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भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की हालत कैसी?: इलाज के लिए दुबई किया गया एयरलिफ्ट, यूएई करेगा घटना की जांच
Thu, 01 Oct 2026 05:56 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अबूधाबी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अबूधाबी
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Thu, 01 Oct 2026 05:56 PM IST
सार
दुबई से इस्राइल जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में कॉकपिट के अंदर चाकूबाजी के बाद भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल हुए। इसके बावजूद उन्होंने आपात संकेत भेजे और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की। विमान को तबुक में सुरक्षित उतारा गया और अब कैप्टन को आगे के इलाज के लिए दुबई ले जाया जा रहा है। हमला कैसे हुआ? स्मित मच्छार ने संकट में क्या किया? सुरक्षा पर क्या असर पड़ेगा?
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कैप्टन स्मित मच्छार
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
दुबई से इस्राइल जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में हवा के बीच हुए हमले के बाद घायल भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को अब आगे के इलाज के लिए दुबई ले जाया जा रहा है। विमान के कॉकपिट में सह-पायलट के साथ हुई चाकूबाजी में कैप्टन गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसके बावजूद उन्होंने संकट की घड़ी में विमान और उसमें सवार यात्रियों को बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। अब स्मित मच्छार को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए दुबई एयरलिफ्ट किया जा रहा है।
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स्मित मच्छार ने घायल होने के बाद क्या किया था?
फ्लाईदुबई के विमान एफजेड1073 में बीच उड़ान के दौरान कॉकपिट में सह-पायलट ने स्मित मच्छार पर हमला किया। इस दौरान कैप्टन को कई चोटें आईं और काफी खून भी बहा। इसके बावजूद उन्होंने आपात स्थिति का संकेत भेजा। उन्होंने हाइजैकिंग का संकेत भी सक्रिय किया, जिसके बाद स्थिति को बेहद गंभीर मानते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई शुरू की। स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में भी भूमिका निभाई, जिससे विमान में मौजूद लोगों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद मिली। उनके इस कदम से विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल को स्थिति संभालने का मौका मिला।
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हमले के बाद विमान में क्या हुआ था?
विमान दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से तेल अवीव के लिए रवाना हुआ था। कॉकपिट में हुई घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया और वहां सुरक्षित उतारा गया। घटना के बाद विमान की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हुई। इस घटना को इस्राइल में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बेहद गंभीर मामला माना गया। हालांकि, हमले की पूरी वजह और सह-पायलट के इरादे की जांच अभी जारी है। इस्राइली राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के पूर्व निदेशक हेलिट बारेल ने कहा कि शुरुआती स्तर पर इसे आतंकी हमले की तरह देखना पड़ा, क्योंकि विमान में बड़ी संख्या में लोग सवार थे और विमान तेल अवीव जा रहा था।
स्मित मच्छार को बचाने में किन बातों ने निभाई अहम भूमिका?
इस घटना में घायल कैप्टन तक चिकित्सा सहायता पहुंचना भी बेहद अहम रहा। विमान में मौजूद डॉक्टर ने उनका इलाज किया और बताया गया कि उन्हें गंभीर चोटें आई थीं तथा काफी खून बह गया था। हेलिट बारेल के मुताबिक, विमान में अतिरिक्त चालक दल के सदस्यों की मौजूदगी भी एक महत्वपूर्ण बात रही। संकट के दौरान इन लोगों की मदद से विमान को सुरक्षित संभालने और घटना को आगे बढ़ने से रोकने में सहायता मिली। पूरे घटनाक्रम में कई संयोग और यात्रियों की बहादुरी को महत्वपूर्ण बताया गया।
यूएई ने घटना की जांच को लेकर क्या कहा?
यूएई के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई उड़ान से जुड़ी घटना पर करीबी नजर रख रहा है। मंत्रालय के मुताबिक, विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। यूएई ने यह भी स्पष्ट किया कि विमान यूएई में पंजीकृत है और उसके झंडे के तहत उड़ रहा है। इसलिए विमान में हुए अपराधों की जांच के लिए यूएई के कानून लागू होते हैं, भले ही घटना यूएई की सीमा से बाहर हुई हो। मंत्रालय ने कहा कि यूएई की न्यायिक एजेंसियों को लागू कानूनों के तहत जांच का अधिकार है।
दुबई-इस्राइल हवाई संपर्क पर क्या असर पड़ सकता है?
हेलिट बारेल ने कहा कि दुबई इस्राइल के लिए मध्य-पूर्व में बेहद महत्वपूर्ण विमानन केंद्र है। खासकर थाईलैंड, जापान और भारत जैसे देशों की यात्रा करने वाले इस्राइली यात्रियों के लिए दुबई का हवाई संपर्क महत्वपूर्ण माना जाता है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद विमानन सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा जरूरी होगी। उनके मुताबिक, इस मार्ग पर ऐसे देशों के नागरिक पायलटों के उड़ान भरने का सवाल भी जांच का हिस्सा बन सकता है, जिनके इस्राइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले को एक तरफ सावधानी और दूसरी तरफ सख्ती के साथ संभालना होगा। वहीं, इस्राइली सुरक्षा सेवाओं की ओर से पहले भी यूएई में विमानन सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त इंतजाम की मांग किए जाने की बात कही गई है।