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UK: पहले माफी, फिर सांसदों से समर्थन; अब ब्रिटिश PM के बदले सुर, कहा- पद नहीं छोड़ूंगा, आखिरी दम तक लड़ूंगा

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: हिमांशु चंदेल Updated Tue, 10 Feb 2026 04:40 AM IST
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सार

Keir Starmer Statement: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर एपस्टीन कनेक्शन विवाद के बाद दबाव में हैं। पीटर मैंडेलसन की नियुक्ति को लेकर उनकी ही पार्टी के सांसद इस्तीफा मांग रहे हैं। स्टार्मर ने पहले माफी मांगी, फिर समर्थन मांगा और अब कहा है कि वह पद नहीं छोड़ेंगे। माना जा रहा है कई वरिष्ठ नेताओं ने उनका साथ दिया है। आइए इस पूरे मामले को विस्तार से जानते हैं।

Keir Starmer Statement over Peter Mandelson row on Epstein files for resignation pressure UK PM controversy
कीएर स्टार्मर, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

ब्रिटेन की राजनीति इस समय बड़े उथल-पुथल से गुजर रही है। प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर ने एपस्टीन विवाद पर पहले माफी मांगी थी। फिर अपनी पार्टी के सांसदों से समर्थन की अपील की थी और कहा था कि डेढ़ वर्ष ही बचे हैं। उन्हें कार्याकल पूरा कर लेने दें। हालांकि अब उनके सुर बदल गए हैं और उन्होंने एलान किया है कि वो पद नहीं छोड़ेंगे और विवाद पर आखिरी दम तक लड़ेंगे। पूर्व राजदूत पीटर मैंडेलसन और यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े विवाद के कारण उनकी सरकार घिर है। लेबर पार्टी के भीतर से ही विरोध बढ़ रहा है और नेतृत्व बदलने की आवाजें भी उठने लगी हैं।

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पूरा विवाद पीटर मैंडेलसन की नियुक्ति से जुड़ा है, जिन्हें 2024 में वॉशिंगटन में ब्रिटेन का राजदूत बनाया गया था। बाद में सामने आए दस्तावेजों में एपस्टीन से उनके रिश्तों का जिक्र हुआ। इसके बाद नियुक्ति पर सवाल उठे। आलोचकों का कहना है कि इतनी संवेदनशील पोस्ट पर नियुक्ति से पहले पूरी जांच होनी चाहिए थी। हालांकि कीएर स्टार्मर का एपस्टीन से कोई निजी संबंध सामने नहीं आया है, फिर भी फैसले की जिम्मेदारी उन पर डाली जा रही है।
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पार्टी के भीतर इस्तीफे की मांग तेज
लेबर पार्टी के कई सांसदों ने स्टार्मर से इस्तीफा मांग लिया है। स्कॉटलैंड में पार्टी नेता एनास सरवर ने खुलकर कहा कि डाउनिंग स्ट्रीट का नेतृत्व बदलना चाहिए। उनका कहना है कि बहुत ज्यादा गलत फैसले हुए हैं। इससे पार्टी की साख को नुकसान हुआ है। जनमत सर्वेक्षणों में भी लेबर पार्टी की स्थिति कमजोर बताई जा रही है। इससे आंतरिक असंतोष और बढ़ गया है।

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स्टार्मर का बदला रुख, साफ इनकार
दबाव बढ़ने पर स्टार्मर ने लेबर सांसदों की बैठक में भावुक और आक्रामक दोनों अंदाज में बात रखी। उन्होंने कहा कि उन्होंने हर लड़ाई जीती है और यह लड़ाई भी जीतेंगे। उन्होंने कहा कि वह अपने जनादेश और देश के प्रति जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने साफ कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगे। बंद कमरे की बैठक के बाद कुछ सांसदों ने कहा कि उनके भाषण से माहौल कुछ हद तक बदला।

बड़े नेताओं ने दिया सार्वजनिक समर्थन
पार्टी के कई बड़े नेताओं ने खुलकर स्टार्मर का समर्थन किया। डिप्टी पीएम डेविड लैमी ने कहा कि देश को बदलने के मिशन से ध्यान नहीं हटना चाहिए। विदेश मंत्री यवेट कूपर ने कहा कि वैश्विक हालात में उनके नेतृत्व की जरूरत है। पूर्व डिप्टी पीएम एंजेला रेनर ने भी पूरा समर्थन जताया। यह खास माना जा रहा है क्योंकि रेनर को संभावित उत्तराधिकारी के रूप में भी देखा जाता है।

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माफी, दस्तावेज और पुलिस जांच
स्टार्मर ने एपस्टीन पीड़ितों से माफी मांगी और कहा कि उन्हें मैंडेलसन की बातों पर भरोसा करने का अफसोस है। उन्होंने नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज जारी करने का वादा किया है। पुलिस मैंडेलसन के खिलाफ सार्वजनिक पद के दुरुपयोग के शक में जांच कर रही है। आरोप है कि उन्होंने वर्षों पहले संवेदनशील सरकारी जानकारी साझा की थी। अभी उन्हें गिरफ्तार या आरोपित नहीं किया गया है और उन पर यौन कदाचार का आरोप नहीं है।

करीबी सहयोगी का इस्तीफा, विपक्ष हमलावर
स्टार्मर के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने इस्तीफा देकर नियुक्ति सलाह की जिम्मेदारी ली है। वह पार्टी की 2024 चुनावी जीत के प्रमुख रणनीतिकार माने जाते थे। विपक्षी कंजर्वेटिव नेता केमी बैडेनोच ने कहा कि स्टार्मर ने लगातार गलत फैसले किए हैं और अब उनका पद पर बने रहना मुश्किल है। ब्रिटेन की संसदीय व्यवस्था में बिना आम चुनाव भी प्रधानमंत्री बदला जा सकता है, जिससे सियासी अनिश्चितता बनी हुई है।


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