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Iran: ईरान में निर्वासित युवराज पहलवी ने की जनता से कार्रवाई की अपील; विरोधी प्रदर्शनों में अब तक 36 मौतें

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान Published by: शिवम गर्ग Updated Wed, 07 Jan 2026 10:25 AM IST
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सार

ईरान में महंगाई और आर्थिक संकट के खिलाफ भड़के विरोध प्रदर्शनों में अब तक 36 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच निर्वासित युवराज रज़ा पहलवी ने ईरानी जनता से सड़कों पर उतरने की अपील की है।

More than 35 Killed in Iran Anti-Khamenei Protests as Exiled Prince Reza Pahlavi Calls for Nationwide Action
ईरान - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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ईरान में बढ़ती महंगाई और गंभीर आर्थिक संकट के खिलाफ भड़के खामेनेई विरोधी प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, अब तक कम से कम 36 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। यह बीते तीन वर्षों में ईरान का सबसे बड़ा जन आंदोलन माना जा रहा है।

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मंगलवार को तेहरान के ऐतिहासिक बाजार में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया। यह विरोध प्रदर्शन ईरानी रियाल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने के बाद और तेज हो गए, जिससे आम जनता की क्रय शक्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।
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निर्वासित युवराज रज़ा पहलवी की अपील
ईरान के अंतिम शाह के पुत्र और निर्वासित युवराज रज़ा पहलवी ने पहली बार सार्वजनिक रूप से ईरानी जनता से कार्रवाई का आह्वान किया है। उन्होंने संदेश में कहा 8 और 9 जनवरी को रात 8 बजे, जहां भी हों सड़कों पर या अपने घरों से एक साथ नारे लगाइए। आपकी प्रतिक्रिया के आधार पर आगे की रणनीति घोषित की जाएगी। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में नारे और वीडियो वायरल हो रहे हैं। पश्चिमी ईरान के अबदानान शहर में हजारों लोग सड़कों पर उतरे। वीडियो फुटेज में प्रदर्शनकारी जाविद शाह और पूरा शासन निशाने पर है जैसे नारे लगाते दिखे। कई जगहों पर खामेनेई का पतन होगा जैसे नारे भी सुनाई दिए।



महंगाई से फूटा गुस्सा
ईरानी मुद्रा हाल ही में 1 डॉलर के मुकाबले 14.7 लाख रियाल तक गिर गई। इससे व्यापारियों और आम नागरिकों में भारी आक्रोश फैल गया। 28 दिसंबर को तेहरान बाजार बंद होने के साथ ही विरोध की लहर शुरू हुई, जो जल्द ही पश्चिमी ईरान और कुर्द बहुल इलाकों तक फैल गई।

दमन और विदेशी मिलिशिया की भूमिका
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी सरकार ने विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। सुरक्षा बलों के साथ-साथ ईरान समर्थित इराकी शिया मिलिशिया के लड़ाके भी कथित तौर पर कार्रवाई में शामिल हैं। करीब 800 लड़ाकों की तैनाती की खबर है। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने जनता की नाराजगी को शांत करने के लिए आर्थिक सुधारों का वादा किया है। सरकार ने आयातकों के लिए विशेष मुद्रा दरें खत्म कर सीधे सब्सिडी देने की घोषणा की है, जो 10 जनवरी से लागू होगी। हालांकि, न्यायपालिका ने उपद्रवियों के खिलाफ सख्ती बरतने की चेतावनी दी है।

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