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ईरान की नौसेना का बड़ा दावा: अमेरिका के सबसे ताकतवर युद्धपोत अब्राहम लिंकन को बनाया निशाना, दागी मिसाइलें
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
Published by: Himanshu Singh Chandel
Updated Wed, 25 Mar 2026 05:56 PM IST
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सार
ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को मिसाइल से निशाना बनाया है, हालांकि अमेरिका ने इसकी पुष्टि नहीं की है। दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। आइए, इस पूरे मामले को विस्तार से जानते हैं। साथ ही ये भी जानेंगे कि अब्राहम लिंकन युद्धपोत कितना ताकतवर है।
ईरान का बड़ा दावा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच ईरान ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उसने अमेरिका के सबसे ताकतवर युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को मिसाइलों से निशाना बनाया है। ईरान का कहना है कि उसके तटीय क्रूज मिसाइलों ने समुद्र में तैनात इस युद्धपोत को टारगेट किया। इस दावे ने पहले से ही तनावपूर्ण हालात को और ज्यादा गंभीर बना दिया है। हालांकि इस हमले को लेकर अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
ईरान की सेना के मुताबिक युद्ध के 26वें दिन यह कार्रवाई की गई। ईरानी नौसेना ने कहा कि अब्राहम लिंकन लगातार उसकी निगरानी में था और जैसे ही वह मिसाइल की रेंज में आया, उसे निशाना बनाया गया। ईरान ने साफ किया है कि वह अमेरिका के हर कदम पर नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर जवाबी कार्रवाई जारी रखेगा। इस बीच पाकिस्तान ने अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को ईरान तक पहुंचाया है, लेकिन तेहरान ने बातचीत के संकेतों को खारिज कर दिया है।
क्या सच में अमेरिकी युद्धपोत को निशाना बनाया गया?
ईरान का दावा है कि उसने सफलतापूर्वक हमला किया, लेकिन अमेरिका की तरफ से इस पर कोई पुष्टि नहीं आई है। ऐसे में इस दावे की सच्चाई को लेकर सवाल बने हुए हैं। हालांकि यह साफ है कि दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है और सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं।
ये भी पढ़ें- 'अमेरिका से कोई शांति वार्ता नहीं': पाकिस्तान में ईरानी राजदूत ने बताई सच्चाई, कहा- ये जंग धोखेबाजी का नतीजा
इस्राइल और अमेरिका का क्या है रुख?
इस्राइल ने साफ कहा है कि वह ईरान के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेगा जब तक खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता। भारत में इस्राइल के राजदूत ने भी चेतावनी दी है कि अगर ईरान नहीं रुका तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। अमेरिका भी ईरान पर दबाव बनाए हुए है, हालांकि ट्रंप ने हाल में कुछ नरमी के संकेत भी दिए हैं।
ईरान के नेताओं ने कहा है कि वे क्षेत्र में अमेरिका की हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। संसद अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि किसी भी गलत आकलन का जवाब कड़ा होगा। ईरान ने यह भी कहा कि वह अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। इन हालातों के बीच पश्चिम एशिया में शांति की संभावना फिलहाल कमजोर नजर आ रही है।
अब्राहम लिंकन विमानवाहक युद्धपोत कितना ताकतवर
अमेरिका की नौसेना का एक परमाणु ऊर्जा से चलने वाला विमानवाहक युद्धपोत है। यह दुनिया के सबसे शक्तिशाली सैन्य जहाजों में गिना जाता है और अमेरिकी नौसेना की ताकत का बड़ा प्रतीक है।
क्या है इसकी खासियत?
कैसे करता है काम?
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ईरान की सेना के मुताबिक युद्ध के 26वें दिन यह कार्रवाई की गई। ईरानी नौसेना ने कहा कि अब्राहम लिंकन लगातार उसकी निगरानी में था और जैसे ही वह मिसाइल की रेंज में आया, उसे निशाना बनाया गया। ईरान ने साफ किया है कि वह अमेरिका के हर कदम पर नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर जवाबी कार्रवाई जारी रखेगा। इस बीच पाकिस्तान ने अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को ईरान तक पहुंचाया है, लेकिन तेहरान ने बातचीत के संकेतों को खारिज कर दिया है।
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क्या सच में अमेरिकी युद्धपोत को निशाना बनाया गया?
ईरान का दावा है कि उसने सफलतापूर्वक हमला किया, लेकिन अमेरिका की तरफ से इस पर कोई पुष्टि नहीं आई है। ऐसे में इस दावे की सच्चाई को लेकर सवाल बने हुए हैं। हालांकि यह साफ है कि दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है और सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं।
ये भी पढ़ें- 'अमेरिका से कोई शांति वार्ता नहीं': पाकिस्तान में ईरानी राजदूत ने बताई सच्चाई, कहा- ये जंग धोखेबाजी का नतीजा
इस्राइल और अमेरिका का क्या है रुख?
इस्राइल ने साफ कहा है कि वह ईरान के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेगा जब तक खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता। भारत में इस्राइल के राजदूत ने भी चेतावनी दी है कि अगर ईरान नहीं रुका तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। अमेरिका भी ईरान पर दबाव बनाए हुए है, हालांकि ट्रंप ने हाल में कुछ नरमी के संकेत भी दिए हैं।
ईरान के नेताओं ने कहा है कि वे क्षेत्र में अमेरिका की हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। संसद अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि किसी भी गलत आकलन का जवाब कड़ा होगा। ईरान ने यह भी कहा कि वह अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। इन हालातों के बीच पश्चिम एशिया में शांति की संभावना फिलहाल कमजोर नजर आ रही है।
अब्राहम लिंकन विमानवाहक युद्धपोत कितना ताकतवर
अमेरिका की नौसेना का एक परमाणु ऊर्जा से चलने वाला विमानवाहक युद्धपोत है। यह दुनिया के सबसे शक्तिशाली सैन्य जहाजों में गिना जाता है और अमेरिकी नौसेना की ताकत का बड़ा प्रतीक है।
क्या है इसकी खासियत?
- यह निमिट्ज क्लास का एयरक्राफ्ट कैरियर है।
- परमाणु ऊर्जा से चलता है, इसलिए इसे बार-बार ईंधन भरने की जरूरत नहीं होती।
- यह लगभग 90 से ज्यादा लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर ले जा सकता है।
- एक छोटे शहर जितना बड़ा, इसमें करीब 5000 से ज्यादा क्रू मेंबर रहते हैं।
कैसे करता है काम?
- यह समुद्र में चलते-चलते ही फाइटर जेट लॉन्च और लैंड कर सकता है।
- इसमें F/A-18 जैसे लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और निगरानी विमान तैनात होते हैं।
- युद्ध के समय यह हमला, निगरानी और सुरक्षा तीनों काम करता है।
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