ईरान के हमलों की 37वीं लहर: तेल अवीव के सैन्य ठिकानों पर तीन घंटों तक दागीं मिसाइलें, इस्राइली ने भी दिया जवाब
ईरान की आईआरजीसी ने अपने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 की 37वीं लहर में इरबिल, बहरीन और इस्राइल के सैन्य ठिकानों पर तीन घंटे तक लगातार मिसाइलें दागीं। इसमें खेबर शेकन, कद्र और खोर्रमशहर जैसी भारी मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ। इस हमले से क्षेत्र में तनाव और सुरक्षा हालात गंभीर हो गए हैं।
विस्तार
पश्चिम एशिया में पिछले 12 दिनों से जारी संघर्ष दिन-ब-दिन और भयावह होता जा रहा है। इसी बीच ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अपने जारी प्रतिशोधी अभियान 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' की नई लहरें शुरू करने की घोषणा की है। आईआरजीसी ने बताया कि मंगलवार देर रात इसे लॉन्च किया गया और इसे 37वीं लहर कहा गया। इस हमले में तीन घंटे से ज्यादा समय तक लगातार कई प्रकार की मिसाइलें दागी गई, जिनमें सबसे भारी मिसाइलें भी शामिल थीं।
आईआरजीसी के अनुसार इस बार के हमले में लक्ष्य इराक के कुर्दिस्तान में इरबिल, बहरीन में अमेरिकी नौसेना की फिफ्थ फ्लीट, इस्राइल में बे’एर याकोव और तेल अवीव के सैन्य केंद्र था। इसके साथ ही इन हमलों में खेबर शेकन, कद्र और खोर्रमशहर मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया।
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इस्राइल की सेना ने जवाबी कार्रवाई की
ईरान के इन हमलों के जवाब में इस्राइल ने भी करारा जवाब दिया। इस्राइली रक्षा बल (आईडीएफ) ने बताया कि ईरान ने लगभग 300 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, जिनमें से अधिकतर क्लस्टर बम के साथ थीं। ये बम विस्फोट होने पर कई छोटे विस्फोटक हिस्सों में टूट जाते हैं और 10 किलोमीटर तक फैल सकते हैं। आईडीएफ के अनुसार अधिकांश मिसाइलें इंटरसेप्ट कर दी गई, लेकिन एक बड़ा बम बीट शेमेश के बाहर फटा, जिससे कोई घायल नहीं हुआ।
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मिसाइल हमलों से हुई तबाही
ईरान के मिसाइल हमलों में इस्राइल में 12 लोग मारे गए और 2,000 से अधिक घायल हुए, यह जानकारी इस्राइल के स्वास्थ्य अधिकारियों ने दी। दूसरी ओर आईडीएफ ने लेबनान में हिजबुल्ला से जुड़े अल-कारद अल-हसन संगठन के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। यह संगठन हथियार खरीदने और आतंकवादियों को वेतन देने में शामिल था। साथ ही, इस्राइल ने हिजबुल्ला के 'नासर' यूनिट के कमांडर हसन सालामेह को ज्वाया इलाके में एक सटीक हवाई हमले में मार गिराया। आईडीएफ के अनुसार सालामेह संगठन में कई अहम पदों पर काम कर चुका था।
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