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'ट्रंप को PM मोदी से माफी मांगनी चाहिए': अमेरिकी गायिका मिलबेन ने भारत-US रिश्तों को मजबूत करने की अपील की
एजेंसी, वॉशिंगटन
Published by: शिवम गर्ग
Updated Thu, 11 Jun 2026 06:53 AM IST
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सार
अमेरिकी गायिका मेरी मिलबेन ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी मांगनी चाहिए और जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत-अमेरिका संबंधों को फिर से मजबूत करना चाहिए।
डोनाल्ड ट्रंप और मेरी मिलबेन
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
अमेरिकी गायिका और अभिनेत्री मेरी मिलबेन ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में भारत-अमेरिका संबंध कमजोर पड़ गया है। ऐसा राष्ट्रपति ट्रंप के सलाहकारों की गलत सलाह की वजह से हुआ है। मिलबेन ने कहा, राष्ट्रपति ट्रंप पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक माफी उधार है और ट्रंप को जी-7 शिखर बैठक के दौरान माफी मांगनी चाहिए।
मिलबेन ने कहा, ट्रंप को फ्रांस में होने वाले इस शिखर सम्मेलन का इस्तेमाल पीएम मोदी के साथ रिश्ते सुधारने के लिए करना चाहिए। मिलबेन, भारत-अमेरिका के मजबूत रिश्तों की मुखर समर्थक हैं और उन्होंने दोनों देशों के मौजूदा संबंधें पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, हमने निश्चित रूप से राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी के बीच राष्ट्रपति के पहले कार्यकाल के दौरान बहुत अपनापन देखा। निश्चित रूप से, जब 2019 में प्रधानमंत्री हाउडी मोदी रैली के लिए ह्यूस्टन आए थे, तो हमने दोनों नेताओं के बीच जो अपनापन देखा, वह बहुत असली था और मेरा मानना है कि वह रिश्ता असली है। लेकिन मौजूदा प्रशासन के दौरान यह तालमेल कुछ कमजोर पड़ा है।
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अमेरिकी प्रशासन को दी गई गलत सलाह
अमेरिकी गायिका ने कहा, मौजूदा अमेरिकी प्रशासन को भारत के साथ साझेदारी के रणनीतिक महत्व के बारे में गलत सलाह दी गई है। भारतीय विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब देते हुए, मिलबेन ने हाल ही में यह भी कहा था कि मोदी को ट्रम्प की हर टिप्पणी का जवाब देने की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें भारतीयों के हित में काम जारी रखना चाहिए।
अमेरिका ने बीएलए व मजीद ब्रिगेड को आतंकी घोषित कराने की पाकिस्तान व चीन की चाल को किया नाकाम
अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) और मजीद ब्रिगेड को आतंकी संगठन घोषित करने के पाकिस्तान व चीन के साझा प्रयास को नाकाम कर दिया। पाकिस्तान व चीन ने पिछले साल सितंबर में सुरक्षा परिषद में बीएलए तथा मजीद ब्रिगेड को परिषद की 1267 अलकायदा प्रतिबंध समिति के तहत प्रतिबंधित करने के लिए संयुक्त प्रस्ताव रखा था। बताया जाता है कि अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने इस महीने इस कोशिश पर लगाम लगा दी। ये तीनों देश सुरक्षा परिषद में वीटो अधिकार रखने वाले स्थायी सदस्य हैं।
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि इफ्तिखार अहमद ने कहा था कि आईएसआईएल-के, अलकायदा, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट, बीएलए और मजीद ब्रिगेड जैसे आतंकी संगठन अफगानिस्तान में मौजूद पनाहगाहों से गतिविधियां चलाते हैं। अफगानिस्तान स्थित 60 से ज्यादा ऐसे आतंकी शिविर सीमापार से घुसपैठ और हमले कराने के लिए काम कर रहे हैं। हालांकि, अमेरिका के साथ ही ब्रिटेन-फ्रांस ने मिलकर पाकिस्तानी मंसूबों पर पानी फेर दिया।