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UK: दक्षिणपंथी पार्टी के मुखिया के सामने 'कूड़ादान' और 'लोमड़ी' बने उम्मीदवार, जनता इन्हें वोट देने को तैयार
Mon, 13 Jul 2026 07:20 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Mon, 13 Jul 2026 07:20 AM IST
सार
ब्रिटेन की अति-दक्षिणपंथी पार्टी- रिफॉर्म यूके के प्रमुख नाइजल फराज अपनी संसदीय सीट से इस्तीफा देने के बाद एक बार फिर चुनावी मैदान में हैं। जहां ब्रिटेन की मुख्यधारा की पार्टियों ने उनके खिलाफ चुनाव का बहिष्कार किया है तो वहीं अब उन्हें चुनौती देने के लिए 'कूड़ेदान' और 'लोमड़ी' बनकर घूमने वाले उम्मीदवारों से चुनौती मिल रही है। कुछ सर्वे में इन उम्मीदवारों को नाइजल फराज से आगे तक बताया जा रहा है।
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ब्रिटेन में सांसदी के लिए अनोखा मुकाबला।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ब्रिटेन की तेजी से उभरती अति-दक्षिणपंथी- रिफॉर्म यूके पार्टी के मुखिया नाइजल फराज इस वक्त चर्चाओं में हैं। दरअसल, अपने निजी वित्तीय और दान रिकॉर्ड्स को लेकर घिरे फराज ने कुछ समय पहले ही अपनी क्लैक्टन संसदीय सीट से इस्तीफा दे दिया था। अपने इस कदम की वजह तब उन्होंने जनता के बीच जाना और उनके भरोसे के साथ संसद के निचले सदन (हाउस ऑफ कॉमन्स) में लौटना बताया था। हालांकि, अब उनकी चुनावी राह बिल्कुल भी आसान नहीं है।
ऐसा नहीं है कि नाइजल फराज को अपनी पारंपरिक क्लैक्टन सीट पर सत्तासीन लेबर पार्टी या मुख्य विपक्षी दल- कंजर्वेटिव पार्टी के किसी बड़े नेता से चुनौती मिल रही है। हालांकि, उपचुनाव के लिए अब तक जो उम्मीदवार सामने आए हैं, उनके रंग-ढंग और चुनावी चाल देखकर ही जनता उन्हें पसंद करने लगी है। इनमें एक उम्मीदवार है 'कूड़ेदान' की वेशभूषा में घूमने वाला शख्स, जिनकी उम्मीदवारी को जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। दूसरा है- एक लोमड़ी बनकर घूमने वाला व्यक्ति। इन्हें भी जनता काफी पसंद कर रही है। इसके अलावा एक और उम्मीदवार फिशफिंगर (मछली के पकौड़े) की वेशभूषा में अपने लिए वोट मांग रहा है।
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ऐसा नहीं है कि नाइजल फराज को अपनी पारंपरिक क्लैक्टन सीट पर सत्तासीन लेबर पार्टी या मुख्य विपक्षी दल- कंजर्वेटिव पार्टी के किसी बड़े नेता से चुनौती मिल रही है। हालांकि, उपचुनाव के लिए अब तक जो उम्मीदवार सामने आए हैं, उनके रंग-ढंग और चुनावी चाल देखकर ही जनता उन्हें पसंद करने लगी है। इनमें एक उम्मीदवार है 'कूड़ेदान' की वेशभूषा में घूमने वाला शख्स, जिनकी उम्मीदवारी को जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। दूसरा है- एक लोमड़ी बनकर घूमने वाला व्यक्ति। इन्हें भी जनता काफी पसंद कर रही है। इसके अलावा एक और उम्मीदवार फिशफिंगर (मछली के पकौड़े) की वेशभूषा में अपने लिए वोट मांग रहा है।
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आइये जानते हैं कि ब्रिटेन की सबसे कट्टर दक्षिणपंथी पार्टी के नेता नाइजल फराज ने अपने पद से इस्तीफा क्यों दिया? चुनाव में उनके सामने कौन-कौन उम्मीदवार के तौर पर खड़ा है? इनकी चर्चाएं क्यों हैं? फराज जिस सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं, वहां के सर्वे उन्हें मिलने वाली चुनौती को लेकर क्या अनुमान लगा रहे हैं? आइये जानते हैं...
हालांकि, फराज ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है। उन्होंने अपने इस कदम को सही ठहराते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि क्लैक्टन की जनता ही उनके कार्यों की न्यायाधीश बने और उनका राजनीतिक भविष्य तय करे, न कि कोई सत्ता-प्रतिष्ठान, जो उनके मुताबिक उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहा है।
पहले जानें- नाइजल फराज ने क्यों दिया था पद से इस्तीफा?
नाइजल फराज ने क्लैक्टन के संसद सदस्य के पद से इस्तीफा अघोषित वित्तीय दान और एक फंडिंग घोटाले से जुड़े आरोपों के बीच दिया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने अमीर दानकर्ताओं से मिले लाखों पाउंड के उपहारों की सार्वजनिक घोषणा नहीं की, जिसकी वजह से संसद की मानक निगरानी संस्था उनकी जांच कर रही है। आलोचकों और विपक्षी दलों का मानना है कि उनका इस्तीफा और फिर से उसी सीट पर उपचुनाव लड़ना महज एक दिखावा है, ताकि वह अपने खिलाफ चल रही संसदीय जांच में देरी कर सकें और लोगों का ध्यान इन गंभीर आरोपों से भटका सकें।हालांकि, फराज ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है। उन्होंने अपने इस कदम को सही ठहराते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि क्लैक्टन की जनता ही उनके कार्यों की न्यायाधीश बने और उनका राजनीतिक भविष्य तय करे, न कि कोई सत्ता-प्रतिष्ठान, जो उनके मुताबिक उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहा है।
उपचुनाव में उनके सामने कौन-कौन उम्मीदवार के तौर पर खड़ा है?
क्लैक्टन उपचुनाव में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों- लेबर पार्टी, कंजर्वेटिव पार्टी और लिबरल डेमोक्रेट्स ने नाइजल फराज के खिलाफ चुनाव का बहिष्कार किया है, क्योंकि उनका मानना है कि फराज का यह कदम केवल संसदीय जांच से ध्यान भटकाने का एक हथकंडा है। प्रमुख दलों के न होने के कारण, फराज का मुकाबला मुख्य रूप से कई निर्दलीय, व्यंग्यात्मक और विशिष्ट मुद्दों को उठाने वाले उम्मीदवारों से हो रहा है।काउंट बिनफेस: कॉमेडियन जॉन हार्वी उपचुनाव के लिए एक कूड़ेदान की वेशभूषा में अपने लिए प्रचार कर रहे हैं। उनका यह किरदार काउंट बिनफेस व्यंग्यात्मक 'अंतरिक्ष के नेता' का किरदार है, जो कूड़ेदान के आकार का हेलमेट पहनता है। उन्होंने 99 फ्लेक आइसक्रीम की कीमत 99 पेंस तक सीमित करने और नियम तोड़ने वाले साइकिल चालकों को एक पहिये वाली साइकिल चलाने के लिए मजबूर करने जैसे हास्यास्पद वादे किए हैं। उनके इस वादे को 69% ब्रिटिश नागरिकों का समर्थन मिला है।
ब्रिटेन में सांसदी के लिए अनोखा मुकाबला।
- फोटो : अमर उजाला
पियर्स कॉर्बिन: ये लेबर पार्टी के पूर्व प्रमुख जेरेमी कॉर्बिन के भाई और एक कॉन्सपिरेसी थ्योरिस्ट हैं, जो अनिवार्य टीकाकरण को रोकने के लिए प्रचार कर रहे हैं।
लॉरेंस फॉक्स: अभिनेता से नेता बने फॉक्स, जो हाल के वर्षों में धुर-दक्षिणपंथी राजनीति से जुड़े हैं, रिक्लेम पार्टी की ओर से चुनाव लड़ रहे हैं।
रॉब पॉवनॉल: यह एक पशु अधिकार उम्मीदवार हैं, जो ब्रिटिश वन्यजीवों की आवाज उठाने के लिए 'लोमड़ी' की पोशाक पहनकर चुनाव लड़ रहे हैं।
मिस्टर फिशफिंगर: इनका असली नाम पॉल एलिस है और यह एक अन्य कॉमेडी उम्मीदवार हैं। वह फ्रोजन फिशफिंगर (मछली के पकौड़) का आदमकद फोम सूट पहनकर चुनाव लड़ रहे हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि मुख्य विपक्षी दलों के हटने से यह चुनाव एक अजीबोगरीब मुकाबले में तब्दील हो गया है। कुछ आलोचकों ने इस उपचुनाव को एक सर्कस भी कहा है।
लॉरेंस फॉक्स: अभिनेता से नेता बने फॉक्स, जो हाल के वर्षों में धुर-दक्षिणपंथी राजनीति से जुड़े हैं, रिक्लेम पार्टी की ओर से चुनाव लड़ रहे हैं।
रॉब पॉवनॉल: यह एक पशु अधिकार उम्मीदवार हैं, जो ब्रिटिश वन्यजीवों की आवाज उठाने के लिए 'लोमड़ी' की पोशाक पहनकर चुनाव लड़ रहे हैं।
मिस्टर फिशफिंगर: इनका असली नाम पॉल एलिस है और यह एक अन्य कॉमेडी उम्मीदवार हैं। वह फ्रोजन फिशफिंगर (मछली के पकौड़) का आदमकद फोम सूट पहनकर चुनाव लड़ रहे हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि मुख्य विपक्षी दलों के हटने से यह चुनाव एक अजीबोगरीब मुकाबले में तब्दील हो गया है। कुछ आलोचकों ने इस उपचुनाव को एक सर्कस भी कहा है।
फराज के खिलाफ इन उम्मीदवारों को लेकर क्या कहते हैं सर्वे?
सर्वेक्षणों के अनुसार, क्लैक्टन सीट पर नाइजल फराज को अपने प्रतिद्वंद्वियों, खास तौर पर व्यंग्यात्मक उम्मीदवार काउंट बिनफेस से कड़ी और अप्रत्याशित चुनौती मिल रही है।इप्सोस मोरी (Ipsos Mori): एक राष्ट्रीय स्तर के सर्वेक्षण के मुताबिक, 33 प्रतिशत लोग क्लैक्टन उपचुनाव में अंतरिक्ष-थीम वाले व्यंग्यात्मक उम्मीदवार काउंट बिनफेस को जीतते हुए देखना चाहते हैं, जबकि रिफॉर्म यूके के नेता नाइजल फराज को केवल 21 प्रतिशत लोगों का ही समर्थन हासिल हुआ है। इसका मतलब है कि जनता की पसंद के मामले में काउन्ट बिनफेस 12 अंकों के बड़े अंतर से फराज से आगे चल रहे हैं।
यूगव (YouGov): एक अन्य पोल फराज की छवि के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ है। यूगव के सर्वेक्षण के अनुसार, फराज की अपनी ही पार्टी रिफॉर्म यूके के 40 प्रतिशत मतदाता अब उन्हें भ्रष्ट या अनैतिक मानते हैं। यह उनके निजी वित्त और अघोषित चंदे से जुड़ी हालिया विवादित खबरों का नतीजा है। इस सर्वे में फराज को ब्रिटेन का सबसे भ्रष्ट नेता बताया गया है।
एक लिहाज से देखा जाए तो सर्वेक्षण दर्शाते हैं कि मुख्य विपक्षी दलों के इस चुनाव का बहिष्कार करने के बावजूद, फराज के लिए जीत की राह आसान नहीं है। जनता के बीच काउंट बिनफेस उनके लिए एक बेहद मजबूत और लोकप्रिय चुनौती बनकर उभरे हैं।
काउंट बिनफेस वास्तव में कॉमेडियन जॉन हार्वी के ओर से रचा गया एक व्यंग्यात्मक किरदार है, जो खुद को 5,900 साल पुराना 'अंतरिक्ष योद्धा' और सिग्मा IX ग्रह का निवासी और रीसायक्लॉन्स का नेता बताते हैं। उनका नारा 'मेक अर्थ ग्रेट अगेन' है और वह हमेशा अपने सिर पर एक कूड़ेदान के आकार का खास हेलमेट और लबादा पहनता है। उनकी अजीबोगरीब चुनाव घोषणाएं जनता के बीच काफी लोकप्रिय हो रही हैं।
2. वादों से खींचा जनता का ध्यान
ब्रिटेन में क्यों चर्चा में हैं फराज को चुनौती देने वाले काउंट बिनफेस?
1. अजीबोगरीब पहचान और हास्यास्पद नीतियांकाउंट बिनफेस वास्तव में कॉमेडियन जॉन हार्वी के ओर से रचा गया एक व्यंग्यात्मक किरदार है, जो खुद को 5,900 साल पुराना 'अंतरिक्ष योद्धा' और सिग्मा IX ग्रह का निवासी और रीसायक्लॉन्स का नेता बताते हैं। उनका नारा 'मेक अर्थ ग्रेट अगेन' है और वह हमेशा अपने सिर पर एक कूड़ेदान के आकार का खास हेलमेट और लबादा पहनता है। उनकी अजीबोगरीब चुनाव घोषणाएं जनता के बीच काफी लोकप्रिय हो रही हैं।
2. वादों से खींचा जनता का ध्यान
ब्रिटेन में सांसदी के लिए अनोखा मुकाबला।
- फोटो : अमर उजाला
क्या है काउंट बिनफेस का किरदार?
बिनफेस का जन्म एक दिलचस्प कॉपीराइट विवाद से हुआ। जॉन हार्वे ने पहली बार 2017 के आम चुनाव में 'लॉर्ड बकेटहेड' के नाम से तत्कालीन प्रधानमंत्री थेरेसा मे के खिलाफ चुनाव लड़ा था। यह किरदार 1984 की स्टार वार्स पैरोडी फिल्म हाइपरस्पेस से प्रेरित था। जब हार्वे की तस्वीरें वायरल हुईं, तो फिल्म के असली निर्माता टॉड डरहम के साथ उनका कॉपीराइट विवाद हो गया। इसके बाद हार्वे को लॉर्ड बकेटहेड का नाम और ट्विटर अकाउंट छोड़ना पड़ा और उन्होंने 2019 में काउंट बिनफेस के रूप में नया रूप लिया।राजनीतिक इतिहास
उनका राजनीतिक इतिहास ब्रिटिश राजनीति के कुछ सबसे बड़े चेहरों को चुनौती देने से भरा है। 2019 से लेकर अब तक वह कम से कम छह प्रमुख चुनावों में खड़े हो चुके हैं।
2019 आम चुनाव: काउंट बिनफेस के रूप में उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के खिलाफ चुनाव लड़ा।
लंदन मेयर चुनाव (2021 और 2024): 2021 के लंदन मेयर चुनाव में उन्होंने 24,000 से अधिक वोट हासिल किए और 20 उम्मीदवारों में से नौवें स्थान पर रहे, जहाँ उन्होंने पियर्स कॉर्बिन जैसे कई जाने-माने चेहरों को पीछे छोड़ दिया था।
2024 आम चुनाव: हाल ही में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के खिलाफ रिचमंड और नॉर्थहेलर्टन सीट से चुनाव लड़ा। यहां उन्होंने 308 वोट हासिल कर अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ संसदीय प्रदर्शन किया और इसे बिनडिपेंडेंस डे कहकर मनाया।
उपचुनाव: वह 2023 के अक्सब्रिज उपचुनाव और हाल ही में मेकरफील्ड उपचुनाव में एंडी बर्नहैम के खिलाफ भी खड़े हुए थे।
और अब क्लैक्टन उपचुनाव: मौजूदा समय में वह क्लैक्टन उपचुनाव में धुर-दक्षिणपंथी रिफॉर्म यूके के नेता नाइजल फराज के मुख्य प्रतिद्वंद्वी बन चुके हैं। ब्रिटेन में आधिकारिक तौर पर पैरोडी या मजाकिया उम्मीदवारों की एक लंबी परंपरा रही है, जो मुख्यधारा के राजनेताओं का मजाक उड़ाने और उनकी नीतियों के खोखलेपन को उजागर करने के लिए चुनाव लड़ते हैं। काउंट बिनफेस इसी परंपरा का सबसे लोकप्रिय चेहरा बन गए हैं।
लंदन मेयर चुनाव (2021 और 2024): 2021 के लंदन मेयर चुनाव में उन्होंने 24,000 से अधिक वोट हासिल किए और 20 उम्मीदवारों में से नौवें स्थान पर रहे, जहाँ उन्होंने पियर्स कॉर्बिन जैसे कई जाने-माने चेहरों को पीछे छोड़ दिया था।
2024 आम चुनाव: हाल ही में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के खिलाफ रिचमंड और नॉर्थहेलर्टन सीट से चुनाव लड़ा। यहां उन्होंने 308 वोट हासिल कर अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ संसदीय प्रदर्शन किया और इसे बिनडिपेंडेंस डे कहकर मनाया।
उपचुनाव: वह 2023 के अक्सब्रिज उपचुनाव और हाल ही में मेकरफील्ड उपचुनाव में एंडी बर्नहैम के खिलाफ भी खड़े हुए थे।
और अब क्लैक्टन उपचुनाव: मौजूदा समय में वह क्लैक्टन उपचुनाव में धुर-दक्षिणपंथी रिफॉर्म यूके के नेता नाइजल फराज के मुख्य प्रतिद्वंद्वी बन चुके हैं। ब्रिटेन में आधिकारिक तौर पर पैरोडी या मजाकिया उम्मीदवारों की एक लंबी परंपरा रही है, जो मुख्यधारा के राजनेताओं का मजाक उड़ाने और उनकी नीतियों के खोखलेपन को उजागर करने के लिए चुनाव लड़ते हैं। काउंट बिनफेस इसी परंपरा का सबसे लोकप्रिय चेहरा बन गए हैं।
बिनफेस को मीडिया में काफी कवरेज मिल रहा है और बीबीसी रेडियो पर भी उनके इंटरव्यू हुए हैं, जहां उन्होंने मुख्य दलों के चुनाव बहिष्कार पर तंज कसा। उन्हें चुनाव प्रचार में मदद करने के लिए प्रशंसकों के भारी संख्या में ईमेल और संदेश मिल रहे हैं। इसके अलावा लेबर पार्टी के डोनर डेल विंस ने भी क्लैक्टन उपचुनाव में उनके चुनाव अभियान को फंड देने का एलान किया है।