{"_id":"6a680fa191fecba99307548c","slug":"nobody-tells-me-what-we-should-be-selling-trump-on-netanyahu-s-opposition-to-proposed-f-35-jet-deal-2026-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"'हमें कोई नहीं बताएगा क्या बेचना है': तुर्किये को F-35 की बिक्री नेतन्याहू से नाराज हुए ट्रंप; क्या है मामला?","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
'हमें कोई नहीं बताएगा क्या बेचना है': तुर्किये को F-35 की बिक्री नेतन्याहू से नाराज हुए ट्रंप; क्या है मामला?
Tue, 28 Jul 2026 07:42 AM IST
निर्मल कांत
एएनआई, वाशिंगटन डीसी।
एएनआई, वाशिंगटन डीसी।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 28 Jul 2026 07:42 AM IST
सार
तुर्किये को एफ-35 लड़ाकू विमान बेचने के मुद्दे पर अमेरिका और इस्राइल के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस सौदे का विरोध किया है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि अमेरिका क्या बेचेगा, यह कोई दूसरा देश तय नहीं करेगा। जानिए दोनों नेताओं के बीच यह विवाद क्यों है और इससे पश्चिम एशिया में शक्ति संतुलन पर क्या असर पड़ सकता है।
विज्ञापन
डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की उस आपत्ति को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने तुर्किये को अमेरिकी एफ-35 लड़ाकू विमान बेचने का विरोध किया था। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका क्या बेचेगा, यह कोई बाहरी नेता तय नहीं करेगा। उन्होंने तुर्किये को अपना 'बेहतरीन सहयोगी' भी बताया।
ट्रंप ने ऐसा क्यों कहा?
ट्रंप ने एयर फोर्स वन विमान में पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा, मुझे कोई यह नहीं बताएगा कि हमें क्या बेचना चाहिए। तुर्किया मेरा बहुत अच्छा सहयोगी रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया, जब इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सोमवार को वाशिंगटन डीसी पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच होने वाली अहम बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा और ईरान के साथ बढ़ते तनाव जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।
विज्ञापन
नेतन्याहू को आपत्ति क्यों है?
ट्रंप का अगला कदम क्या होगा?
इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि उनकी सरकार जल्द ही यह फैसला करेगी कि तुर्किये को एफ-35 लड़ाकू विमान बेचे जाएं या नहीं। यह फैसला ऐसे समय लिया जाएगा, जबकि अमेरिकी संसद की ओर से इस बिक्री पर रोक लगी हुई है।
ट्रंप ने यह भी घोषणा की कि रूस से एस-400 वायु रक्षा प्रणाली खरीदने के कारण तुर्किये पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंध हटा दिए जाएंगे। उन्होंने कहा, तुर्किये के साथ हमारे संबंध पहले से बेहतर हैं और कई मामलों में तुर्किये उन देशों से भी अधिक वफादार रहा है, जिन्हें हम अपना वफादार मानते हैं।
ये भी पढ़ें: अमेरिका: शरण मांगने वालों के लिए नया नियम लागू, अब कई मामलों में बिना इंटरव्यू सीधे कोर्ट भेजे जाएंगे आवेदन
उन्होंने कहा कि बहुत से लोगों का मानना है कि रूस की एस-400 प्रणाली खरीदने के बावजूद तुर्किये को एफ-35 विमान खरीदने की अनुमति मिलनी चाहिए। ट्रंप ने एफ-35 को 'अब तक का सबसे बेहतरीन विमान' बताया और कहा कि तुर्किये को इसे बेचने के प्रस्ताव पर 'गंभीरता से विचार किया जाएगा।'
तुर्किये ने क्या संकेत दिए?
तुर्किये के राष्ट्रपति अर्दोआन ने भी संकेत दिया है कि उनके देश को भरोसा है कि वह जल्द ही अमेरिका से एफ-35 लड़ाकू विमान और तुर्किये में बनाए जा रहे केएएएन लड़ाकू विमान के लिए अमेरिकी इंजन खरीदने का समझौता कर सकता है।
विज्ञापन
ट्रंप ने ऐसा क्यों कहा?
ट्रंप ने एयर फोर्स वन विमान में पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा, मुझे कोई यह नहीं बताएगा कि हमें क्या बेचना चाहिए। तुर्किया मेरा बहुत अच्छा सहयोगी रहा है।
विज्ञापन
अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया, जब इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सोमवार को वाशिंगटन डीसी पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच होने वाली अहम बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा और ईरान के साथ बढ़ते तनाव जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।
विज्ञापन
नेतन्याहू को आपत्ति क्यों है?
- इस महीने की शुरुआत में नेतन्याहू ने तुर्किये को अमेरिका के एफ-35 स्टेल्थ लड़ाकू विमान बेचने के प्लान का कड़ा विरोध किया था। उनका कहना था कि इससे क्षेत्र में ताकत का संतुलन बदल जाएगा।
- सीएनएन को दिए एक साक्षात्कार में नेतन्याहू ने कहा, मैंने खुद राष्ट्रपति ट्रंप से आग्रह किया था कि इस सौदे को मंजूरी न दें। यह तब हुआ, जब ट्रंप ने संकेत दिया था कि वह अपने पहले कार्यकाल में तुर्किये पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने पर विचार कर रहे हैं।
- नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान तुर्किये को बेचने से वह अमेरिका का मित्र देश नहीं बन जाएगा। उन्होंने तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन का जिक्र करते हुए कहा कि तुर्किये की सरकार पर मुस्लिम ब्रदरहुड का प्रभाव है, जो अमेरिका से नफरत करता है।
- उन्होंने कहा, तुर्किये अमेरिका का आदर्श सहयोगी नहीं है। उन्होंने आगे कहा, वह मेरे देश को नष्ट करने की धमकी देता है, जो दुनिया का एकमात्र यहूदी राष्ट्र है। नेतन्याहू ने यह भी चेतावनी दी कि यदि तुर्किये को एफ-35 विमान दिए गए, तो इसका असर पूरे क्षेत्र पर पड़ेगा।
- उन्होंने बताया कि उन्होंने ट्रंप से सीधे कहा है कि तुर्किये को ये लड़ाकू विमान नहीं बेचे जाने चाहिए, क्योंकि इससे पश्चिम एशिया में ताकत का संतुलन बिगड़ जाएगा।
ट्रंप का अगला कदम क्या होगा?
इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि उनकी सरकार जल्द ही यह फैसला करेगी कि तुर्किये को एफ-35 लड़ाकू विमान बेचे जाएं या नहीं। यह फैसला ऐसे समय लिया जाएगा, जबकि अमेरिकी संसद की ओर से इस बिक्री पर रोक लगी हुई है।
ट्रंप ने यह भी घोषणा की कि रूस से एस-400 वायु रक्षा प्रणाली खरीदने के कारण तुर्किये पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंध हटा दिए जाएंगे। उन्होंने कहा, तुर्किये के साथ हमारे संबंध पहले से बेहतर हैं और कई मामलों में तुर्किये उन देशों से भी अधिक वफादार रहा है, जिन्हें हम अपना वफादार मानते हैं।
ये भी पढ़ें: अमेरिका: शरण मांगने वालों के लिए नया नियम लागू, अब कई मामलों में बिना इंटरव्यू सीधे कोर्ट भेजे जाएंगे आवेदन
उन्होंने कहा कि बहुत से लोगों का मानना है कि रूस की एस-400 प्रणाली खरीदने के बावजूद तुर्किये को एफ-35 विमान खरीदने की अनुमति मिलनी चाहिए। ट्रंप ने एफ-35 को 'अब तक का सबसे बेहतरीन विमान' बताया और कहा कि तुर्किये को इसे बेचने के प्रस्ताव पर 'गंभीरता से विचार किया जाएगा।'
तुर्किये ने क्या संकेत दिए?
तुर्किये के राष्ट्रपति अर्दोआन ने भी संकेत दिया है कि उनके देश को भरोसा है कि वह जल्द ही अमेरिका से एफ-35 लड़ाकू विमान और तुर्किये में बनाए जा रहे केएएएन लड़ाकू विमान के लिए अमेरिकी इंजन खरीदने का समझौता कर सकता है।