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Nepal: आम चुनाव में पूर्व PM ओली के लिए चुनौती बनेंगे ये युवा नेता, बालेन शाह से गगन थापा तक दौड़ में
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Mon, 19 Jan 2026 10:02 AM IST
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सार
नेपाल की वरिष्ठ पत्रकार सरस्वती कर्माचार्य ने कहा, 'केपी ओली के लिए इस बार का संसदीय चुनाव न केवल एक कठिन चुनौती होगा। उनके प्रतिद्वंद्वी पूर्व महापौर बालेन की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए, यह उनके पांच दशक से अधिक लंबे राजनीतिक करियर के लिए भी खतरा बन सकता है।
नेपाल में जेन जी आंदोलन से हुए तख्तापलट के बाद मार्च में होंगे आम चुनाव।
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
नेपाल में कड़ाके की ठंड के बावजूद चुनाव प्रचार ने सियासी गर्मी बढ़ा रखी है। तीन राजनीतिक दलों ने 5 मार्च को होने वाले आम चुनावों के लिए अपने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवारों का एलान कर दिया है। देश की सबसे बड़ी पार्टी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) ने हाल ही में अपदस्थ प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को आधिकारिक तौर पर अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है।
वहीं नेपाल की सबसे पुरानी पार्टी नेपाली कांग्रेस और नवगठित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने अपने-अपने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवारों को 50 वर्ष से कम आयु का घोषित किया है। बीते सप्ताह 49 वर्षीय गगन थापा नेपाली कांग्रेस (एनसी) के अध्यक्ष चुने गए। उनके चुनाव के तुरंत बाद पार्टी के उपाध्यक्ष विश्व प्रकाश शर्मा ने एलान किया कि थापा प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे।
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गगन थापा के खिलाफ देउबा क्यों पहुंचे सुप्रीम कोर्ट?
वरिष्ठ मानवाधिकार कार्यकर्ता चरण प्रसाई ने कहा, 'नेपाली कांग्रेस के सक्रिय नेता गगन थापा, जो जेन जी के युवाओं की भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं, का अध्यक्ष पद पर चुनाव होने से वर्तमान चुनावी परिदृश्य पूरी तरह से बदल गया है।' हालांकि, नेपाली कांग्रेस के एक अन्य गुट, जिसका नेतृत्व पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा कर रहे हैं, ने चुनाव आयोग के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें थापा के नेतृत्व वाले गुट को आधिकारिक तौर पर वास्तविक राष्ट्रीय कांग्रेस के रूप में मान्यता दी गई है।
बालेन शाह आरएसपी के पीएम पद के उम्मीदवार
इंजीनियर और गायक से राजनेता बने 35 वर्षीय बालेंद्र शाह 2022 में भारी बहुमत से काठमांडो महानगरपालिका के महापौर चुने गए थे। वह बालेन शाह के नाम से भी मशहूर हैं और काठमांडो के साथ पूरे देश में युवाओं के बीच बहुत लोकप्रिय हैं। स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में महापौर चुनाव जीतने वाले बालेन अब अपनी टीम के साथ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी में शामिल हो गए हैं और आम चुनाव लड़ेंगे।
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उन्होंने रविवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया ताकि वे 20 जनवरी को होने वाले संसदीय चुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर सकें। सीपीएन-यूएमएल के अध्यक्ष ओली को बालेन चुनौती देंगे, जिनकी उम्र उनसे आधी है। दोनों ने झापा-पांच निर्वाचन क्षेत्र से संसदीय चुनाव लड़ने की घोषणा की है, जिससे पूर्वी नेपाल के कोशी प्रांत का यह जिला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है।
ओली के लिए कैसे चुनौती बने बालेन शाह?
जेन जी के युवाओं के पिछले साल सितंबर में हुए आंदोलन में 77 लोगों की मौत हो गई थी। जेन जी ने आरोप लगाया था कि इस आंदोलन को दबाने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री ओली और नेपाली कांग्रेस के तत्कालीन गृह मंत्री रमेश लेखक ने हद से ज्यादा बल प्रयोग किया। गौरतलब है कि सैकड़ों आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने काठमांडू के बलुवाटर स्थित प्रधानमंत्री आवास में तोड़फोड़ की थी। इसके चलते ओली को एक सेना के हेलीकॉप्टर से भागना पड़ा था।
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वहीं नेपाल की सबसे पुरानी पार्टी नेपाली कांग्रेस और नवगठित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने अपने-अपने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवारों को 50 वर्ष से कम आयु का घोषित किया है। बीते सप्ताह 49 वर्षीय गगन थापा नेपाली कांग्रेस (एनसी) के अध्यक्ष चुने गए। उनके चुनाव के तुरंत बाद पार्टी के उपाध्यक्ष विश्व प्रकाश शर्मा ने एलान किया कि थापा प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे।
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गगन थापा के खिलाफ देउबा क्यों पहुंचे सुप्रीम कोर्ट?
वरिष्ठ मानवाधिकार कार्यकर्ता चरण प्रसाई ने कहा, 'नेपाली कांग्रेस के सक्रिय नेता गगन थापा, जो जेन जी के युवाओं की भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं, का अध्यक्ष पद पर चुनाव होने से वर्तमान चुनावी परिदृश्य पूरी तरह से बदल गया है।' हालांकि, नेपाली कांग्रेस के एक अन्य गुट, जिसका नेतृत्व पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा कर रहे हैं, ने चुनाव आयोग के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें थापा के नेतृत्व वाले गुट को आधिकारिक तौर पर वास्तविक राष्ट्रीय कांग्रेस के रूप में मान्यता दी गई है।
बालेन शाह आरएसपी के पीएम पद के उम्मीदवार
इंजीनियर और गायक से राजनेता बने 35 वर्षीय बालेंद्र शाह 2022 में भारी बहुमत से काठमांडो महानगरपालिका के महापौर चुने गए थे। वह बालेन शाह के नाम से भी मशहूर हैं और काठमांडो के साथ पूरे देश में युवाओं के बीच बहुत लोकप्रिय हैं। स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में महापौर चुनाव जीतने वाले बालेन अब अपनी टीम के साथ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी में शामिल हो गए हैं और आम चुनाव लड़ेंगे।
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उन्होंने रविवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया ताकि वे 20 जनवरी को होने वाले संसदीय चुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर सकें। सीपीएन-यूएमएल के अध्यक्ष ओली को बालेन चुनौती देंगे, जिनकी उम्र उनसे आधी है। दोनों ने झापा-पांच निर्वाचन क्षेत्र से संसदीय चुनाव लड़ने की घोषणा की है, जिससे पूर्वी नेपाल के कोशी प्रांत का यह जिला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है।
ओली के लिए कैसे चुनौती बने बालेन शाह?
- 2008 में हुए आम चुनाव को छोड़कर ओली पिछले तीन दशकों में छह बार झापा जिले से संसद के लिए चुने गए हैं।
- 2022 में हुए पिछले आम चुनाव में ओली ने नेपाली कांग्रेस के अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ 28,000 से ज्यादा वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की थी।
- इस बार ओली का मुकाबला लोकप्रिय युवा नेता बालेन से है, जिनकी उम्र उनसे आधी है।
- बालेन नेपाल की उभरती युवा शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि ओली रूढ़िवादी और कट्टरपंथी विचारधारा का चेहरा हैं।
जेन जी के युवाओं के पिछले साल सितंबर में हुए आंदोलन में 77 लोगों की मौत हो गई थी। जेन जी ने आरोप लगाया था कि इस आंदोलन को दबाने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री ओली और नेपाली कांग्रेस के तत्कालीन गृह मंत्री रमेश लेखक ने हद से ज्यादा बल प्रयोग किया। गौरतलब है कि सैकड़ों आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने काठमांडू के बलुवाटर स्थित प्रधानमंत्री आवास में तोड़फोड़ की थी। इसके चलते ओली को एक सेना के हेलीकॉप्टर से भागना पड़ा था।
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