{"_id":"696d445c8c7b1f00bb003cfe","slug":"nato-chief-mark-rutte-spoke-with-us-president-donald-trump-on-security-situation-in-greenland-and-arctic-2026-01-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"US-Greenland: ग्रीनलैंड विवाद पर नाटो प्रमुख की ट्रंप से बात, इस हफ्ते करेंगे मुलाकात","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
US-Greenland: ग्रीनलैंड विवाद पर नाटो प्रमुख की ट्रंप से बात, इस हफ्ते करेंगे मुलाकात
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रुसेल्स (बेल्जियम)
Published by: लव गौर
Updated Mon, 19 Jan 2026 02:06 AM IST
विज्ञापन
सार
US-Greenland Row: नाटो महासचिव मार्क रुटे ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ग्रीनलैंड और आर्कटिक में सुरक्षा स्थिति पर बात की। मार्क रुटे ने यह भी जानकारी दी कि वह इस हफ्ते दावोस (स्विजरलैंड) में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात करेंगे।
डोनाल्ड ट्रंप और नाटो महासचिव मार्क रुटे
- फोटो : ANI Photos
विज्ञापन
विस्तार
ग्रीनलैंड पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी मंशा पूरी दुनिया को बता चुके हैं। इसी के साथ ट्रंप ने यूरोपीय संघ (ईयू) के आठ सदस्य देशों पर अगले महीने से दस फीसदी टैरिफ लगाने का एलान भी किया है। इस बीच नाटो महासचिव मार्क रुटे ने अमेरिका राष्ट्रपति से बात की और इस हफ्ते दावोस (स्विजरलैंड) में मुलाकात की भी उम्मीद जताई।
मार्क रुटे ने बताया कि उन्होंने ट्रंप से ग्रीनलैंड और आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को लेकर बातचीत की है। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका ने डेनमार्क और यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है। मार्क रुटे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि इस सप्ताह दावोस में उनकी राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात भी होने वाली है।
जानिए मार्क रूटे ने क्या बताया?
उन्होंने अपने एक्स पर लिखा, 'ग्रीनलैंड और आर्कटिक की सुरक्षा स्थिति को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप से बात हुई है। इस दिशा में काम जारी रहेगा और मैं दावोस में उनसे मिलने को लेकर उत्सुक हूं।' हालांकि, रुटे ने बातचीत के विस्तृत ब्योरे साझा नहीं किया।
यूरोपीय देशों का डेनमार्क और ग्रीनलैंड का समर्थन
इस बीच कई यूरोपीय देश एक साथ आए हैं और डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ समर्थन और एकजुटता व्यक्त की है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आठ यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी है जब तक कि उन्हें ग्रीनलैंड हासिल करने की अनुमति नहीं मिल जाती।
ये भी पढ़ें: Greenland: डेनमार्क के साथ यूरोपीय देशों ने एकजुटता जताई, जारी किया साझा बयान, ट्रंप की धमकियों पर क्या कहा?
डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्वीडन और यूनाइटेड किंगडम द्वारा जारी एक संयुक्त बयान, जिसे डेनिश विदेश मंत्रालय ने साझा किया उसमें उल्लेख किया गया है कि 'आर्कटिक एंड्योरेंस' किसी के लिए खतरा नहीं है और ये देश डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोगों के साथ पूरी एकजुटता से खड़े हैं। बयान में इस बात पर जोर दिया गया कि टैरिफ की धमकी ट्रांसअटलांटिक संबंधों को कमजोर करती है और खतरनाक गिरावट का जोखिम पैदा करती है।
अन्य वीडियो
Trending Videos
मार्क रुटे ने बताया कि उन्होंने ट्रंप से ग्रीनलैंड और आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को लेकर बातचीत की है। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका ने डेनमार्क और यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है। मार्क रुटे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि इस सप्ताह दावोस में उनकी राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात भी होने वाली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Spoke with @POTUS regarding the security situation in Greenland and the Arctic. We will continue working on this, and I look forward to seeing him in Davos later this week.
— Mark Rutte (@SecGenNATO) January 18, 2026
जानिए मार्क रूटे ने क्या बताया?
उन्होंने अपने एक्स पर लिखा, 'ग्रीनलैंड और आर्कटिक की सुरक्षा स्थिति को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप से बात हुई है। इस दिशा में काम जारी रहेगा और मैं दावोस में उनसे मिलने को लेकर उत्सुक हूं।' हालांकि, रुटे ने बातचीत के विस्तृत ब्योरे साझा नहीं किया।
यूरोपीय देशों का डेनमार्क और ग्रीनलैंड का समर्थन
इस बीच कई यूरोपीय देश एक साथ आए हैं और डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ समर्थन और एकजुटता व्यक्त की है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आठ यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी है जब तक कि उन्हें ग्रीनलैंड हासिल करने की अनुमति नहीं मिल जाती।
ये भी पढ़ें: Greenland: डेनमार्क के साथ यूरोपीय देशों ने एकजुटता जताई, जारी किया साझा बयान, ट्रंप की धमकियों पर क्या कहा?
डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्वीडन और यूनाइटेड किंगडम द्वारा जारी एक संयुक्त बयान, जिसे डेनिश विदेश मंत्रालय ने साझा किया उसमें उल्लेख किया गया है कि 'आर्कटिक एंड्योरेंस' किसी के लिए खतरा नहीं है और ये देश डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोगों के साथ पूरी एकजुटता से खड़े हैं। बयान में इस बात पर जोर दिया गया कि टैरिफ की धमकी ट्रांसअटलांटिक संबंधों को कमजोर करती है और खतरनाक गिरावट का जोखिम पैदा करती है।
अन्य वीडियो
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन