{"_id":"66f391aff7600e70a005bb47","slug":"china-pla-launch-of-intercontinental-ballistic-missile-first-time-acknowledged-publicly-2024-09-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"China: चीन ने अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का किया सफल परीक्षण, पहली बार सार्वजनिक की जानकारी","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
China: चीन ने अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का किया सफल परीक्षण, पहली बार सार्वजनिक की जानकारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 25 Sep 2024 10:22 AM IST
विज्ञापन
सार
चीन की सेना पीएलए की रॉकेट फोर्स, देश की पारंपरिक और परमाणु मिसाइलों के संचालन की देखरेख करती है। इस रॉकेट फोर्स को चीन की परमाणु ताकतों को आधुनिक बनाने का काम सौंपा गया है, ताकि अमेरिकी मिसाइल रक्षा, बेहतर निगरानी क्षमता और मजबूत गठबंधन का मुकाबला किया जा सके।
अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण
- फोटो : एएनआई
विज्ञापन
विस्तार
चीन ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि उसने बुधवार को प्रशांत महासागर में एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। चीन के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल में एक डमी वारहेड लगाया गया और इसे स्थानीय समयनुसार सुबह 8.44 बजे पीपल्स लिबरेशन आर्मी की रॉकेट फोर्स द्वारा लॉन्च किया गया। यह मिसाइल अपेक्षित जगह पर समुद्र में गिरी। चीन ने बयान में कहा है कि 'यह परीक्षण उसके सालाना प्रशिक्षण योजना का हिस्सा है और यह लॉन्च किसी देश को लक्षित करके नहीं किया गया था।'
पीएलए की रॉकेट फोर्स ने किया परीक्षण
चीनी मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, पीएलए ने पहले ही परीक्षण के बारे में संबंधित देशों को सूचित कर दिया था। रिपोर्ट्स में मिसाइल के मार्ग और प्रशांत महासागर में वह कहां गिरी, इसकी जानकारी नहीं दी गई है। चीन की सेना पीएलए की रॉकेट फोर्स, देश की पारंपरिक और परमाणु मिसाइलों के संचालन की देखरेख करती है। इस रॉकेट फोर्स को चीन की परमाणु ताकतों को आधुनिक बनाने का काम सौंपा गया है, ताकि अमेरिकी मिसाइल रक्षा, बेहतर निगरानी क्षमता और मजबूत गठबंधन का मुकाबला किया जा सके। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि चीन तेजी से अपने परमाणु हथियारों का जखीरा बढ़ाने में जुटा है। हालांकि चीन का कहना है कि वह 'पहले इस्तेमाल नहीं' की नीति का पालन करता है।
2030 तक चीन के पास हो सकते हैं 1000 परमाणु हथियार
चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अध्यक्षता वाला केंद्रीय सैन्य आयोग ही एकमात्र परमाणु कमान प्राधिकरण है। अमेरिका द्वारा चीन के परमाणु हथियारों को बढ़ाने की लगातार आलोचना की जाती रही है। चीन ने जुलाई में वॉशिंगटन के साथ परमाणु वार्ता को भी रद्द कर दिया था। दरअसल चीन ने अमेरिका द्वारा ताइवान को हथियारों की बिक्री पर नाराजगी जताई थी। पेंटागन की रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन के पास 500 से ज्यादा परमाणु हथियार हैं, जिनमें से लगभग 350 आईसीबीएम (इंटर-कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल) हैं, और संभवतः 2030 तक चीन के पास 1,000 से अधिक परमाणु हथियार होंग। वहीं चीन और ताइवान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। पिछले पांच वर्षों के दौरान चीन ने अपनी सैन्य गतिविधियां ताइवान के आसपास बढ़ा दी हैं। जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ा है।
Trending Videos
पीएलए की रॉकेट फोर्स ने किया परीक्षण
चीनी मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, पीएलए ने पहले ही परीक्षण के बारे में संबंधित देशों को सूचित कर दिया था। रिपोर्ट्स में मिसाइल के मार्ग और प्रशांत महासागर में वह कहां गिरी, इसकी जानकारी नहीं दी गई है। चीन की सेना पीएलए की रॉकेट फोर्स, देश की पारंपरिक और परमाणु मिसाइलों के संचालन की देखरेख करती है। इस रॉकेट फोर्स को चीन की परमाणु ताकतों को आधुनिक बनाने का काम सौंपा गया है, ताकि अमेरिकी मिसाइल रक्षा, बेहतर निगरानी क्षमता और मजबूत गठबंधन का मुकाबला किया जा सके। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि चीन तेजी से अपने परमाणु हथियारों का जखीरा बढ़ाने में जुटा है। हालांकि चीन का कहना है कि वह 'पहले इस्तेमाल नहीं' की नीति का पालन करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
2030 तक चीन के पास हो सकते हैं 1000 परमाणु हथियार
चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अध्यक्षता वाला केंद्रीय सैन्य आयोग ही एकमात्र परमाणु कमान प्राधिकरण है। अमेरिका द्वारा चीन के परमाणु हथियारों को बढ़ाने की लगातार आलोचना की जाती रही है। चीन ने जुलाई में वॉशिंगटन के साथ परमाणु वार्ता को भी रद्द कर दिया था। दरअसल चीन ने अमेरिका द्वारा ताइवान को हथियारों की बिक्री पर नाराजगी जताई थी। पेंटागन की रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन के पास 500 से ज्यादा परमाणु हथियार हैं, जिनमें से लगभग 350 आईसीबीएम (इंटर-कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल) हैं, और संभवतः 2030 तक चीन के पास 1,000 से अधिक परमाणु हथियार होंग। वहीं चीन और ताइवान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। पिछले पांच वर्षों के दौरान चीन ने अपनी सैन्य गतिविधियां ताइवान के आसपास बढ़ा दी हैं। जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ा है।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन