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Giorgia Meloni: 'दिल्ली से चुनाव लड़ती तो 10 लाख वोट मिलते', जानें मेलोनी ने किताब में क्यों किया ये जिक्र

वर्ल्ड डेस्क, पीटीआई, नई दिल्ली Published by: प्रशांत तिवारी Updated Thu, 25 Jun 2026 05:02 PM IST
सार

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अपनी नई किताब ‘जॉर्जिया विजन’ में 2023 के अपने भारत दौरे का दिलचस्प किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि नई दिल्ली में उनके स्वागत और विदाई के लिए जगह-जगह पोस्टर लगाए गए थे। यह देखकर इटली के उप-प्रधानमंत्री एंटोनियो ताजानी ने उनसे मजाक में कहा था कि अगर मेलोनी दिल्ली से चुनाव लड़तीं, तो 10 लाख वोट जीत जातीं।

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If Giorgia contested elections from Delhi would get million votes find out why Meloni mentioned this in book
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अपनी नई किताब ‘जॉर्जिया विजन’ में भारत दौरे से जुड़ा एक दिलचस्प और हल्का-फुल्का किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि जब वह मार्च 2023 में भारत आई थीं, तब नई दिल्ली की सड़कों पर जगह-जगह उनके स्वागत वाले पोस्टर लगे हुए थे। बाद में जब उनका दौरा खत्म हुआ तो उन्हीं पोस्टरों पर 'आने के लिए धन्यवाद' लिखा हुआ दिखाई दिया। मेलोनी लिखती हैं कि यह नजारा देखकर उनके साथ भारत आए इटली के उप-प्रधानमंत्री एंटोनियो ताजानी भी हैरान रह गए थे। उन्होंने मेलोनी से मजाक में कहा था कि इतने पोस्टर देखकर लगता है कि अगर आप नई दिल्ली से चुनाव लड़तीं, तो कम से कम दस लाख वोट जीत जातीं।

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मेलोनी ने 2023 में दो बार किया था भारत का दौरा
मेलोनी ने 2023 में दो बार भारत का दौरा किया था। पहली बार वह मार्च में रायसीना डायलॉग में हिस्सा लेने आई थीं और दूसरी बार सितंबर में जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए भारत पहुंची थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी अच्छी दोस्ती की चर्चा अक्सर होती रही है। सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं की जोड़ी को लोगों ने प्यार से 'मेलोडी' नाम भी दिया था। अपनी किताब में मेलोनी बताती हैं कि सफल कूटनीति सिर्फ औपचारिक बैठकों और समझौतों से नहीं चलती, बल्कि नेताओं के बीच बनने वाले व्यक्तिगत रिश्ते भी इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं। उनका मानना है कि कई बार कोई मजेदार बातचीत, कोई निजी किस्सा दो देशों के नेताओं को करीब लाने में मदद करती है। किताब में उन्होंने ऐसे कई अनुभव साझा किए हैं।
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कॉफी और सिगरेट के साथ हुई बातचीत बन गई यादगार पल
मेलोनी ने ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति कैस सईद के साथ अपनी पहली मुलाकात का भी जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि लगभग दो घंटे चली बातचीत के बाद सईद उन्हें समुद्र का नजारा दिखाने ले गए। इसी दौरान उन्होंने सिगरेट पीने की अनुमति मांगी। यह सुनकर सईद ने भी अपना सिगरेट पैकेट निकाल लिया और दोनों के बीच कॉफी और सिगरेट के साथ हुई बातचीत एक यादगार पल बन गई। किताब में उन्होंने कई विदेशी नेताओं के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों का भी उल्लेख किया है। अल्बानिया के प्रधानमंत्री एडी रामा को उन्होंने बेहद दिलचस्प और सहज व्यक्तित्व वाला नेता बताया है। मेलोनी के मुताबिक, रामा अक्सर समसामयिक मुद्दों पर उनसे संदेशों के जरिए चर्चा करते रहते हैं।
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सर्बिया के राष्ट्रपति को पसंद है इतालवी वाइन 
सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक के साथ अपनी दोस्ती का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि वुसिक को भी इतालवी वाइन पसंद है और उन्होंने एक बार उनके जन्मदिन पर नारंगी गुलाबों का गुलदस्ता भेंट कर उन्हें चौंका दिया था। जापान के पूर्व प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा का जिक्र करते हुए मेलोनी लिखती हैं कि हिरोशिमा में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान उन्होंने उनकी बेटी जिनेव्रा के लिए एक बड़ी हैलो किटी डॉल उपहार में दी थी।

कैफे में कॉफी पिलाने ले गए पोलैंड के प्रधानमंत्री
पोलैंड के तत्कालीन प्रधानमंत्री माटेउज़ मोराविएकी ने भी उनकी पसंद का खास ख्याल रखा। मेलोनी बताती हैं कि उन्हें जे.आर.आर. टॉल्किन की किताबें बेहद पसंद हैं। इसी वजह से वारसॉ दौरे के दौरान मोराविएकी उन्हें 'लॉर्ड ऑफ द रिंग्स' थीम वाले एक कैफे में कॉफी पिलाने ले गए, जहां दोनों ने मिडल-अर्थ की दुनिया पर लंबी चर्चा की। उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने भी उन्हें एक खास तोहफा दिया था। रोम में एक बैठक से पहले उन्होंने मेलोनी की आत्मकथा ‘आई एम जॉर्जिया’ का उज्बेक भाषा में अनुवाद करवाकर उसकी बाउंड कॉपी उन्हें भेंट की थी।


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‘जॉर्जिया विजन’ सिर्फ राजनीतिक आत्मकथा नहीं
पत्रकार एलेसेंड्रो सालुस्ती के साथ बातचीत के आधार पर लिखी गई  ‘जॉर्जिया विजन’ सिर्फ एक राजनीतिक आत्मकथा नहीं है। इसमें नेतृत्व, परिवार, राष्ट्रीय पहचान, योग्यता, आस्था और पश्चिमी सभ्यता के भविष्य जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई है। रूपा पब्लिकेशन्स द्वारा प्रकाशित यह किताब फिलहाल ऑनलाइन और ऑफलाइन स्टोर्स पर उपलब्ध है। 
 

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