सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त

रिपोर्ट में दावा: ब्रिटेन में हिंदू ज्यादा समझदार, अमीर और अच्छे व्यवहार वाले, जेलों में सिर्फ 0.4% ही बंद

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 31 Oct 2022 08:53 PM IST
सार

रिपोर्ट में कहा गया, वे (हिंदू) ईसाइयों से योग्य हैं और उनसे ज्यादा कमाते हैं। 10 डाउनिंग स्ट्रीट पर अब एक डॉक्टर की दूसरी पीढ़ी का बेटा है। 1947 में भारत की आजादी और खूनी विभाजन के बाद हिंदू प्रवासियों की पहली बड़ी लहर ब्रिटेन में आई।

विज्ञापन
Britains Hindus are smart rich and very well behaved report
Hindus In UK - फोटो : hindumattersinbritain.co.uk (Symbolic Image)

ऋषि सुनक के प्रधानमंत्री बनने के कुछ दिन बाद ब्रिटेन में रह रहे हिंदुओं पर एक रिपोर्ट सामने आई है। इसके मुताबिक, साल 2021 में देश की विभिन्न जेलों में सिर्फ 0.4 फीसदी ही हिंदू कैदी पाए गए। ब्रिटेन में रहने वाले हिंदू ज्यादा समझदार, अमीर और बहुत अच्छे व्यवहार वाले हैं। शीर्ष पद पहुंचने वाले कंजर्वेटिव पार्टी के सुनक पहले हिंदू हैं। 

Trending Videos

ब्रिटेन की विभिन्न जेलों में सिर्फ 329 हिंदू कैदी

Britains Hindus are smart rich and very well behaved report
कैदी (सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया
'द टाइम्स न्यूज' की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इंग्लैंड और वेल्स अब 983,000 हिंदुओं का घर बन चुका है। लंदन के कब्रिस्तानों में दिखाया गया है कि हिंदू पांच सौ वर्षों से ब्रिटेन आते रहे हैं। यह आव्रजन (इमिग्रेशन) की सफलता की कहानी है। ब्रिटेन की जेलों में सिर्फ 329 हिंदू हैं। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

ईसाइयों से ज्यादा कमाते हैं हिंदू

Britains Hindus are smart rich and very well behaved report
ऋषि सुनक - फोटो : Twitter/ Rishi Sunak
रिपोर्ट में कहा गया, वे (हिंदू) ईसाइयों से योग्य हैं और उनसे ज्यादा कमाते हैं। नंबर टेन (10 डाउनिंग स्ट्रीट) पर अब एक डॉक्टर की दूसरी पीढ़ी का बेटा है।  

 

1947 में आई हिंदू प्रवासियों की पहली लहर

Britains Hindus are smart rich and very well behaved report
15 अगस्त 1947 - फोटो : सोशल मीडिया
अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, 1947 में भारत की आजादी और खूनी विभाजन के बाद हिंदू प्रवासियों की पहली बड़ी लहर ब्रिटेन में आई। यहा श्रम की कमी को दूर करने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया गया। यहां तक स्वास्थ्य मंत्री हनोक पॉवेल ने भी अपने कार्यकाल के दौरान भारतीय उपमहाद्वीप से स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती की। जबकि पॉवेल प्रवासियों को बसाने का विरोध करते रहे हैं। 
 
विज्ञापन

युगांडा से भागकर ब्रिटेन में बसे थे 2700 भारतीय

Britains Hindus are smart rich and very well behaved report
ईदी अमीन - फोटो : सोशल मीडिया

प्रवासियों की दूसरी लहर 1970 के दशक में पूर्वी अफ्रीका से आई। उस समय ईदी अमीन ने युगांडा की एशियाई आबादी को देश से निष्कासित किया था। इनमें 4,500 प्रवासी भारतीय अपने देश चले गए, जबकि 27,00 ब्रिटेन में बस गए। 1990 के दशक में ब्रिटेन द्वारा विदेशी छात्रों के इमिग्रेशन कानूनों में ढील देने के बाद प्रवासियों की तीसरी लहर देश में आई। 


 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed