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West Asia War: इस्राइली हमले में ईरान के खोंडाब हेवी वाटर प्लांट को भारी नुकसान, IAEA ने कहा- ठप हुआ परिचालन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, विएना
Published by: Pavan
Updated Mon, 30 Mar 2026 06:35 AM IST
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सार
West Asia Conflict: इस्राइल की तरफ से ईरान पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। इस कड़ी में अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी ने बताया है कि इस्राइल से हमले में ईरान के अराक शहर के पास मौजूद खोंडाब हेवी वाटर प्लांट को भारी नुकसान पहुंचा है। जिसके बाद से प्लांट का संचालन ठप हो गया है।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
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विस्तार
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इस्राइल ने ईरान के खोंडाब (अराक) हेवी वाटर प्लांट पर हवाई हमला किया। अब अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी (आईएईए) ने पुष्टि की है कि यह प्लांट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है और अब काम नहीं कर रहा है। आईएईए के अनुसार, यह जानकारी सैटेलाइट तस्वीरों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर दी गई है।
यह भी पढ़ें - दुनिया को दोहरा झटका: ईरान के बाद अब हूतियों का भी सख्त रुख, बाब-अल-मंदेब पर दे रहे दखल; खतरे में सप्लाई चेन
खोंडाब प्लांट क्यों है इतना अहम?
यह प्लांट ईरान के अराक शहर के पास स्थित है और इसे अराक न्यूक्लियर कॉम्प्लेक्स भी कहा जाता है। यहां 'हेवी वाटर' बनाया जाता है, जो खास तरह के परमाणु रिएक्टर में इस्तेमाल होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे रिएक्टर से प्लूटोनियम भी बनाया जा सकता है, जिसका उपयोग परमाणु हथियारों में किया जा सकता है। यही वजह है कि यह प्लांट लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय रहा है।
IAEA की रिपोर्ट में क्या कहा गया?
आईएईए ने साफ कहा है कि प्लांट को गंभीर नुकसान हुआ है, यह अब ऑपरेशनल नहीं है और यहां कोई घोषित परमाणु सामग्री मौजूद नहीं थी। इसका मतलब है कि रेडिएशन या तत्काल परमाणु खतरे की संभावना नहीं बताई गई है।
इस्राइल ने क्यों किया हमला?
इस्राइली सेना (आईडीएफ) ने दावा किया कि यह हमला खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया। उनका कहना है कि यह प्लांट ईरान के परमाणु कार्यक्रम का अहम हिस्सा था। ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समझौतों के बावजूद इसे पूरी तरह सुरक्षित नहीं बनाया और यहां से भविष्य में हथियार-ग्रेड प्लूटोनियम बनने का खतरा था। इस्राइल सेना ने इस ऑपरेशन को 'राइजिंग लॉयन' नाम दिया है।
यह भी पढ़ें - 1973 के बाद सबसे गंभीर संकट: होर्मुज के चलते रोजाना 8-10 मिलियन बैरल तेल आपूर्ति ठप, कीमतों में लंबी उछाल तय
बढ़ता तनाव और आगे का खतरा
इस हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। ईरान और इस्राइल के बीच पहले से ही तनाव चरम पर है, और अब इस तरह की कार्रवाई से हालात और बिगड़ सकते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय दबाव और कूटनीतिक हलचल तेज हो सकती है।
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खोंडाब प्लांट क्यों है इतना अहम?
यह प्लांट ईरान के अराक शहर के पास स्थित है और इसे अराक न्यूक्लियर कॉम्प्लेक्स भी कहा जाता है। यहां 'हेवी वाटर' बनाया जाता है, जो खास तरह के परमाणु रिएक्टर में इस्तेमाल होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे रिएक्टर से प्लूटोनियम भी बनाया जा सकता है, जिसका उपयोग परमाणु हथियारों में किया जा सकता है। यही वजह है कि यह प्लांट लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय रहा है।
IAEA की रिपोर्ट में क्या कहा गया?
आईएईए ने साफ कहा है कि प्लांट को गंभीर नुकसान हुआ है, यह अब ऑपरेशनल नहीं है और यहां कोई घोषित परमाणु सामग्री मौजूद नहीं थी। इसका मतलब है कि रेडिएशन या तत्काल परमाणु खतरे की संभावना नहीं बताई गई है।
इस्राइल ने क्यों किया हमला?
इस्राइली सेना (आईडीएफ) ने दावा किया कि यह हमला खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया। उनका कहना है कि यह प्लांट ईरान के परमाणु कार्यक्रम का अहम हिस्सा था। ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समझौतों के बावजूद इसे पूरी तरह सुरक्षित नहीं बनाया और यहां से भविष्य में हथियार-ग्रेड प्लूटोनियम बनने का खतरा था। इस्राइल सेना ने इस ऑपरेशन को 'राइजिंग लॉयन' नाम दिया है।
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बढ़ता तनाव और आगे का खतरा
इस हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। ईरान और इस्राइल के बीच पहले से ही तनाव चरम पर है, और अब इस तरह की कार्रवाई से हालात और बिगड़ सकते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय दबाव और कूटनीतिक हलचल तेज हो सकती है।
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