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US-Iran: 'तेल बाजार को प्रभावित करने के लिए फेक न्यूज फैला रहा अमेरिका', ईरान ने ट्रंप के सभी दावों को नकारा

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान Published by: Himanshu Singh Chandel Updated Mon, 23 Mar 2026 09:47 PM IST
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सार

ईरान ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बातचीत के दावे को खारिज कर दिया है। संसद अध्यक्ष ने कहा कि कोई बातचीत नहीं हुई और फेक न्यूज के जरिए तेल बाजार को प्रभावित किया जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने भी साफ किया कि रुख में कोई बदलाव नहीं है। ईरान ने हमलावर देशों को सजा देने की बात दोहराई है।

Iran Speaker junks Trump-Israel negotiations claim says trying to manipulate markets by Fake news
ईरान बनाम अमेरिका - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बातचीत वाले दावों पर ईरान ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। ईरान की संसद के स्पीकर ने साफ कहा है कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है और फेक न्यूज के जरिए तेल और वित्तीय बाजारों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच बयानबाजी और तेज हो गई है।
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ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका और इस्राइल मौजूदा हालात से निकलने के लिए झूठी खबरें फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान ने अमेरिका के साथ किसी तरह की बातचीत नहीं की है। इससे पहले ट्रंप ने दावा किया था कि दोनों देशों के बीच बातचीत हुई है और कई मुद्दों पर सहमति बनी है।
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क्या सच में अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत हुई?
ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी साफ किया है कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है। प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि तेहरान का रुख पहले जैसा ही है और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि कुछ मित्र देशों के जरिए अमेरिका की तरफ से बातचीत के संकेत जरूर आए थे, लेकिन ईरान ने इस पर कोई औपचारिक बातचीत नहीं की।

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फेक न्यूज और बाजार की बात क्यों कही गई?
गालिबाफ ने आरोप लगाया कि फेक न्यूज का इस्तेमाल तेल और वित्तीय बाजारों को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है। उनका कहना है कि ऐसे दावे करके बाजार में भ्रम फैलाया जाता है, जिससे कीमतों पर असर पड़ता है। उन्होंने इसे अमेरिका और इस्राइल की रणनीति का हिस्सा बताया।

ईरान की क्या है मुख्य मांग?
ईरान ने कहा है कि वह हमलावर देशों को पूरी तरह सजा देने की मांग करता है। ग़ालिबाफ ने कहा कि जब तक यह लक्ष्य हासिल नहीं होता, ईरानी अधिकारी अपने सुप्रीम लीडर और जनता के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। इससे साफ है कि ईरान फिलहाल अपने रुख में कोई नरमी नहीं दिखा रहा है।

होर्मुज और युद्ध को लेकर क्या रुख है?
विदेश मंत्रालय ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य और युद्ध खत्म करने को लेकर ईरान की शर्तें पहले जैसी ही हैं। साथ ही चेतावनी दी गई कि अगर ईरान के अहम ढांचे पर हमला हुआ, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है। एक तरफ अमेरिका बातचीत का दावा कर रहा है, तो दूसरी तरफ ईरान साफ इनकार कर रहा है। इससे साफ है कि दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी बनी हुई है। फिलहाल हालात बेहद तनावपूर्ण हैं और किसी भी समय स्थिति और बिगड़ सकती है।

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