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Iran: 'हमारे द्वीपों पर हमला हुआ तो खून से लाल होगी फारस की खाड़ी', ईरानी संसद के अध्यक्ष की बड़ी चेतावनी

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई Published by: Pavan Updated Thu, 12 Mar 2026 03:35 PM IST
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सार

ईरान के संसद अध्यक्ष ने गुरुवार को कहा कि ईरान के द्वीपों पर किसी भी आक्रमण से 'फारसी खाड़ी आक्रमणकारियों के खून से लथपथ हो जाएगी।' ईरान के पास तीन द्वीप हैं जो उसने 1971 में संयुक्त अरब अमीरात के गठन से पहले उससे छीन लिए थे। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि अमेरिका फारसी खाड़ी में ईरान के मुख्य तेल टर्मिनल, खर्ग द्वीप को निशाना बना सकता है।

Iran's parliament speaker warns against any invasion of Iran's islands, News In Hindi
पश्चिम एशिया में संघर्ष - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कालिबफ ने गुरुवार को कहा कि ईरान के द्वीपों पर किसी भी तरह का आक्रमण करने वाले 'फारस की खाड़ी को हमलावरों के खून से सराबोर कर देगा।' यह चेतावनी ईरान में चल रहे युद्ध के बीच तनाव को और बढ़ाने वाली है। यह स्पष्ट नहीं है कि कालिबाफ की यह टिप्पणी किस विशेष घटना से प्रेरित थी। हालांकि, यह बयान ईरान और अन्य देशों के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का संकेत देता है।
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खर्ग द्वीप को निशाना बना सकता है अमेरिका
ऐतिहासिक रूप से, ईरान 1971 में अपने गठन से पहले संयुक्त अरब अमीरात से तीन द्वीपों पर नियंत्रण रखता है। ये द्वीप फारस की खाड़ी में सामरिक महत्व रखते हैं। इस बीच, ऐसी अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि संयुक्त राज्य अमेरिका फारस की खाड़ी में स्थित खर्ग द्वीप को निशाना बना सकता है, जो ईरान का मुख्य तेल टर्मिनल है। खर्ग द्वीप ईरान के तेल निर्यात का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, और इस पर किसी भी तरह का हमला ईरान की अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।

2018 से ईरान अमेरिका के बीच तनाव
ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं, खासकर 2018 में अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका के हटने के बाद। हाल के वर्षों में, दोनों देशों के बीच प्रत्यक्ष सैन्य टकराव तो नहीं हुआ है, लेकिन अप्रत्यक्ष संघर्ष और तनाव जारी रहा है। ईरान के क्षेत्रीय प्रभाव और परमाणु कार्यक्रम को लेकर पश्चिमी देशों की चिंताएं बनी हुई हैं।

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कालिबफ की चेतावनी के मायने क्या?
ईरानी संसद अध्यक्ष कालिबफ की यह चेतावनी ईरान की अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह बयान किसी भी बाहरी आक्रामकता के खिलाफ ईरान की प्रतिक्रिया की कठोरता को रेखांकित करता है और क्षेत्र में अस्थिरता की आशंकाओं को बढ़ाता है। खर्ग द्वीप जैसे महत्वपूर्ण ठिकानों पर संभावित हमलों की अटकलें स्थिति को और जटिल बनाती हैं।

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