तकनीकी खराबी या सिस्टम की चूक: कोलंबिया विमान हादसे पर रक्षा मंत्री सांचेज ने क्या कहा, टेकऑफ के बाद क्या हुआ?
कोलंबिया में सैन्य विमान हादसे ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह सिर्फ तकनीकी खराबी थी या तैयारी में चूक? रक्षा मंत्री ने हमले की आशंका से इनकार किया है, हालांकि इंजन फेल होने की बात सामने आ रही है। सवाल है कि आखिर टेकऑफ के तुरंत बाद क्या हुआ? क्या सुरक्षा जांच पर्याप्त थी? जांच एजेंसियां अब इन सवालों के जवाब तलाश रही है।
विस्तार
दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में सोमवार को हुआ भीषण सैन्य विमान हादसा न सिर्फ कोलंबिया, बल्कि पूरे अमेरिकी महाद्वीप को झकझोर देने वाला साबित हुआ। उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद सैनिकों से भरा विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें बड़ी संख्या में जवानों की जान चली गई और कई घायल हो गए। इस हादसे ने सेना की सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी खामियों और आपात तैयारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में हमले की आशंका से इनकार किया गया है, लेकिन तकनीकी खराबी की संभावना जताई जा रही है।
पूरी बात को ऐसे समझा जा सकता है कि कोलंबिया के अमेजन क्षेत्र में स्थित पुटुमायो प्रांत के प्यूर्टो लेगुइजामो शहर में सोमवार को एक बड़ा सैन्य विमान हादसा हो गया। यह विमान उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में कुल 128 लोग सवार थे, जिनमें ज्यादातर सैनिक शामिल थे। कोलंबिया की सेना के प्रमुख जनरल ह्यूगो एलेजांद्रो लोपेज बैरेटो ने बताया कि इस दर्दनाक हादसे में अब तक कम से कम 66 सैनिकों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। चार सैन्य कर्मी अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
कोलंबिया के रक्षा मंत्री ने इस हादसे पर क्या कहा?
इस हादसे पर कोलंबिया के रक्षा मंत्री पेड्रो सांचेज ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि यह दुर्घटना पूरे देश के लिए बहुत पीड़ादायक है। उन्होंने यह भी साफ किया कि अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि इस विमान पर किसी उग्रवादी या गैर-कानूनी सशस्त्र समूह ने हमला किया हो। रक्षा मंत्री के अनुसार, यह विमान पुटुमायो के ही एक अन्य शहर में सैनिकों को ले जा रहा था। हादसे के बाद घायलों को तुरंत इलाज के लिए पास के छोटे अस्पतालों में ले जाया गया और बाद में उन्हें बड़े शहरों, खासकर राजधानी बोगोटा भेजा गया।
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रक्षा मंत्री ने जांच का भरोसा दिया
रक्षा मंत्री ने कहा कि C-130 विमान का हादसा पूरे देश के लिए दुखद है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस दुखद घटना का इस्तेमाल राजनीति या निजी फायदे के लिए न करें। ऐसा करना उन परिवारों के प्रति अनादर होगा जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस हादसे की जांच पूरी ईमानदारी और तेजी से की जाएगी।
सांचेज ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार का लक्ष्य है कि पीड़ित परिवारों को सच्चाई पता चले और उन्हें न्याय मिले। रक्षा मंत्री का कहना है कि सरकार सेना को मजबूत बनाने में लगातार काम कर रही है, लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जो हादसे की असली वजह सामने लाएगी।
हादसे के कारण पर सैन्य अधिकारियों का क्या कहना है? समझिए
बात अगर हादसे के कारणों की की जाए तो हवाई सेना के अधिकारियों और विशेषज्ञों के अनुसार, हादसे की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन शुरुआती जानकारी में यह सामने आया है कि विमान में उड़ान भरने के तुरंत बाद तकनीकी खराबी आ गई थी।
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विमान ने टेकऑफ के कुछ ही मिनट बाद समस्या का सामना किया।
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बताया जा रहा है कि यह विमान (हरक्यूलिस C-130) चार इंजनों वाला होता है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि संभव है कि इंजन में अचानक खराबी आई हो।
दूसरी ओर एक सैन्य विमान विशेषज्ञ ने बताया कि यह विमान कुछ साल पहले ही पूरी तरह से जांच (ओवरहाल) से गुजरा था, इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि हादसा खराब रखरखाव की वजह से हुआ।
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बचाव और राहत कार्य जारी
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद शुरू कर दी। कई ग्रामीण अपनी मोटरसाइकिलों से घायलों को अस्पताल पहुंचाते दिखे। कुछ लोग आग बुझाने में भी जुटे रहे। सेना और वायुसेना की टीमें भी तुरंत मौके पर पहुंच गईं। करीब 57 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और उन्हें इलाज के लिए भेजा गया। वायुसेना ने घायलों को बड़े अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए विशेष विमान भी भेजे।
हादसे की जांच और राष्ट्रपति के आदेश को भी समझिए
सरकार ने इस हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। राष्ट्रपति ने भी इस घटना के बाद सेना के उपकरणों और विमानों को आधुनिक बनाने की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई अधिकारी अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से नहीं निभा रहा है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कुल मिलाकर देखा जाए तो यह हादसा कोलंबिया के लिए एक बड़ी त्रासदी है। फिलहाल सरकार और सेना हादसे के कारणों की जांच कर रही है और घायलों के इलाज पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से ही साफ हो पाएगा कि इस दुर्घटना की असली वजह क्या थी।
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