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India-Bangladesh Ties: जमात फैक्टर में उलझी बांग्लादेशी प्रधानमंत्री की भारत यात्रा; तीस्ता कितना बड़ा मसला?
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भारत आएंगे बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान?
- फोटो : Amar Ujala Graphics
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बांग्लादेशी प्रधानमंत्री तारिक रहमान को सितंबर में वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से द्विपक्षीय यात्रा का निमंत्रण भी दिया गया है। ढाका अब तक इस यात्रा का फैसला नहीं कर पाया है। बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय का कहना है कि यात्रा के लिए अनुकूल माहौल बनना जरूरी है और शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा भी उठाया जा रहा है। लेकिन, असल मसला जमात-ए-इस्लामी फैक्टर से जुड़ा हुआ है।
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रहमान की दुविधा केवल यह नहीं है कि भारत से उन्हें क्या हासिल करना है। उन्हें यह भी देखना है कि भारत के साथ किसी बड़े मेलमिलाप की घरेलू राजनीतिक कीमत कितनी होगी। बांग्लादेश के हालिया आम चुनाव में जमात-ए-इस्लामी प्रमुख विपक्ष बनकर उभरा है। उसके पास 68 सीटें हैं और उसके अमीर शफीकुर रहमान विपक्ष के नेता हैं। इतनी मजबूत और संगठित इस्लामवादी ताकत को राजनीतिक रूप से नजरअंदाज करना आसान नहीं है।
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भारत विरोधी है जमात
जमात भारत से संबंध तोड़ना नहीं चाहती है। पार्टी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में भारत के साथ पारस्परिक सम्मान और निष्पक्षता के आधार पर संबंधों की बात की थी। समस्या भारत के साथ संबंधों की शर्तों और पुराने राजनीतिक अविश्वास की है।
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तीस्ता मुद्दे पर भारत से संबंध नहीं बिगाड़ेंगे : बांग्लादेशी मंत्री
बांग्लादेश के जल संसाधन मंत्री शाहिदुद्दीन चौधरी एनी ने कहा कि उनका देश लंबे समय से लंबित तीस्ता जल बंटवारा समझौते को लेकर भारत के साथ अपने मैत्रीपूर्ण संबंधों में गिरावट नहीं चाहता। उन्होंने नई दिल्ली से अपील की कि अपने हितों के साथ-साथ ढाका के हितों को भी ध्यान में रखा जाए। एनी ने ढाका में ‘सस्टेनेबल मैनेजमेंट ऑफ द तीस्ता रिवर’ विषय पर आयोजित एक संगोष्ठी में कहा कि दोनों पड़ोसी देशों के अपने-अपने हित हैं और एक मित्र देश को दूसरे के हितों का भी ख्याल रखना चाहिए।