Pakistan: 'पाकिस्तान के इतिहास की सबसे सख्त सजा काट रहा हूं', जेल के हालात पर पूर्व PM इमरान खान का छलका दर्द
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने गुरुवार को जेल में उनके साथ हो रहे व्यवहार को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि वे पाकिस्तान के इतिहास की सबसे सख्त जेल सजा भुगत रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ये सजा वो संविधान की रक्षा और देश की सेवा के लिए झेल रहे हैं। अडियाला जेल में बंद इमरान खान ने आरोप लगाया कि पानी गंदा है, किताबें और अखबार तक नहीं मिल रहे, और टीवी की सुविधा भी छीन ली गई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान ने जेल में उनके साथ हो रहे बरताव को लेकर बड़ा दावा किया। गुरुवार को उन्होंने कहा कि वे पाकिस्तान के इतिहास की सबसे कठोर जेल की सजा भुगत रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि मैं यह सजा सिर्फ संविधान की सर्वोच्चता और देश की सेवा के लिए झेल रहा हूं। बता दें कि 72 वर्षीय इमरान खान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं और उन पर कई सारे केस चल रहे हैं।
पानी, किताब और अखबार को लेकर कही ये बात
पाकिस्तान के पूर्व पीएम ने जेल की हालत का ब्योरा देते हुए कहा कि अजान से पहले हाथ-मुंह धोने के लिए जो पानी दिया जाता है, वह बेहद गंदा और इंसानों के लायक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार की तरफ से भेजी गई किताबें महीनों से रोकी गई हैं, टीवी और अखबारों तक पहुंच भी बंद कर दी गई है। उन्होंने कहा कि मैंने पुरानी किताबें कई बार पढ़ डाली हैं, अब वो भी नहीं मिल रहीं।
नवाज शरीफ को लेकर भी किए दावे
इमरान खान ने खुद की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से की। उन्होंने आरोप लगाया कि नवाज शरीफ पर भ्रष्टाचार के कई मामले थे, उन्हें जेल में हर तरह की सहूलियतें दी गईं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के इतिहास में किसी भी नेता के साथ इतना कठोर बर्ताव नहीं हुआ, जितना उनके साथ हो रहा है।
ये भी पढ़ें:- US: चुनावी रैली में ट्रंप पर हमले का आरोपी रेयान रॉथ खुद लड़ेगा अपना केस, अपील पर संघीय अदालत ने लगाई मुहर
अपनी पत्नी को लेकर भी कही ये बात
इसके साथ ही इमरान खान कहा कि उनकी पत्नी बुशरा बीबी, जो राजनीति से कोई लेना-देना नहीं रखतीं, उन्हें भी जेल में अमानवीय परिस्थितियों में रखा गया है। उन्होंने कहा कि मेरे सभी बुनियादी मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। जेल मैन्युअल में जो सुविधाएं आम कैदियों को मिलती हैं, वो भी मुझसे छीन ली गई हैं।
बच्चों से बात करने की इजाजत भी नहीं
इमरान खान ने कहा कि कई बार अनुरोध करने के बावजूद उन्हें अपने बच्चों से बात करने की इजाजत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मुलाकातों पर भी पाबंदी लगा दी गई है। अब उन्हें सिर्फ चुनिंदा लोगों से मिलने की इजाजत है। इमरान खान ने अपने पार्टी नेताओं से आपसी मतभेद भुलाकर पांच अगस्त से शुरू होने वाले आंदोलन पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी नेता इस नाज़ुक समय में गुटबाजी में शामिल मिलेगा, उसे पार्टी से निकाल दिया जाएगा।
ये भी पढ़ें:- 'एक पेड़ मां के नाम' मुहिम: PM मोदी ने किंग चार्ल्स को भेंट किया रुमाल ट्री; सैंड्रिंघम एस्टेट में लगाया जाएगा
शहबाज शरीफ पर लगाए गंभीर आरोप
इसके साथ ही अंत में इमरान खान ने शहबाज शरीफ सरकार पर न्यायपालिका को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पक्षपाती जज खुलकर अन्यायपूर्ण फैसले सुना रहे हैं, जिसे पूरा देश देख रहा है। उन्होंने कहा कि हमें न्यायपालिका को आजाद कराने के लिए एक मजबूत अभियान चलाना होगा, क्योंकि किसी भी देश की तरक्की न्याय के बिना संभव नहीं है।