फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Cash strapped Pakistan seeks USD 4 bn loan from Middle East banks to meet financial obligations

Pakistan: कर्ज चुकाने के लिए मांगा लोन, अब मध्य पूर्व बैंकों से चार अरब अमेरिकी डॉलर उधार लेगा पाकिस्तान

Fri, 23 Aug 2024 07:16 PM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: बशु जैन Updated Fri, 23 Aug 2024 07:16 PM IST
सार

चालू वित्तीय वर्ष के बजट में पाकिस्तान ने लगभग 20 अरब अमेरिकी डालर की विदेशी उधारी का प्रस्ताव रखा है। क्योंकि इस सप्ताह आईएमएफ ने पाकिस्तान के लिए सात अरब अमेरिकी डॉलर वाली ईएफएफ की मंजूरी को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया था।

विज्ञापन
Cash strapped Pakistan seeks USD 4 bn loan from Middle East banks to meet financial obligations
पाकिस्तान में आर्थिक संकट (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : एएनआई

विस्तार

पाकिस्तान ने बढ़ते कर्ज के बोझ को कम करने के लिए लोन मांगा है। पाकिस्तान ने अपनी बाहरी वित्तीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए अब मध्य पूर्व क्षेत्र की बैंकों से चार अरब अमेरिकी डॉलर मांगे हैं। यह रकम पाकिस्तान ने सात अरब अमेरिकी डॉलर की विस्तारित निधि सुविधा (ईएफएफ) से मांगी है, जो कि मंजूरी के लिए विश्व मुद्रा कोष (आईएमएफ) में लंबित है।

विज्ञापन


पाकिस्तान के वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब और उनकी टीम ने दुबई इस्लामिक बैंक के ग्रुप सीईओ डॉ. अदनान चिलवान के साथ एक वर्चुअल बैठक की। इससे पहले मशरेक बैंक के अध्यक्ष और ग्रुप सीईओ अहमद अब्देलाल के साथ भी बातचीत हुई। दोनों बैठकों में आर्थिक दृष्टिकोण और पाकिस्तान में निवेश के अवसरों का पता लगाने को लेकर चर्चा की गई। इसमें ऋण को लेकर भी बात रखी गई।
विज्ञापन


दरअसल चालू वित्तीय वर्ष के बजट में पाकिस्तान ने लगभग 20 अरब अमेरिकी डालर की विदेशी उधारी का प्रस्ताव रखा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने उधारी चुकाने के लिए मध्य पूर्वी बैंकों से वाणिज्यिक ऋण मांगना शुरू कर दिया है। क्योंकि इस सप्ताह आईएमएफ ने पाकिस्तान के लिए सात अरब अमेरिकी डॉलर वाली ईएफएफ की मंजूरी को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


वित्त मंत्री को उम्मीद है कि आईएमएफ अगले महीने नए ईएफएफ को मंजूरी दे सकता है। उधर पाकिस्तान ने विदेशी वाणिज्यिक बैंकों के साथ भी अपनी भागीदारी बढ़ा दी है। हालांकि इसमें उच्च वित्तपोषण लागत और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से कम क्रेडिट रेटिंग महत्वपूर्ण बाधाएं बनी हुई हैं। पाकिस्तान की वर्तमान क्रेडिट रेटिंग CCC+ है, जो काफी कम है। इसके चलते वाणिज्यिक बैंक ऋण देने के दौरान अधिक ब्याज मांग रही हैं।

वहीं वित्त मंत्रालय और स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) ने गुरुवार को आर्थिक मामलों की स्थायी समिति को आईएमएफ के साथ पाकिस्तान की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। इसमें एसबीपी के एक कार्यकारी कादर बख्श ने बताया कि आईएमएफ के साथ पाकिस्तान की आखिरी स्टैंड-बाय व्यवस्था में औसत ब्याज दर 5.1 प्रतिशत थी। उन्होंने कहा कि जब तक वैश्विक ब्याज दरों में गिरावट नहीं होती, तब तक नए आईएमएफ ऋण में समान दरें होने की उम्मीद है।


एसबीपी अधिकारी ने बताया कि यदि कोई देश अपने आईएमएफ कोटा का 187.5 प्रतिशत से अधिक उधार लेता है, तो दो प्रतिशत अधिभार लागू होता है। यदि उधार लेने की अवधि तीन वर्ष से अधिक हो जाती है, तो एक प्रतिशत अधिभार लगाया जाता है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक आईएमएफ ऋण पर पाकिस्तान की ब्याज लागत 2008 के बाद से लगातार बढ़ रही है। 2008 में पाकिस्तान ने आईएमएफ से 1.6 प्रतिशत की ब्याज दर पर उधार लिया था, जो 2013 में बढ़कर 2.4 प्रतिशत हो गया। 2019 आईएमएफ 3.41 प्रतिशत की ब्याज दर से उधार मिला।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed