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पश्चिम एशिया संकट: ईरान की अमेरिका को चेतावनी- जब तक हम नहीं चाहेंगे, पुरानी स्थिति बहाल नहीं होगी

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान। Published by: Nirmal Kant Updated Wed, 25 Mar 2026 04:07 PM IST
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सार

आईआरजीसी के प्रवक्ता ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि जब तक वह न चाहे, तब तक क्षेत्र में तब तक पुरानी स्थिति बहाल नहीं हो सकती। प्रवक्ता ने कहा कि अब क्षेत्र में अमेरिकी निवेश की कोई खबर नहीं मिलेगी। पढ़िए रिपोर्ट-

west asia conflict: Iran khatam al anbia warns us not call defeat an agreement energy oil prices investment
केएसीएचक्यू के प्रवक्ता। - फोटो : एक्स/काबुल में ईरानी दूतावास/वीडियो ग्रैब
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विस्तार

पश्चिम एशिया में जारी संकट गहराता जा रहा है। इस बीच, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने बुधवार को एक बार फिर अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि जारी संघर्ष में हो रहे घटनाक्रम को कूटनीतिक कामयाबी के रूप में पेश न किया जाए। उन्होंने कहा, अपनी हार को समझौता न कहो। जब वह नहीं चाहेंगे, तब तक कोई भी पुरानी स्थिति बहाल नहीं हो पाएगी। 
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ईरानी सैन्य मुख्यालय के प्रवक्ता ने क्या कहा?
आईआरजीसी के खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय (केएसीएचक्यू) के प्रवक्ता ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा, अपनी हार को समझौता मत कहो। उन्होंने कहा, अब क्षेत्र में आपके निवेश की कोई खबर नहीं होगी और न ही आपको उर्जा व तेल के पहले जैसे दाम देखने को मिलेंगे। उन्होंने आगे कहा, जब तक हम नहीं चाहेंगे, तब तक कोई भी स्थिति अपने पुराने हाल में वापस नहीं लौटेगी। 
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यह बयान ऐसे समय में आया है, जब ईरान, अमेरिका और इस्राइल के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। एक ओर सैन्य गतिविधियां तेज हो रही हैं। वहीं, दूसरी ओर कूटनीतिक बातचीत की संभावनाओं की खबरें सामने आ रही हैं, जो पूरे क्षेत्र की स्थिति को प्रभावित कर रही हैं। आईआरजीसी के प्रवक्ता ने क्षेत्र के देशों से अपील की कि वे अमेरिका, यहूदी राष्ट्रवादी (जायनिस्ट) शासन के खिलाफ एकजुट हों। 

उन्होंने अमेरिकी की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा, हमें किसी दूर बैठे ऐसे देश की जरूरत नहीं, जो इस्राइल को प्राथमिकता देता है और आपको जानवरों की तरह समझता है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या अमेरिका वास्तव में क्षेत्र के देशों की सुरक्षा के लिए आगे आएगा। उन्होंने कहा, क्या अमेरिकी आपकी रक्षा में एक भी गोली चलाएंगे?

ये भी पढ़ें: रूसी रक्षा मंत्रालय का दावा- मार गिराए 389 यूक्रेनी ड्रोन, 13 क्षेत्रों को बनाया था निशाना

केएसीएचक्यू क्या है?
केएसीएचक्यू सीधे ईरान के सर्वोच्च नेता के अधीन है और यह इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईजीसी) व ईरानी सेना के बीच परिचालन में तालमेल बनाने व नियंत्रण का काम करता है। 

आईआरजीसी के प्रवक्ता की ये टिप्पणियां ईरान की व्यापक रणनीति को दर्शाती हैं, जिसमें वह इस टकराव को बड़े भू-राजनीतिक संघर्ष के रूप में पेश कर रहा है और इस्लामी देशों से एकजुट होने की अपील कर रहा है। ईरान ने अमेरिका से बातचीत से इनकार किया है। 

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने क्या कहा?
ईरान ने सार्वजनिक रूप से अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत के दावों को खारिज किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वॉशिंगटन ने ईरानी अधिकारियों के साथ बहुच अच्छी और सकारात्मक बातचीत की है, जिसका मकसद पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को पूरी तरह खत्म करना है। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने बातचीत में प्रगति के कारण ईरान के पावर ग्रिड पर होने वाले एक संभावित हमले को पांच दिनों के लिए टाल दिया। 


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