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'कभी खत्म नहीं करेंगे परमाणु हथियार': क्वाड देशों पर भड़का उत्तर कोरिया, निरस्त्रीकरण की मांग की खारिज
एएनआई, सियोल
Published by: अमन तिवारी
Updated Thu, 28 May 2026 07:43 PM IST
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सार
उत्तर कोरिया ने क्वाड देशों की परमाणु हथियार छोड़ने की मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। उसने इसे अमेरिका की साजिश और अपने आंतरिक मामलों में दखल बताया। क्वाड ने उत्तर कोरिया की मिसाइल गतिविधियों और दूसरे देशों के साथ बढ़ते सैन्य रिश्तों पर गहरी चिंता जताई थी।
किम जोंग उन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर कोरिया ने क्वाड देशों के उस साझा बयान की कड़ी निंदा की है जिसमें उसके परमाणु हथियारों को पूरी तरह खत्म करने की मांग की गई थी। दक्षिण कोरियाई समाचार एजेंसी योनहाप के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने साफ कर दिया है कि वह अपना परमाणु कार्यक्रम कभी भी बंद नहीं करेगा। उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि देश का परमाणु निरस्त्रीकरण कभी भी नहीं होगा।
क्वाड देशों की बैठक में क्या?
नई दिल्ली में मंगलवार को क्वाड देशों की एक अहम बैठक हुई थी। इस बैठक में भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों के साथ अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो शामिल हुए। इन सभी नेताओं ने उत्तर कोरिया के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी। क्वाड देशों ने उत्तर कोरिया से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के नियमों का पालन करने का आग्रह किया था।
उत्तर कोरिया ने क्या कहा?
जवाब में, उत्तर कोरिया ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि क्वाड उसके संप्रभु मामलों में दखल दे रहा है। उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि क्वाड केवल एक राजनीतिक और कूटनीतिक जरिया है। अमेरिका इसका इस्तेमाल दुनिया में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए कर रहा है। प्योंगयांग ने यह भी कहा वहा अमेरिका के नेतृत्व वाले इस समूह के शत्रुतापूर्ण रुख को पूरी तरह खारिज करता है। उसने मांग की कि वह टकराव की राजनीति बंद करे क्योंकि इससे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को खतरा पैदा होता है।
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ये भी पढ़ें: Zelenskyy Sweden Visit: यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की पहुंचे स्वीडन, रक्षा सहयोग और ड्रोन तकनीक पर हुई चर्चा
साझा बयान में क्वाड देशों ने क्या कहा था?
बता दें कि क्वाड के साझा बयान में उत्तर कोरिया के अवैध बैलिस्टिक मिसाइल विकास और विनाशकारी हथियारों की निंदा की गई थी। मंत्रियों ने उत्तर कोरिया की गलत साइबर गतिविधियों और उसके आईटी कर्मचारियों के काम पर भी गहरी चिंता जताई थी। क्वाड का मानना है कि इन गतिविधियों से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल उत्तर कोरिया अपने अवैध हथियार और मिसाइल प्रोग्राम के लिए करता है।
इसके साथ ही क्वाड देशों ने संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों से अपील की कि वे उत्तर कोरिया पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सख्ती से पालन करें। इसमें उत्तर कोरिया को हथियारों की सप्लाई करने या वहां से हथियार खरीदने पर लगी रोक भी शामिल है। बयान में उन देशों पर भी चिंता जताई गई जो उत्तर कोरिया के साथ सैन्य सहयोग बढ़ा रहे हैं। क्वाड का कहना है कि इस तरह का सहयोग परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के वैश्विक नियमों को कमजोर करता है। इसके अलावा, मंत्रियों ने अगवा किए गए लोगों के पुराने मुद्दे को भी तुरंत सुलझाने की जरूरत पर जोर दिया।
क्वाड देशों की बैठक में क्या?
नई दिल्ली में मंगलवार को क्वाड देशों की एक अहम बैठक हुई थी। इस बैठक में भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों के साथ अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो शामिल हुए। इन सभी नेताओं ने उत्तर कोरिया के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी। क्वाड देशों ने उत्तर कोरिया से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के नियमों का पालन करने का आग्रह किया था।
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उत्तर कोरिया ने क्या कहा?
जवाब में, उत्तर कोरिया ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि क्वाड उसके संप्रभु मामलों में दखल दे रहा है। उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि क्वाड केवल एक राजनीतिक और कूटनीतिक जरिया है। अमेरिका इसका इस्तेमाल दुनिया में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए कर रहा है। प्योंगयांग ने यह भी कहा वहा अमेरिका के नेतृत्व वाले इस समूह के शत्रुतापूर्ण रुख को पूरी तरह खारिज करता है। उसने मांग की कि वह टकराव की राजनीति बंद करे क्योंकि इससे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को खतरा पैदा होता है।
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साझा बयान में क्वाड देशों ने क्या कहा था?
बता दें कि क्वाड के साझा बयान में उत्तर कोरिया के अवैध बैलिस्टिक मिसाइल विकास और विनाशकारी हथियारों की निंदा की गई थी। मंत्रियों ने उत्तर कोरिया की गलत साइबर गतिविधियों और उसके आईटी कर्मचारियों के काम पर भी गहरी चिंता जताई थी। क्वाड का मानना है कि इन गतिविधियों से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल उत्तर कोरिया अपने अवैध हथियार और मिसाइल प्रोग्राम के लिए करता है।
इसके साथ ही क्वाड देशों ने संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों से अपील की कि वे उत्तर कोरिया पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सख्ती से पालन करें। इसमें उत्तर कोरिया को हथियारों की सप्लाई करने या वहां से हथियार खरीदने पर लगी रोक भी शामिल है। बयान में उन देशों पर भी चिंता जताई गई जो उत्तर कोरिया के साथ सैन्य सहयोग बढ़ा रहे हैं। क्वाड का कहना है कि इस तरह का सहयोग परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के वैश्विक नियमों को कमजोर करता है। इसके अलावा, मंत्रियों ने अगवा किए गए लोगों के पुराने मुद्दे को भी तुरंत सुलझाने की जरूरत पर जोर दिया।