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US: 'ईरान के हथियार कार्यक्रम से दुनिया को बड़ा खतरा, यूरोप तक पहुंच सकती हैं मिसाइलें', रुबियो ने किया आगाह
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।
Published by: Nirmal Kant
Updated Wed, 01 Apr 2026 11:27 PM IST
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सार
US: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान ने ऐसी मिसाइलें विकसित कर ली हैं, जो यूरोप तक पहुंच सकती हैं और यह वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिका के सैन्य अभियान का बचाव किया। पढ़िए रिपोर्ट-
मार्को रुबियो, अमेरिकी विदेश मंत्री
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान ने ऐसी मिसाइलें बना ली हैं, जो यूरोप के अंदर तक पहुंचने में सक्षम हैं। उन्होंने तेहरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का बचाव किया और ईरान के हथियार कार्यक्रम से पैदा होने वाले बड़े वैश्विक खतरे की चेतावनी दी।
फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में रुबियो ने कहा कि ईरान की ओर से हाल ही में किए गए मिसाइल परीक्षणों ने ऐसी क्षमताओं का प्रदर्शन किया है, जिन्हें पहले वह खारिज कर रहा था। उन्होंने दावा किया कि ये मिसाइलें यूरोप के भीतर तक पहुंच सकती हैं।
उन्होंने बताया कि यह ईरान की ओर से अपनी सैन्य पहुंच का विस्तार करने के बड़े प्रयासों का ही एक हिस्सा है। इन प्रयासों में लंबी दूरी की ऐसी प्रणालियां विकसित करना भी शामिल है, जो आखिरकार अमेरिका को भी निशाना बना सकती हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि वे आखिरकार ऐसी मिसाइल हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जो सीधे अमेरिकी महाद्वीप तक पहुंच सके।
उन्होंने ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को उसकी परमाणु महत्वाकांक्षाओं से सीधे जोड़ते हुए कहा कि दोनों मुद्दों को एक साथ ही सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तेहरान ने 60 फीसदी यूरेनियम का संशोधन कर लिया है और उसके पास अभी भी इतनी क्षमता मौजूद है कि वह बहुत कम समय में इसे 'हथियार-श्रेणी' के स्तर तक पहुंच सकता है।
रुबियो ने आगे कहा, 60 फीसदी संवर्धित यूरेनियम रखने का एकमात्र कारण यही है कि इसे और संवर्धित करके 90 फीसदी तक पहुंचाया जाए और फिर इसका इस्तेमाल बम बनाने में किया जाए। उन्होंने ईरान पर यह भी आरोप लगाया कि उसने अपने यूरेनियम के भंडार को नष्ट करने या सौंपने के कई मौकों को ठुकरा दिया है।
ये भी पढ़ें: रूस ने खारिज किया ईस्टर पर यूक्रेन का युद्धविराम प्रस्ताव, कहा- यह केवल प्रचार की चाल है
अमेरिकी-इस्राइली सैन्य अभियान का मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना: रुबियो
उन्होंने बताया कि अमेरिका ने एक समन्वित सैन्य अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य ईरान को अपनी उन्नत हथियार प्रणालियों की आड़ में अपने परमाणु कार्यक्रम को छिपाने से रोकना है। इस अभियान के चार मुख्य उद्देश्य हैं- ईरान की वायु सेना और नौसेना को नष्ट करना, मिसाइल लॉन्च करने वाली प्रणालियों को निष्क्रिय करना, और ड्रोन तथा मिसाइलों का उत्पादन करने वाली फैक्ट्रियों को पूरी तरह से खत्म करना।
उन्होंने कहा, हम इन चारों उद्देश्यों को पूरा करने के मामले में या तो तय समय-सीमा के अनुसार ही चल रहे हैं या फिर उससे भी आगे चल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना अपने लक्ष्यों को हासिल करने के बहुत करीब पहुंच चुकी है।
इनपुट: आईएएनएस
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फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में रुबियो ने कहा कि ईरान की ओर से हाल ही में किए गए मिसाइल परीक्षणों ने ऐसी क्षमताओं का प्रदर्शन किया है, जिन्हें पहले वह खारिज कर रहा था। उन्होंने दावा किया कि ये मिसाइलें यूरोप के भीतर तक पहुंच सकती हैं।
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उन्होंने बताया कि यह ईरान की ओर से अपनी सैन्य पहुंच का विस्तार करने के बड़े प्रयासों का ही एक हिस्सा है। इन प्रयासों में लंबी दूरी की ऐसी प्रणालियां विकसित करना भी शामिल है, जो आखिरकार अमेरिका को भी निशाना बना सकती हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि वे आखिरकार ऐसी मिसाइल हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जो सीधे अमेरिकी महाद्वीप तक पहुंच सके।
उन्होंने ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को उसकी परमाणु महत्वाकांक्षाओं से सीधे जोड़ते हुए कहा कि दोनों मुद्दों को एक साथ ही सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तेहरान ने 60 फीसदी यूरेनियम का संशोधन कर लिया है और उसके पास अभी भी इतनी क्षमता मौजूद है कि वह बहुत कम समय में इसे 'हथियार-श्रेणी' के स्तर तक पहुंच सकता है।
रुबियो ने आगे कहा, 60 फीसदी संवर्धित यूरेनियम रखने का एकमात्र कारण यही है कि इसे और संवर्धित करके 90 फीसदी तक पहुंचाया जाए और फिर इसका इस्तेमाल बम बनाने में किया जाए। उन्होंने ईरान पर यह भी आरोप लगाया कि उसने अपने यूरेनियम के भंडार को नष्ट करने या सौंपने के कई मौकों को ठुकरा दिया है।
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अमेरिकी-इस्राइली सैन्य अभियान का मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना: रुबियो
उन्होंने बताया कि अमेरिका ने एक समन्वित सैन्य अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य ईरान को अपनी उन्नत हथियार प्रणालियों की आड़ में अपने परमाणु कार्यक्रम को छिपाने से रोकना है। इस अभियान के चार मुख्य उद्देश्य हैं- ईरान की वायु सेना और नौसेना को नष्ट करना, मिसाइल लॉन्च करने वाली प्रणालियों को निष्क्रिय करना, और ड्रोन तथा मिसाइलों का उत्पादन करने वाली फैक्ट्रियों को पूरी तरह से खत्म करना।
उन्होंने कहा, हम इन चारों उद्देश्यों को पूरा करने के मामले में या तो तय समय-सीमा के अनुसार ही चल रहे हैं या फिर उससे भी आगे चल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना अपने लक्ष्यों को हासिल करने के बहुत करीब पहुंच चुकी है।
इनपुट: आईएएनएस