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इस्राइल-US के बीच बड़ा रक्षा सौदा: अमेरिका से खरीदेगा F-35 और एफ-15आईए लड़ाकू विमान, डील को मंजूरी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sun, 03 May 2026 07:14 PM IST
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सार
ईरान के साथ हालिया संघर्ष के बाद इस्राइल ने अमेरिका के साथ अरबों डॉलर के रक्षा सौदे को मंजूरी दी है। इस सौदे के तहत दो नए लड़ाकू स्क्वाड्रन खरीदे जाएंगे, जो इस्राइल की वायु श्रेष्ठता को अगले एक दशक तक सुरक्षित और मजबूत बनाए रखेंगे।
अमेरिकी लड़ाकू विमान ( प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : X/@WhiteHouse
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विस्तार
इस्राइल ने अमेरिका से अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों की बड़ी खेप खरीदने को मंजूरी दे दी है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस्राइल दो नए लड़ाकू स्क्वाड्रन खरीदेगा। यह समझौता लॉकहीड मार्टिन और बोइंग के साथ किया गया है। इस डील की कुल कीमत अरबों डॉलर है।
रक्षा बलों को मिलेगी अभूतपूर्व मजबूती
इस्राइल की मंत्रिस्तरीय खरीद समिति ने इस सौदे को हरी झंडी दे दी है। इसके लिए 119 बिलियन डॉलर यानी 11, 900 करोड़ रुपये का फंड तय किया गया है। इसका उद्देश्य इस्राइल के रक्षा बलों को मजबूत करना है। इस्राइल भावी चुनौतियों के लिए पूरी तरह से तैयार रहने की कोशिश में है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक अमीर बरम ने इस डील के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तत्काल युद्धकालीन खरीद जरूरतों के साथ-साथ, हमारी यह जिम्मेदारी है कि हम 10 साल बाद की सैन्य बढ़त को सुनिश्चित करने के लिए अभी कदम उठाएं। ईरान युद्ध ने यह साबित कर दिया है कि रणनीतिक साझेदारी और वायु शक्ति कितनी जरूरी है।
इस समझौते के तहत इस्राइल लॉकहीड मार्टिन से चौथा एफ-35 स्क्वाड्रन खरीदेगा। इसके अलावा, बोइंग से एफ-15आईए लड़ाकू विमानों का दूसरा स्क्वाड्रन भी लिया जाएगा। आपको बता दें कि दिसंबर में बोइंग को 8.6 बिलियन डॉलर का अनुबंध मिला था। इसमें 25 नए एफ-15आईए और 25 और विमानों का विकल्प शामिल था।
यह भी पढ़ें: Trump: ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी; कहा- संघर्षविराम बढ़ाने की संभावनाएं कम, समझौता नहीं हुआ तो बरसेंगे बम
इस्राइली प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह खरीदारी इस्राइल की अत्यधिक वायु श्रेष्ठता को और मजबूत करती है। यह श्रेष्ठता ईरान के खिलाफ 12-दिवसीय युद्ध से साबित हो चुकी है। नेतन्याहू ने आगे कहा, 'हमारे पायलट जरूरत पड़ने पर ईरानी हवाई क्षेत्र में कहीं भी पहुंचने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।'
वर्तमान युद्ध और युद्धविराम की स्थिति
अमेरिका और इस्राइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया था। 8 अप्रैल से दोनों पक्षों के बीच एक नाजुक युद्धविराम लागू है। इस बीच, अमेरिकी नौसेना लगातार ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी कर रही है।
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रक्षा बलों को मिलेगी अभूतपूर्व मजबूती
इस्राइल की मंत्रिस्तरीय खरीद समिति ने इस सौदे को हरी झंडी दे दी है। इसके लिए 119 बिलियन डॉलर यानी 11, 900 करोड़ रुपये का फंड तय किया गया है। इसका उद्देश्य इस्राइल के रक्षा बलों को मजबूत करना है। इस्राइल भावी चुनौतियों के लिए पूरी तरह से तैयार रहने की कोशिश में है।
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अधिकारियों की प्रतिक्रिया
रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक अमीर बरम ने इस डील के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तत्काल युद्धकालीन खरीद जरूरतों के साथ-साथ, हमारी यह जिम्मेदारी है कि हम 10 साल बाद की सैन्य बढ़त को सुनिश्चित करने के लिए अभी कदम उठाएं। ईरान युद्ध ने यह साबित कर दिया है कि रणनीतिक साझेदारी और वायु शक्ति कितनी जरूरी है।
इस समझौते के तहत इस्राइल लॉकहीड मार्टिन से चौथा एफ-35 स्क्वाड्रन खरीदेगा। इसके अलावा, बोइंग से एफ-15आईए लड़ाकू विमानों का दूसरा स्क्वाड्रन भी लिया जाएगा। आपको बता दें कि दिसंबर में बोइंग को 8.6 बिलियन डॉलर का अनुबंध मिला था। इसमें 25 नए एफ-15आईए और 25 और विमानों का विकल्प शामिल था।
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इस्राइली प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह खरीदारी इस्राइल की अत्यधिक वायु श्रेष्ठता को और मजबूत करती है। यह श्रेष्ठता ईरान के खिलाफ 12-दिवसीय युद्ध से साबित हो चुकी है। नेतन्याहू ने आगे कहा, 'हमारे पायलट जरूरत पड़ने पर ईरानी हवाई क्षेत्र में कहीं भी पहुंचने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।'
वर्तमान युद्ध और युद्धविराम की स्थिति
अमेरिका और इस्राइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया था। 8 अप्रैल से दोनों पक्षों के बीच एक नाजुक युद्धविराम लागू है। इस बीच, अमेरिकी नौसेना लगातार ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी कर रही है।
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अमेरिका से F-35 व एफ-15आईए लड़ाकू विमान खरीदेगा इस्राइल
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