फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   If you want to do politics, take off the uniform Maulana Fazlur Rehman lashes out at the Pakistan Army.

पाकिस्तान में सेना बनाम सियासत?: 'राजनीति करनी है तो वर्दी उतारें', Pak आर्मी पर बरसे मौलाना फजलुर रहमान

Mon, 13 Jul 2026 09:25 AM IST
Asmita Tripathi वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Asmita Tripathi Updated Mon, 13 Jul 2026 09:25 AM IST
सार

पाकिस्तान के जेयूआई-एफ प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने सेना पर राजनीति में दखल और संवैधानिक सीमाएं लांघने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीति करनी है तो वर्दी उतारकर चुनाव लड़ें। 

विज्ञापन
If you want to do politics, take off the uniform Maulana Fazlur Rehman lashes out at the Pakistan Army.
मौलाना फजलुर रहमान - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पाकिस्तान के सबसे प्रभावशाली धार्मिक और राजनीतिक नेताओं में से एक मौलाना फजलुर रहमान का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वे देश के सैन्य प्रतिष्ठान पर तीखा हमला करते दिख रहे हैं।

विज्ञापन

उन्होंने सेना पर संवैधानिक भूमिका का उल्लंघन करने, राजनीति में हस्तक्षेप करने और हिंसाग्रस्त बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में राज्य का शासन बहाल करने में विफल होने का आरोप लगाया। 

विज्ञापन

मौलाना फजलुर रहमान ने क्या कहा? 
पंजाब के कसूर में एक रैली को संबोधित करते हुए जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने कहा कि सेना को अपनी संवैधानिक सीमाओं के भीतर रहना चाहिए। अगर वह राजनीतिक भूमिका निभाना चाहती है तो उसे चुनाव लड़ना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा, 'अगर आप राजनीति करना चाहते हैं, तो वर्दी उतारकर आएं। चुनावों में भाग लें। इससें यह साफ हो जाएगा कि लोग वर्दीधारी लोगों को कितने वोट देते हैं।'

मौलाना फजलुर रहमान ने क्या दावा किया?
फजलुर रहमान ने पाकिस्तान की सुरक्षा स्थिति को लेकर दावा किया कि हिंसा के पश्तून-बहुसंख्यक क्षेत्रों में भी फैलने से पहले राज्य ने बलूचिस्तान के बड़े हिस्सों पर अपना नियंत्रण लगातार खो दिया था।  उन्होंने पूछा ' देश बिखर रहा है। शासक कहां हैं?' 'बलूच क्षेत्रों में विद्रोह हुए थे। पूरा बलूच क्षेत्र पाकिस्तान के नियंत्रण से बाहर हो गया था। आज भी वहां पाकिस्तानी सरकार का कोई शासन नहीं है।' उन्होंने दावा किया कि बिगड़ती सुरक्षा स्थिति अब खैबर पख्तूनख्वा तक फैल गई है।

फजलुर रहमान की टिप्पणियों का कारण क्या था?

यह तीखी आलोचना पाकिस्तान सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की ओर से नागरिकों से आतंकवादी समूहों के खिलाफ लड़ाई में सेना के साथ खड़े होने का आग्रह करने के कुछ दिनों बाद आई है, जिसमें उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि व्यापक जन समर्थन के बिना सशस्त्र बल अकेले आतंकवाद को खत्म नहीं कर सकते। फजलुर रहमान ने अपील को सिरे से खारिज कर दिया और तर्क दिया कि देश की रक्षा करना सेना का संवैधानिक दायित्व है।  नागरिकों से राज्य की लड़ाई लड़ने के लिए नहीं कहा जाना चाहिए।

रक्षा के लिए वेतन दिया जाता है
उन्होंने कहा, 'लोग कहते हैं कि हमारे युवा शहीद बन रहे हैं। आपके युवा इसी उद्देश्य से वर्दी पहनते हैं। उन्हें देश की सुरक्षा की रक्षा के लिए वेतन दिया जाता है।' उन्होंने आगे कहा कि तुम अपने खून का एहसान मुझ पर क्यों थोप रहे हो? तुम हमारी मेहनत और पसीने से कमाए गए करों से अपना वेतन ले रहे हो। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed