कर्फ्यू भी नहीं रोक पाया गुस्सा: भारत के पड़ोस में हिंसा के बाद हालात संभालने सेना उतरी; क्या है मामला?
नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज में दो धार्मिक समुदायों के बीच तनाव हिंसक झड़प में बदल गया। घटना में एक व्यक्ति की मौत और नौ लोग घायल हो गए। हिंसा के बाद प्रदर्शनकारियों ने कर्फ्यू तोड़कर आगजनी और तोड़फोड़ की, जिसके चलते प्रशासन ने सेना तैनात कर दी। हालात सामान्य करने के लिए सर्वदलीय बैठक हुई और शांति बनाए रखने पर सहमति बनी।
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भारत के सीमावर्ती नेपाल के जिले सुनसरी के देवानगंज में प्रदर्शनकारियों ने कर्फ्यू तोड़कर जमकर आगजनी और तोड़फोड़ की। हालात बेकाबू होते देख प्रशासन को स्थिति नियंत्रित करने के लिए सेना तैनात करनी पड़ी। दरअसल, रविवार रात देवानगंज गाउंपालिका-3 के कप्तानगंज क्षेत्र में दो धार्मिक समुदायों के बीच शुरू हुआ तनाव हिंसक झड़प में बदल गया। इस हिंसा में स्थानीय निवासी ओमप्रकाश मेहता की मौत हो गई, जबकि नौ अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद सोमवार सुबह प्रशासन ने देवानगंज समेत आसपास के पांच क्षेत्रों में कर्फ्यू लागू कर दिया।
प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
हालात की गंभीरता को देखते हुए इनरुवा जिला प्रशासन कार्यालय में प्रमुख जिला अधिकारी (सीडीओ) वासुदेव घिमिरे की अध्यक्षता में सर्वदलीय एवं सर्वपक्षीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुख, जनप्रतिनिधि, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और विभिन्न स्थानीय हितधारकों ने हिस्सा लिया।
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शांति बहाल करने के लिए क्या बनी सहमति?
सीडीओ वासुदेव घिमिरे के मुताबिक, बैठक में सभी पक्षों ने संयम बरतने, सामाजिक सद्भाव बनाए रखने और क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में प्रशासन का सहयोग करने पर सहमति जताई। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय द्वारा गठित पांच सदस्यीय जांच समिति को घटना की निष्पक्ष जांच के लिए हर संभव सहयोग देने का भी निर्णय लिया गया है।