देता है। हाल ही में चीन ने लश्कर-ए-तायबा पर प्रतिबंध के प्रयासों को बाधित किया। ब्रिक्स की 13वीं एनएसए बैठक में डोभाल ने कहा, पाकिस्तान-अफगानिस्तान में आतंकी संगठन बेखौफ चल रहे हैं। इनसे पूरी दुनिया को खतरा है। भले ही कोई देश इसे प्रत्यक्ष महसूस करे या नहीं। उन्होंने कहा, आतंकियों पर कड़े प्रतिबंध लगाने में ब्रिक्स का साथ काम करना आतंक के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में बड़ी छलांग साबित होगा।
वैश्विक सुरक्षा वातावरण में तनाव
डोभाल ने कहा, अनिश्चितता के साथ वैश्विक सुरक्षा वातावरण में तनाव बढ़ रहा है। डगमग वैश्विक अर्थव्यवस्था, महामारी के दुष्प्रभाव, साइबर व समुद्री अपराध और अंतरिक्ष तक पसरे विवादों के साथ ही भोजन, पानी और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में चुनौतियां बढ़ रही हैं। इनसे निपटने में ब्रिक्स देशों के बीच व्यापक सहयोग वैश्विक स्तर पर राहत दे सकता है।
पानी, भोजन या ऊर्जा न बने हथियार
डोभाल ने कहा, भोजन, पानी या ऊर्जा को हथियार की तरह इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। चीन की तरफ से ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध बनाने और पाकिस्तान की तरफ से भारत की विकास परियोजनाओं में अड़ंगा लगाने के संदर्भ में नाम लिए बिना उन्होंने कहा, भोजन, पानी और ऊर्जा की न्यायसंगत और निष्पक्ष पहुंच के लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत क्षेत्रीय तंत्रों का इस्तेमाल हो।
ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस बनाएगा भारत
अजीत डोभाल ने बताया कि ऊर्जा क्षेत्र में बड़े परिवर्तन के लिए भारत ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस बनाने जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने जलवायु परिवर्तन से लड़ने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली (लाइफ) के तहत मोटे अनाज की हिस्सेदारी को बढ़ाने में ब्रिक्स देशों से सहयोग मांगा। इसके साथ ही उन्होंने भारत की जी-20 अध्यक्षता के लिए दक्षिण अफ्रीका के सहयोग की सराहना करते हुए दक्षिण अफ्रीका की ब्रिक्स अध्यक्षता के लिए भारत के निरंतर समर्थन का आश्वासन दिया।
निर्बाध हो टेक मटेरियल की आपूर्ति
चिप और बैटरियां बनाने में काम आने वाले मटेरियल पर चीन के निर्यात प्रतिबंध को वैश्विक विकास में बाधा बताते हुए भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने कहा, विकासशील देशों की तरक्की में तकनीक बेहद ही महत्वपूर्ण घटक है। लिहाजा, टेक मटेरियल की किफायती और निर्बाध उपलब्धता आवश्यक है। उन्होंन कहा, उभरती तकनीकों से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में भी टेक मटेरियल की सतत आपूर्ति अहम है।
इन देशों में आतंकवादी बेखौफ
ब्रिक्स समूह में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। 13वीं ब्रिक्स एनएसए बैठक में डोभाल ने कहा कि आतंकवाद राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए प्रमुख खतरों में से एक है। उन्होंने साथ ही इस बात भी जोर दिया कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान में आतंकवादी संगठन बेखौफ होकर काम कर रहे हैं।
दक्षिण अफ्रीका की सराहना
इस बैठक में डोभाल ने भारत की वर्तमान जी20 अध्यक्षता के लिए दक्षिण अफ्रीका द्वारा दिए गए सहयोग की सराहना की। साथ ही इस वर्ष दक्षिण अफ्रीका की ब्रिक्स अध्यक्षता के लिए भारत के निरंतर समर्थन का आश्वासन दिया।