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Pakistan: पाकिस्तान में पहली बार सेना के खिलाफ भी सड़क पर लोग, जानें हमले के बाद आगे क्या करेंगे इमरान खान
Fri, 04 Nov 2022 02:15 PM IST
हिमांशु मिश्रा
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Fri, 04 Nov 2022 02:15 PM IST
सार
आज हम आपको बताएंगे कि पाकिस्तान में ये स्थिति क्यों आई? पिछले एक साल में क्या-क्या हुआ? अभी आग में क्यों जल रहा है पाकिस्तान? इमरान को इतना समर्थन क्यों मिल रहा है? इमरान पर हमले का आरोप किन लोगों पर लगा है? आइए जानते हैं...
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इमरान खान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर हुए हमले के बाद पूरे देश में बवाल चल रहा है। इमरान खान के समर्थकों ने अलग-अलग शहरों में आगजनी और तोड़फोड़ शुरू कर दी है। सत्ताधारी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एन, पाकिस्तान पीपल्स पार्टी और गठबंधन की अन्य पार्टियों के कार्यकर्ताओं पर हमले हो रहे हैं। लोग सेना के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। ये पहली बार है, जब पाकिस्तान के लोग खुलकर सेना के खिलाफ खड़े हो गए हैं।
ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि पाकिस्तान में ये स्थिति क्यों आई? पिछले एक साल में क्या-क्या हुआ? अभी आग में क्यों जल रहा है पाकिस्तान? इमरान को इतना समर्थन क्यों मिल रहा है? इमरान पर हमले का आरोप किन लोगों पर लगा है? आइए जानते हैं...
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ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि पाकिस्तान में ये स्थिति क्यों आई? पिछले एक साल में क्या-क्या हुआ? अभी आग में क्यों जल रहा है पाकिस्तान? इमरान को इतना समर्थन क्यों मिल रहा है? इमरान पर हमले का आरोप किन लोगों पर लगा है? आइए जानते हैं...
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आजादी मार्च
- फोटो : सोशल मीडिया
पहली बार सेना के खिलाफ प्रदर्शन
पाकिस्तान के 75 साल के इतिहास में पहली बार सेना के खिलाफ आम लोग सड़कों पर हैं। पेशावर के कोर कमांडर मेजर जनरल फैसल के खिलाफ लोग प्रदर्शन कर रहें हैं। इमरान ने जिन लोगों पर हमले की साजिश का आरोप लगाया है उनमें मेजर जनरल फैसल का भी नाम है। इमरान के आरोपों के बाद खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर में स्थित मेजर जनरल फैसल के घर के बाहर लोगों जमा हो गए। लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। विरोध प्रदर्शन का वीडियो इमरान की पार्टी ने शेयर किया है।
पाकिस्तान के 75 साल के इतिहास में पहली बार सेना के खिलाफ आम लोग सड़कों पर हैं। पेशावर के कोर कमांडर मेजर जनरल फैसल के खिलाफ लोग प्रदर्शन कर रहें हैं। इमरान ने जिन लोगों पर हमले की साजिश का आरोप लगाया है उनमें मेजर जनरल फैसल का भी नाम है। इमरान के आरोपों के बाद खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर में स्थित मेजर जनरल फैसल के घर के बाहर लोगों जमा हो गए। लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। विरोध प्रदर्शन का वीडियो इमरान की पार्टी ने शेयर किया है।
Imran Khna
- फोटो : PTI
तो इमरान लोगों को उकसा रहे हैं?
ये समझने के लिए हमने पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार अयाज मलिक से बात की। उन्होंने पाकिस्तान के मौजूदा हालात से लेकर इसके कारण तक की जानकारी दी। मलिक ने कहा, 'पाकिस्तान में अब नेशनलिज्म (राष्ट्रवाद) की नई राजनीति शुरू हुई है। इसे इमरान खान ने आगे बढ़ाया है। सत्ता हाथ से जाने के बाद से इमरान इसी के सहारे आम लोगों से सहानुभूति हासिल कर रहे हैं। वह खुद को पीड़ित और शहबाज शरीफ और उनके गठबंधन में शामिल अन्य राजनीतिक पार्टियों को दोषी ठहराने में जुटे हैं। इसमें उन्होंने सेना को भी शामिल कर लिया है।'
मलिक आगे कहते हैं, 'ये कहना गलत नहीं होगा कि इमरान ने अपनी राजनीतिक लड़ाई में सरकार के साथ-साथ सेना को भी घसीट लिया है। ऐसा दिखाने की कोशिश की है, जैसे सेना ही देश की सबसे बड़ी दुश्मन हो गई है और हर गलत काम में सेना शामिल है। वह जनता के बीच ये संदेश दे गए पाकिस्तान की मौजूदा सरकार और सेना अमेरिका की कठपुतली बन गए हैं।'
ये समझने के लिए हमने पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार अयाज मलिक से बात की। उन्होंने पाकिस्तान के मौजूदा हालात से लेकर इसके कारण तक की जानकारी दी। मलिक ने कहा, 'पाकिस्तान में अब नेशनलिज्म (राष्ट्रवाद) की नई राजनीति शुरू हुई है। इसे इमरान खान ने आगे बढ़ाया है। सत्ता हाथ से जाने के बाद से इमरान इसी के सहारे आम लोगों से सहानुभूति हासिल कर रहे हैं। वह खुद को पीड़ित और शहबाज शरीफ और उनके गठबंधन में शामिल अन्य राजनीतिक पार्टियों को दोषी ठहराने में जुटे हैं। इसमें उन्होंने सेना को भी शामिल कर लिया है।'
मलिक आगे कहते हैं, 'ये कहना गलत नहीं होगा कि इमरान ने अपनी राजनीतिक लड़ाई में सरकार के साथ-साथ सेना को भी घसीट लिया है। ऐसा दिखाने की कोशिश की है, जैसे सेना ही देश की सबसे बड़ी दुश्मन हो गई है और हर गलत काम में सेना शामिल है। वह जनता के बीच ये संदेश दे गए पाकिस्तान की मौजूदा सरकार और सेना अमेरिका की कठपुतली बन गए हैं।'
मलिक के मुताबिक, ‘अभी इमरान के समर्थक पूरे देश में तोड़फोड़, आगजनी कर रहे हैं। शहबाज शरीफ, भुट्टो और सरकार बनाने के लिए गठबंधन में शामिल अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हमले हो रहे हैं। इसे सिर्फ और सिर्फ इमरान खान ही रोक सकते हैं।’
उन्होंने कहा, ‘इमरान खान पर गोली चलने का मामला भी चिंताजनक है। ये सरकार की खामियों को दर्शाता है। ऐसे हालात में देश तभी स्थिर होगा जब सभी पार्टियां मिलकर आपस में इसके लिए रास्ता निकालेंगी।’
उन्होंने कहा, ‘इमरान खान पर गोली चलने का मामला भी चिंताजनक है। ये सरकार की खामियों को दर्शाता है। ऐसे हालात में देश तभी स्थिर होगा जब सभी पार्टियां मिलकर आपस में इसके लिए रास्ता निकालेंगी।’
Imran Khan
- फोटो : Amar Ujala
अब आगे क्या करेंगे इमरान खान?
अयाज मलिक कहते हैं, 'इमरान के पैर में गोली लगी है। इसके चलते उन्हें पूरे देश और विदेशों में रहने वाले पाकिस्तानियों की सहानुभूति मिल रही है। उनके समर्थन में लाखों लोग उतर आए हैं। ऐसे में वह राजनीति के इस मौके को हाथ से जाने नहीं देना चाहेंगे। इमरान इसका पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेंगे।'
मलिक के अनुसार, 'इमरान अभी आजादी मार्च को जारी रखने का प्लान कर रहे हैं। भले ही उस मार्च में वह शामिल नहीं हो पाएं, लेकिन उनके समर्थक और पार्टी के अन्य बड़े नेता इस मार्च को आगे भी जारी रखेंगे। हां, इमरान खान की कोशिश होगी की वह हर रोज एक न एक बड़े जलसे को संबोधित करें। ये संबोधन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हो सकता है। इसके लिए तैयारी की जा रही है। इस जलसे में भारी भीड़ जुटाने की प्लानिंग है।'
अयाज मलिक कहते हैं, 'इमरान के पैर में गोली लगी है। इसके चलते उन्हें पूरे देश और विदेशों में रहने वाले पाकिस्तानियों की सहानुभूति मिल रही है। उनके समर्थन में लाखों लोग उतर आए हैं। ऐसे में वह राजनीति के इस मौके को हाथ से जाने नहीं देना चाहेंगे। इमरान इसका पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेंगे।'
मलिक के अनुसार, 'इमरान अभी आजादी मार्च को जारी रखने का प्लान कर रहे हैं। भले ही उस मार्च में वह शामिल नहीं हो पाएं, लेकिन उनके समर्थक और पार्टी के अन्य बड़े नेता इस मार्च को आगे भी जारी रखेंगे। हां, इमरान खान की कोशिश होगी की वह हर रोज एक न एक बड़े जलसे को संबोधित करें। ये संबोधन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हो सकता है। इसके लिए तैयारी की जा रही है। इस जलसे में भारी भीड़ जुटाने की प्लानिंग है।'
सरकार के लिए क्या चुनौती है?
अयाज के अनुसार, गोली लगने के बाद इमरान ज्यादा मजबूत स्थिति में दिख रहे हैं। ऐसे में अब सरकार की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। सरकार के सामने कई चुनौतियां हैं। मसलन...
1. गृह युद्ध जैसे हालात को स्थिर करें : मौजूदा समय देश में गृह युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। पाकिस्तान की जनता सरकार और सेना के खिलाफ सड़कों पर है। इसे काबू में करने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने होंगे।
2. महंगाई पर लगाम: यूक्रेन-रूस युद्ध और फिर पाकिस्तान में भयावह बाढ़ के चलते पूरे देश में महंगाई काफी बढ़ गई है। महंगाई से लोग परेशान हैं। इसके चलते लोगों में आक्रोश भी पनप रहा है। ऐसे में अगर एक मजबूत अर्थव्यवस्था बनती है और लोगों को महंगाई से राहत मिलती है तो इसका फायदा भी सरकार को ही मिलेगा।
3. इमरान के आरोपों को गलत साबित करें: इमरान खान ने इस वक्त मौजूदा सरकार और सेना पर कई तरह के गंभीर आरोप लगाए हैं। इमरान की पार्टी की तरफ से हमले में तीन लोगों का हाथ होने का आरोप लगाया जा रहा है। इनमें प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह और सेना के मेजर जनरल फैसल नसीर पर साजिश करने का आरोप लगाया है। ऐसे में अब सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इमरान के आरोपों को गलत साबित करे।
अयाज के अनुसार, गोली लगने के बाद इमरान ज्यादा मजबूत स्थिति में दिख रहे हैं। ऐसे में अब सरकार की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। सरकार के सामने कई चुनौतियां हैं। मसलन...
1. गृह युद्ध जैसे हालात को स्थिर करें : मौजूदा समय देश में गृह युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। पाकिस्तान की जनता सरकार और सेना के खिलाफ सड़कों पर है। इसे काबू में करने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने होंगे।
2. महंगाई पर लगाम: यूक्रेन-रूस युद्ध और फिर पाकिस्तान में भयावह बाढ़ के चलते पूरे देश में महंगाई काफी बढ़ गई है। महंगाई से लोग परेशान हैं। इसके चलते लोगों में आक्रोश भी पनप रहा है। ऐसे में अगर एक मजबूत अर्थव्यवस्था बनती है और लोगों को महंगाई से राहत मिलती है तो इसका फायदा भी सरकार को ही मिलेगा।
3. इमरान के आरोपों को गलत साबित करें: इमरान खान ने इस वक्त मौजूदा सरकार और सेना पर कई तरह के गंभीर आरोप लगाए हैं। इमरान की पार्टी की तरफ से हमले में तीन लोगों का हाथ होने का आरोप लगाया जा रहा है। इनमें प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह और सेना के मेजर जनरल फैसल नसीर पर साजिश करने का आरोप लगाया है। ऐसे में अब सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इमरान के आरोपों को गलत साबित करे।
Imran Khan Long March
- फोटो : Agency
कैसे बने पाकिस्तान में ये हालात?
पाकिस्तान में सियासी संकट की शुरुआत अक्तूबर 2021 से हुई। जब, प्रधानमंत्री रहते हुए इमरान खान और सेना के बीच आईएसआई प्रमुख की नियुक्ति को लेकर अनबन हुई। उस वक्त पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान चाहते थे कि लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद आईएसआई प्रमुख बने रहें। वहीं, सेना नदीम अंजुम को नया आईएसआई चीफ बनाना चाहती थी। इसे लेकर मतभेद शुरू हो गया। इमरान को न चाहते हुए भी नदीम अंजुम को आईएसआई चीफ नियुक्त करना पड़ा।
अप्रैल आते-आते इमरान की अपनी ही पार्टी में बगावत हो गई। दूसरी ओर पूरा विपक्ष एकजुट हो गया। हर बीतते दिन के साथ इमरान पर संकट बढ़ता गया। इन सब के बीच इमरान खान ने दावा किया कि उनकी सरकार गिराने के लिए विपक्ष ने विदेशी ताकतों के साथ मिलकर साजिश रची है। कई दिन तक चले सियासी ड्रामे के बाद 11 अप्रैल को इमरान के हाथ से सत्ता चली गई। शहबाज शरीफ को प्रधानमंत्री चुन लिया गया।
इसके बाद से ही इमरान और उनकी पार्टी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है। इमरान नए सिरे से चुनाव की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर ही उनका लॉन्ग मार्च चल रहा था। इसी के दौरान उन पर हमला हुआ।
पाकिस्तान में सियासी संकट की शुरुआत अक्तूबर 2021 से हुई। जब, प्रधानमंत्री रहते हुए इमरान खान और सेना के बीच आईएसआई प्रमुख की नियुक्ति को लेकर अनबन हुई। उस वक्त पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान चाहते थे कि लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद आईएसआई प्रमुख बने रहें। वहीं, सेना नदीम अंजुम को नया आईएसआई चीफ बनाना चाहती थी। इसे लेकर मतभेद शुरू हो गया। इमरान को न चाहते हुए भी नदीम अंजुम को आईएसआई चीफ नियुक्त करना पड़ा।
अप्रैल आते-आते इमरान की अपनी ही पार्टी में बगावत हो गई। दूसरी ओर पूरा विपक्ष एकजुट हो गया। हर बीतते दिन के साथ इमरान पर संकट बढ़ता गया। इन सब के बीच इमरान खान ने दावा किया कि उनकी सरकार गिराने के लिए विपक्ष ने विदेशी ताकतों के साथ मिलकर साजिश रची है। कई दिन तक चले सियासी ड्रामे के बाद 11 अप्रैल को इमरान के हाथ से सत्ता चली गई। शहबाज शरीफ को प्रधानमंत्री चुन लिया गया।
इसके बाद से ही इमरान और उनकी पार्टी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है। इमरान नए सिरे से चुनाव की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर ही उनका लॉन्ग मार्च चल रहा था। इसी के दौरान उन पर हमला हुआ।