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Hindi News ›   World ›   Iran's new Supreme Leader Mojtaba Khamenei has been missing for 150 days

कहां हैं ईरान के नए सुप्रीम लीडर?: 150 दिन से गायब हैं मोजतबा खामेनेई, मोसाद-सीआईए कर रही तलाश

Sun, 02 Aug 2026 05:36 PM IST
राहुल कुमार आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Sun, 02 Aug 2026 05:36 PM IST
सार

ईरान के सर्वोच्च नेता बनने के बाद से मोजतबा खामेनेई अब तक सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। इस बीच ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि इस्राइली खुफिया एजेंसी मोसाद और अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए उनकी तलाश में जुटी हैं।
 

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Iran's new Supreme Leader Mojtaba Khamenei has been missing for 150 days
ईरान संघर्ष। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमेरिका और इजरायल की तरफ से 28 फरवरी 2026 को किए गए हमले में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद मोजतबा खामेनेई को ईरान का सुप्रीम लीडर बनाया गया। तब से लेकर आज तक मोजतबा को कहीं भी सार्वजनिक तौर पर नहीं देखा गया है। ऐसे में रिपोर्ट्स सामने आ रहे हैं कि इस्राइल और अमेरिकी खुफिया एजेंसियां, मोसाद और सीआईए, उनकी तलाश कर रही हैं। 
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150 दिनों से मोजतबा खामेनेई ने नहीं छुआ फोन
इस्राइली मीडिया ने द टाइम्स ऑफ लंदन के इस हफ्ते की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि लगभग 150 दिनों से मोजतबा खामेनेई ने फोन को हाथ नहीं लगाया है। न ही लैपटॉप, रेडियो या ऐसी किसी भी चीज को जिससे डिजिटल सिग्नल निकलता हो।
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माना जा रहा है कि वह कहीं अंडरग्राउंड रह रहे हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि उनके पिता की मौत वाले एयरस्ट्राइक में लगे जख्मों की वजह से उनका चेहरा खराब हो गया है। उन्हें डर है कि कोई अमेरिकी जासूसी सैटेलाइट उन्हें पहचान लेगा।
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हर साइबर ट्रिक का इस्तेमाल कर चुकी मोसाद और सीआईए
उनके पिता का पता लगाने के लिए, इस्राइल और अमेरिका ने लगभग हर साइबर ट्रिक का इस्तेमाल किया। सुप्रीम लीडर के बॉडीगार्ड और करीबी लोगों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली गाड़ियों की पहचान करने के लिए तेहरान में ट्रैफिक कैमरों को हैक कर लिया गया था।

ये भी पढ़ें: 'पाकिस्तान बिकता नहीं, किराए पर चलता है': रिपोर्ट में बड़ा दावा, क्या अमेरिका को उल्लू बना रहा PAK?

अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी और उसकी इस्राइली समकक्ष यूनिट 8200 के कोऑर्डिनेशन से बनी इस तकनीक से पता चला था कि उस दिन अली खामेनेई और उनके आस-पास के वरिष्ठ सैन्य और खुफिया अधिकारी ठीक कहां थे और वे सभी मारे गए।

ह्यूमन इंटेलिजेंस के सहारे अमेरिका-इस्राइल
मोजतबा खामेनेई को ढूंढने का तरीका अब सिग्नल इंटरसेप्शन या तकनीकी निगरानी नहीं है, बल्कि ह्यूमन इंटेलिजेंस है। ह्यूमन इंटेलिजेंस खुफिया जानकारी जुटाने का पुराना, धीमा और खतरनाक तरीका है। इसके लिए लोगों को अपनी आंखों से चीजें देखनी होती हैं, जानकारी को आगे पहुंचाना होता है और जिंदा भी रहना होता है।

इंटेलिजेंस कम्युनिटी में कुछ लोगों का मानना है कि वह शायद पहले ही मर चुका है और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स अमेरिकियों के खिलाफ युद्ध को सही साबित करने के लिए सुप्रीम लीडर के जिंदा होने का नाटक कर रही है।


अगर मोसाद और सीआईए फिर भी उनकी लोकेशन पता करने में कामयाब हो जाते हैं, तो यह मामला राजनीतिक क्षेत्र में चला जाएगा। येरूसलम और वाशिंगटन में सुरक्षा प्रमुख को यह तय करना होगा कि इस जानकारी का क्या करना है। उस समय, सवाल ऑपरेशनल नहीं, बल्कि रणनीतिक होगा।

अमेरिका के एक पुराने सीनियर इंटेलिजेंस अधिकारी ने इस मुश्किल के बारे में कहा, "मुझे लगता है कि हमने अभी के लिए शायद काफी ईरानी नेताओं को मार दिया है, खासतौर से जब तक कि इस बात का पूरा भरोसा न हो कि मौजूदा नेता की जगह कोई ऐसा आएगा जो ईरान के लोकतांत्रिक भविष्य के लिए प्रतिबद्ध हो।"
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