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West Asia Crisis: क्या ईरान के साथ लंबी चलेगी अमेरिका की जंग? ट्रंप बोले- हमारे पास हथियारों की कमी नहीं
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Love Gaur
Updated Tue, 03 Mar 2026 11:23 AM IST
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सार
West Asia Crisis: अमेरिका-इस्राइल के संयुक्त हमले में ईरान को गहरी चोट पहुंची है। इस बीच ट्रंप और नेतन्याहू ने साफ कहा है कि वो लंबी जंग नहीं चाहते, लेकिन अब डोनाल्ड ट्रंप का एक बयान आया है, जिसमें उन्होंने साफ कहा कि हमारे पास हथियारों की कमी नहीं है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
ईरान से छिड़ी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के हथियार भंडार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अमेरिकी गोला-बारूद भंडार पर अपडेट देते हुए दो टूक कहा कि युद्ध हमेशा चलते रह सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास मध्यम और उच्च श्रेणी के हथियारों की आपूर्ति अब तक के सबसे अच्छे स्तर पर है और इन हथियारों की उपलब्धता लगभग असीमित है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि मौजूदा भंडार के दम पर युद्ध लंबे समय तक और प्रभावी ढंग से लड़े जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ये हथियार अन्य देशों के सबसे उन्नत हथियारों से भी बेहतर हैं। उन्होंने साफ कहा कि हथियारों के दम पर अमेरिका युद्ध अनंत काल तक और बहुत सफलतापूर्वक लड़े जा सकते हैं। ऐसे में सवाल यह है कि क्या ईरान से चल रही जंग लंबी खींच सकती है?
हाई-एंड हथियारों पर चिंता
ट्रंप ने यह भी कहा कि अत्याधुनिक श्रेणी के हथियारों की आपूर्ति अभी उस स्तर पर नहीं है, जहां वे चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने जोड़ा कि अमेरिका के लिए बड़ी मात्रा में उन्नत हथियार विदेशों में भी संग्रहित हैं, जिससे जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल किया जा सकता है।
बाइडेन और यूक्रेन पर निशाना
अपने बयान में ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बाइडेन ने अमेरिका का समय और पैसा यूक्रेन को हथियार देने में खर्च कर दिया। ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की को लेकर विवादास्पद टिप्पणी करते हुए कहा कि अमेरिका ने यूक्रेन को सैकड़ों अरब डॉलर मूल्य के हथियार मुफ्त में दे दिए, लेकिन बदले में अपने हथियार भंडार को फिर से भरने पर ध्यान नहीं दिया गया।
ये भी पढ़ें: Israel-Iran War: 'ईरान के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई होगी, यह अंतहीन युद्ध नहीं', जंग के बीच नेतन्याहू का एलान
'मैंने सेना को दोबारा मजबूत किया'
ट्रंप ने दावा किया कि अपने पहले कार्यकाल में उन्होंने अमेरिकी सेना को दोबारा मजबूत किया और अब भी सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने का काम जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका पूरी तरह से हथियारों से लैस है और किसी भी स्थिति में 'बड़ी जीत' हासिल करने के लिए तैयार है।
ये भी पढ़ें: खामेनेई पर कैसे हुआ हमला?: इस्राइल ने कई साल तक ट्रैफिक कैमरे किए हैक, मोबाइल नेटवर्क में भी सेंध; बड़ा खुलासा
जमीनी स्तर पर अमेरिकी सेना की तैनाती की जरूरत नहीं: ट्रंप
इससे पहले ट्रंप ने रियाद में अमेरिकी दूतावास पर हमले पर प्रतिक्रया दी है। अमेरिका में न्यूजनेशन के एक पत्रकार से बातचीत के हवाले से अल जजीरा ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जब उनसे पूछा गया कि अमेरिकी दूतावास पर हुए हमले की प्रतिक्रिया क्या होगी? तो उन्होंने साफ कहा कि आपको बहुत जल्द पता चल जाएगा। साथ ही कहा कि ईरान के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर अमेरिकी सेना की तैनाती की आवश्यकता नहीं होगी।
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हाई-एंड हथियारों पर चिंता
ट्रंप ने यह भी कहा कि अत्याधुनिक श्रेणी के हथियारों की आपूर्ति अभी उस स्तर पर नहीं है, जहां वे चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने जोड़ा कि अमेरिका के लिए बड़ी मात्रा में उन्नत हथियार विदेशों में भी संग्रहित हैं, जिससे जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल किया जा सकता है।
बाइडेन और यूक्रेन पर निशाना
अपने बयान में ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बाइडेन ने अमेरिका का समय और पैसा यूक्रेन को हथियार देने में खर्च कर दिया। ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की को लेकर विवादास्पद टिप्पणी करते हुए कहा कि अमेरिका ने यूक्रेन को सैकड़ों अरब डॉलर मूल्य के हथियार मुफ्त में दे दिए, लेकिन बदले में अपने हथियार भंडार को फिर से भरने पर ध्यान नहीं दिया गया।
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'मैंने सेना को दोबारा मजबूत किया'
ट्रंप ने दावा किया कि अपने पहले कार्यकाल में उन्होंने अमेरिकी सेना को दोबारा मजबूत किया और अब भी सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने का काम जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका पूरी तरह से हथियारों से लैस है और किसी भी स्थिति में 'बड़ी जीत' हासिल करने के लिए तैयार है।
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जमीनी स्तर पर अमेरिकी सेना की तैनाती की जरूरत नहीं: ट्रंप
इससे पहले ट्रंप ने रियाद में अमेरिकी दूतावास पर हमले पर प्रतिक्रया दी है। अमेरिका में न्यूजनेशन के एक पत्रकार से बातचीत के हवाले से अल जजीरा ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जब उनसे पूछा गया कि अमेरिकी दूतावास पर हुए हमले की प्रतिक्रिया क्या होगी? तो उन्होंने साफ कहा कि आपको बहुत जल्द पता चल जाएगा। साथ ही कहा कि ईरान के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर अमेरिकी सेना की तैनाती की आवश्यकता नहीं होगी।
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