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ट्रंप नाटो से नाराज: ईरान में जंग के बीच विदेश मंत्री रुबियो की पुरानी पोस्ट वायरल क्यों, किस बयान पर चर्चा?

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: अमन तिवारी Updated Thu, 02 Apr 2026 10:11 AM IST
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सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नाटो से नाराजगी के बीच विदेश मंत्री मार्को रुबियो का पुराना बयान चर्चा में है। रुबियो ने पहले कहा था कि राष्ट्रपति सीनेट की मंजूरी के बिना नाटो नहीं छोड़ सकते। फिलहाल, ईरान युद्ध में यूरोपीय देशों से मदद न मिलने के कारण ट्रंप नाटो से काफी नाराज हैं।

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मार्को रुबियो, अमेरिकी विदेश मंत्री - फोटो : ANI
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विस्तार

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का दो साल पुराना एक सोशल मीडिया पोस्ट फिर से चर्चा में आ गया है। इसमें उन्होंने तर्क दिया था कि अमेरिकी राष्ट्रपतियों के पास नाटो (NATO) से अकेले बाहर निकलने का अधिकार नहीं होना चाहिए। यह मामला तब दोबारा उठा है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ युद्ध खत्म होने के बाद वह नाटो में अमेरिका की भूमिका पर फिर से विचार करेंगे।
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रूबियो की पोस्ट में क्या?
दिसंबर 2023 में रुबियो फ्लोरिडा से सीनेटर थे। तब उन्होंने एक्स पर लिखा था, 'किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति को सीनेट की मंजूरी के बिना नाटो से हटने का अधिकार नहीं होना चाहिए।' उस समय रुबियो ने एक कानून का समर्थन किया था। यह कानून किसी भी राष्ट्रपति को कांग्रेस की सहमति के बिना इस ऐतिहासिक सैन्य गठबंधन से बाहर निकलने से रोकता है। उन्होंने इसे राष्ट्रीय हितों और लोकतांत्रिक सहयोगियों की सुरक्षा के लिए एक जरूरी कदम बताया था।
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पुराना पोस्ट हुई वायरल
बुधवार को यह पुराना पोस्ट फिर से वायरल हो गया और इसे 23 लाख से ज्यादा लोगों ने देखा। इस पर सीनेट में अल्पमत के नेता चक शूमर ने भी अपनी बात रखी। शूमर ने कहा कि सीनेट नाटो छोड़ने और अपने सहयोगियों का साथ छोड़ने के पक्ष में वोट नहीं देगी। उन्होंने रुबियो को उस कानून के लिए धन्यवाद दिया जिसके तहत नाटो छोड़ने के लिए सीनेट में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। शूमर ने कहा कि यह कानून सुनिश्चित करता है कि कोई भी राष्ट्रपति अपनी मर्जी से ऐसा फैसला न ले सके।

ये भी पढ़ें:  'NATO महज कागजी शेर': सहयोगी देशों पर फूटा ट्रंप का गुस्सा, होर्मुज का जिक्र कर चीन-जापान को भी सुना डाला

क्या बोले रुबियो?
मंगलवार को एक टीवी कार्यक्रम में रुबियो ने अपनी पुरानी स्थिति पर बात की। उन्होंने माना कि पहले वह नाटो को अमेरिका की ताकत बढ़ाने का एक अच्छा जरिया मानते थे। लेकिन अब उन्हें लगता है कि नाटो एकतरफा रास्ता बन गया है। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका को सैन्य कार्रवाई में मदद की जरूरत है, तब कई वैश्विक नेता पीछे हट रहे हैं।

खबरों के अनुसार, इटली और स्पेन ने अमेरिकी विमानों को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने से मना कर दिया है। फ्रांस और स्पेन ने अपने हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल पर भी पाबंदी लगा दी है। रुबियो ने सवाल उठाया कि अगर जरूरत के समय इन ठिकानों का इस्तेमाल ही नहीं हो सकता, तो वहां अरबों डॉलर और अमेरिकी सेना रखने का क्या फायदा?

नाटो से राष्ट्रपति ट्रंप नाराज
यूरोपीय देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए अपने जहाज भेजने से भी मना कर दिया है। इससे राष्ट्रपति ट्रंप काफी नाराज हैं। उन्होंने नाटो सदस्यों को 'कायर' और 'कागजी शेर' कहा है। ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि वह नाटो से कभी प्रभावित नहीं थे और रूसी राष्ट्रपति पुतिन भी जानते हैं कि यह एक कागजी शेर है।

हालांकि, 2024 में रुबियो ने सीबीएस न्यूज को बताया था कि उनका 2023 का कानून खास तौर पर ट्रंप को टारगेट करके नहीं था। उन्होंने यह विश्वास जताया था कि राष्ट्रपति असल में गठबंधन से पीछे नहीं हटेंगे। उस समय, उन्होंने सुझाव दिया था कि ट्रंप बस अपने अनोखे तरीके से कुछ नाटो देशों से और ज्यादा करने की मांग करेंगे।

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