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UK: हत्या का दोषी पाया गया भारतीय मूल का सिख युवक, कृपाण से किए पांच वार; मां पर भी था सबूत छिपाने का आरोप
पीटीआई, लंदन।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 28 May 2026 07:52 PM IST
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सार
ब्रिटेन में भारतीय मूल के युवक विक्रम डिगवा को 18 वर्षीय छात्र की चाकू मारकर हत्या का दोषी पाया गया है, जबकि उसकी मां को सबूत छिपाने में मदद करने का दोषी माना गया। दोषियों को अलग-अलग तारीखों पर सजा सुनाई जाएगी। पढ़िए रिपोर्ट-
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
ब्रिटेन में भारतीय मूल के एक सिख युवक विक्रम डिगवा को एक छात्र की चाकू (कृपाण) मारकर हत्या करने का दोषी पाया गया है। यह घटना दक्षिण-पूर्व इंग्लैंड में हुई थी, जब छात्र रात बाहर से लौट रहा था।
पांच बार किया कृपाण से वार
पुलिस के मुताबिक, विक्रम डिगवा (23 वर्षीय) ने 21 सेंटीमीटर लंबे कृपाण से हेनरी नोवाक (18 वर्षीय) पर पांच बार वार किया। उसने दावा किया कि उसने आत्मरक्षा में हमला किया था और कृपाण धार्मिक कारणों से साथ रखता था। हालांकि, अदालत ने उसे हत्या का दोषी पाया।
मां भी मदद करने की दोषी
इस मामले में उसकी 53 वर्षीय मां किरण कौर को भी आरोपी की मदद करने का दोषी पाया गया है। अदालत ने कहा कि मामला जटिल था और सजा अलग-अलग तारीखों पर सुनाई जाएगी।
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अभियोजन पक्ष ने क्या कहा?
अभियोजन पक्ष ने कहा कि यह मामला धर्म या नस्ल का नहीं, बल्कि सीधे तौर पर हत्या का है। कोर्ट ने यह भी पाया कि आरोपी ने पुलिस को गुमराह किया और शुरू में घटना को छिपाने की कोशिश की।
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
घटना के बाद पुलिस के शुरुआती व्यवहार पर सवाल उठे, क्योंकि पहले मृतक को हाथकड़ी लगा दी गई थी। बाद में स्थिति साफ होने पर पुलिस ने उसे हटाया और मदद करने की कोशिश की।
ये भी पढ़ें: भारत-अमेरिका संबंध: NYT ने लिखा- रूबियो का दौरा 'पेनकिलर' जैसा, लेकिन रिश्ते सुधारने के लिए असली दवा की जरूरत
आरोपी ने घटना का वीडियो बनाया
कोर्ट में यह भी सामने आया कि आरोपी ने पीड़ित के लिए तुरंत मांगने के बजाय घटना का वीडियो बनाया। दिगवा की मां ने कृपाण घटनास्थल से हटा दिया। बाद में पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
संसद में भी हुई थी चर्चा
इस मामले पर ब्रिटेन की संसद में भी चर्चा हुई थी। कुछ नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। वहीं, सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। अदालत ने माना कि यह एक गंभीर और जानलेवा हमला था, जिसमें एक युवा छात्र की जान चली गई और आरोपी को हत्या का दोषी करार दिया गया।
पांच बार किया कृपाण से वार
पुलिस के मुताबिक, विक्रम डिगवा (23 वर्षीय) ने 21 सेंटीमीटर लंबे कृपाण से हेनरी नोवाक (18 वर्षीय) पर पांच बार वार किया। उसने दावा किया कि उसने आत्मरक्षा में हमला किया था और कृपाण धार्मिक कारणों से साथ रखता था। हालांकि, अदालत ने उसे हत्या का दोषी पाया।
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मां भी मदद करने की दोषी
इस मामले में उसकी 53 वर्षीय मां किरण कौर को भी आरोपी की मदद करने का दोषी पाया गया है। अदालत ने कहा कि मामला जटिल था और सजा अलग-अलग तारीखों पर सुनाई जाएगी।
अभियोजन पक्ष ने क्या कहा?
अभियोजन पक्ष ने कहा कि यह मामला धर्म या नस्ल का नहीं, बल्कि सीधे तौर पर हत्या का है। कोर्ट ने यह भी पाया कि आरोपी ने पुलिस को गुमराह किया और शुरू में घटना को छिपाने की कोशिश की।
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
घटना के बाद पुलिस के शुरुआती व्यवहार पर सवाल उठे, क्योंकि पहले मृतक को हाथकड़ी लगा दी गई थी। बाद में स्थिति साफ होने पर पुलिस ने उसे हटाया और मदद करने की कोशिश की।
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आरोपी ने घटना का वीडियो बनाया
कोर्ट में यह भी सामने आया कि आरोपी ने पीड़ित के लिए तुरंत मांगने के बजाय घटना का वीडियो बनाया। दिगवा की मां ने कृपाण घटनास्थल से हटा दिया। बाद में पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
संसद में भी हुई थी चर्चा
इस मामले पर ब्रिटेन की संसद में भी चर्चा हुई थी। कुछ नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। वहीं, सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। अदालत ने माना कि यह एक गंभीर और जानलेवा हमला था, जिसमें एक युवा छात्र की जान चली गई और आरोपी को हत्या का दोषी करार दिया गया।