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China: चीन ने 10 अमेरिकी रक्षा कंपनियों को रोका निर्यात, 46 फर्मों पर लगाया खरीद प्रतिबंध; जानें क्या है वजह

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: Devesh Tripathi Updated Tue, 23 Jun 2026 04:35 AM IST
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सार

चीन ने अमेरिका के साथ बढ़ते रणनीतिक और व्यापारिक तनाव के बीच 10 अमेरिकी रक्षा-संबंधी कंपनियों पर निर्यात प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। बीजिंग का कहना है कि यह कदम अमेरिकी प्रशासन द्वारा कुछ प्रमुख चीनी प्रौद्योगिकी कंपनियों को रक्षा अनुबंधों से बाहर रखने के जवाब में उठाया गया है। इसके साथ ही चीन ने दर्जनों अमेरिकी रक्षा कंपनियों पर खरीद संबंधी रोक भी लागू की है।

China halts exports to 10 US defense companies purchase bans on 46 firms after US sanctions on tech companies
चीन-अमेरिका व्यापार युद्ध - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
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विस्तार

चीन ने सोमवार को अमेरिका की उस हालिया कार्रवाई के जवाब में 10 अमेरिकी सैन्य-संबंधी कंपनियों पर निर्यात संबंधी रोक लगा दी है, जिसके तहत कुछ प्रमुख चीनी टेक कंपनियों को रक्षा कॉन्ट्रैक्ट्स से बाहर रखा गया है। वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, चीनी कंपनियां इन 10 कंपनियों को दोहरे इस्तेमाल वाली चीजों का निर्यात नहीं करेंगी। दोहरे इस्तेमाल का अर्थ है ऐसी चीजें जिनका उपयोग सैन्य व असैन्य दोनों कामों में होता हो। उसने 46 रक्षा फर्मों पर खरीद प्रतिबंध भी लगा दिए हैं।


10 अमेरिकी कंपनियों में सैन्य ड्रोन बनाने वाली व दुर्लभ खनन से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, निर्यात पर यह प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए व अमेरिकी सरकार द्वारा चीनी सैन्य कंपनियों की तथाकथित सूची के गलत विस्तार के जवाब में लगाया है। चीनी वित्त मंत्रालय ने कहा, सरकारी संस्थाओं को लॉकहीड मार्टिन और रेथियॉन मिसाइल्स एंड डिफेंस समेत 46 अमेरिकी कंपनियों से उत्पाद खरीदी भी रोकी गई है। चीनी कंपनियां उन सामानों के लिए निर्यात की मंजूरी को आवेदन कर सकती हैं जो वास्तव में जरूरी हैं। एजेंसी
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अमेरिकी सूची में अलीबाबा, बायजू
इस महीने की शुरुआत में, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने अलीबाबा और बायजू समेत कई टेक कंपनियों को उन कंपनियों की सूची में शामिल किया, जिनके चीनी सेना से संबंध बताए गए। बायजू ने कहा, उसे सैन्य कंपनी बताने का सुझाव पूरी तरह से बेबुनियाद है। सूची में नाम आने के चलते ये कंपनियां अमेरिकी सेना के कॉन्ट्रैक्ट हासिल नहीं कर सकतीं। चीन ने कहा था कि ये अमेरिकी पाबंदियां उस सहमति के विरुद्ध हैं जो राष्ट्रपति शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप में मई में बनी थी।
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लगातार जारी है चीन और अमेरिका में व्यापार तनाव
चीन और अमेरिका के बीच व्यापार तनाव मुख्य रूप से टैरिफ (आयात शुल्क), तकनीकी प्रभुत्व, और रणनीतिक आपूर्ति शृंखलाओं को लेकर जारी एक गहरा आर्थिक संघर्ष है। यह विवाद दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के साथ-साथ वैश्विक बाजारों को भी प्रभावित कर रहा है। अमेरिका द्वारा चीनी सामानों पर भारी आयात शुल्क लगाया गया है।

इसके जवाब में चीन ने भी अमेरिकी उत्पादों और कृषि वस्तुओं पर जवाबी शुल्क लगाए हैं। इसके अलावा दोनों देश सेमीकंडक्टर, एआई, और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों में एक-दूसरे के आगे निकलने की होड़ में हैं। इसे लेकर कई कड़े निर्यात नियंत्रण लगाए गए हैं।
 
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