{"_id":"69e14e9995ac81a02600446e","slug":"netanyahu-says-he-agreed-to-10-day-ceasefire-in-bid-to-advance-peace-efforts-with-lebanon-2026-04-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"लेबनान में 10 दिन का युद्ध विराम: नेतन्याहू बोले- शांति प्रयासों को आगे बढ़ाना मकसद; हिजबुल्ला ने क्या कहा?","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
लेबनान में 10 दिन का युद्ध विराम: नेतन्याहू बोले- शांति प्रयासों को आगे बढ़ाना मकसद; हिजबुल्ला ने क्या कहा?
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यरूशलम
Published by: Nirmal Kant
Updated Fri, 17 Apr 2026 02:33 AM IST
विज्ञापन
सार
इजराइल और लेबनान के बीच 10 दिन के युद्धविराम पर सहमति बनी है, जिसे शांति की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है। हालांकि, हिजबुल्ला ने इसमें पूरे लेबनान क्षेत्र को शामिल करने की बात कही। राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे 'उत्साहजनक अवसर' कहा। पढ़िए रिपोर्ट-
इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू
- फोटो : X (@IsraeliPM)
विज्ञापन
विस्तार
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने लेबनान में 10 दिन के युद्ध विराम पर सहमति दी है। एक वीडियो बयान में नेतन्याहू ने कहा, यह कदम लेबनान के साथ शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
इस हफ्ते इस्राइल और लेबनान ने वॉशिंगटन में सीधी बातचीत की है, जिसका मकसद शांति समझौता तैयार करना है। इस्राइल से पिछले छह हफ्तों से जंग लड़ रहे हिजबुल्ला ने इस बातचीत का विरोध किया है। नेतन्याहू ने कहा, हमारे पास लेबनान के साथ ऐतिहासिक शांति समझौता करने का अवसर है।
हिजबुल्ला ने क्या कहा?
उधर, हिजबुल्ला ने एक बयान में कहा, कोई भी युद्ध विराम पूरे लेबनान क्षेत्र में लागू होना चाहिए। इस्राइली दुश्मन को किसी भी तरह की आवाजाही की स्वतंत्रता नहीं मिलनी चाहिए। संगठन ने आगे कहा, हमारी जमीन पर इस्राइली कब्जा लेबनान और उसके लोगों को उसका विरोध करने का अधिकार देता है। यह मामला आगे की घटनाओं के आधार पर तय होगा। इस रुख से युद्ध विराम जटिल हो सकता है।
ये भी पढ़ें: 'परमाणु हथियार नहीं बनाने पर राजी हुआ ईरान', ट्रंप बोले- शांति वार्ता के लिए जा सकते हैं पाकिस्तान
इस्राइल ने दक्षिणी लेबनान में जमीनी हमला किया है, जहां उसकी सेना और हिजबुल्ला के लड़ाकों के बीच सीमा क्षेत्र में भीषण लड़ाई चल रही है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि युद्ध विराम के हिस्से के रूप में इस्राइल अपनी कुछ या सभी सेनाओं को वापस बुलाएगा या नहीं।
अमेरिका की मध्यस्थता से हुई थी वार्ता
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हफ्ते वाशिंगटन में हुई बातचीत के बाद युद्धविराम की घोषणा की। इस्राइल का लेबनान के साथ सीधा युद्ध नहीं चल रहा था, बल्कि वह लेबनान के अंदर ईरान समर्थित हिजबुल्ला से लड़ रहा था।
अमेरिका के अनुसार, लेबनान और इस्राइल की सहमति से तैयार बयान में यह प्रावधान शामिल है कि इजरायल को किसी भी आगे के हमले से बचाव का अधिकार होगा। इसके अलावा, बयान में कहा गया है कि इस्राइल लेबनान के किसी भी लक्ष्य पर कोई आक्रामक सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा, जिसमें नागरिक, सैन्य और अन्य सरकारी लक्ष्य शामिल हैं।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने कहा कि इस्राइल-लेबनान युद्ध विराम एक बहुत 'उत्साहजनक' अवसर है। उन्होंने कहा, आज मेरी दोनों नेताओं से बहुत अच्छी बातचीत हुई। यह बातचीत उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ की थी। ट्रंप ने कहा, उनके बीच युद्धविराम होगा और इसमें हिजबुल्लाह भी शामिल होगा।
पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आउन और नेतन्याहू अगले एक या दो हफ्ते में मिलेंगे। उन्होंने आगे कहा कि व्हाइट हाउस में इन दोनों नेताओं की बैठक अगले चार या पांच दिनों में भी हो सकती है। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि वह 'सही समय पर' लेबनान का दौरा करने के लिए तैयार हैं।
Trending Videos
इस हफ्ते इस्राइल और लेबनान ने वॉशिंगटन में सीधी बातचीत की है, जिसका मकसद शांति समझौता तैयार करना है। इस्राइल से पिछले छह हफ्तों से जंग लड़ रहे हिजबुल्ला ने इस बातचीत का विरोध किया है। नेतन्याहू ने कहा, हमारे पास लेबनान के साथ ऐतिहासिक शांति समझौता करने का अवसर है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हिजबुल्ला ने क्या कहा?
उधर, हिजबुल्ला ने एक बयान में कहा, कोई भी युद्ध विराम पूरे लेबनान क्षेत्र में लागू होना चाहिए। इस्राइली दुश्मन को किसी भी तरह की आवाजाही की स्वतंत्रता नहीं मिलनी चाहिए। संगठन ने आगे कहा, हमारी जमीन पर इस्राइली कब्जा लेबनान और उसके लोगों को उसका विरोध करने का अधिकार देता है। यह मामला आगे की घटनाओं के आधार पर तय होगा। इस रुख से युद्ध विराम जटिल हो सकता है।
ये भी पढ़ें: 'परमाणु हथियार नहीं बनाने पर राजी हुआ ईरान', ट्रंप बोले- शांति वार्ता के लिए जा सकते हैं पाकिस्तान
इस्राइल ने दक्षिणी लेबनान में जमीनी हमला किया है, जहां उसकी सेना और हिजबुल्ला के लड़ाकों के बीच सीमा क्षेत्र में भीषण लड़ाई चल रही है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि युद्ध विराम के हिस्से के रूप में इस्राइल अपनी कुछ या सभी सेनाओं को वापस बुलाएगा या नहीं।
अमेरिका की मध्यस्थता से हुई थी वार्ता
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हफ्ते वाशिंगटन में हुई बातचीत के बाद युद्धविराम की घोषणा की। इस्राइल का लेबनान के साथ सीधा युद्ध नहीं चल रहा था, बल्कि वह लेबनान के अंदर ईरान समर्थित हिजबुल्ला से लड़ रहा था।
अमेरिका के अनुसार, लेबनान और इस्राइल की सहमति से तैयार बयान में यह प्रावधान शामिल है कि इजरायल को किसी भी आगे के हमले से बचाव का अधिकार होगा। इसके अलावा, बयान में कहा गया है कि इस्राइल लेबनान के किसी भी लक्ष्य पर कोई आक्रामक सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा, जिसमें नागरिक, सैन्य और अन्य सरकारी लक्ष्य शामिल हैं।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने कहा कि इस्राइल-लेबनान युद्ध विराम एक बहुत 'उत्साहजनक' अवसर है। उन्होंने कहा, आज मेरी दोनों नेताओं से बहुत अच्छी बातचीत हुई। यह बातचीत उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ की थी। ट्रंप ने कहा, उनके बीच युद्धविराम होगा और इसमें हिजबुल्लाह भी शामिल होगा।
पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आउन और नेतन्याहू अगले एक या दो हफ्ते में मिलेंगे। उन्होंने आगे कहा कि व्हाइट हाउस में इन दोनों नेताओं की बैठक अगले चार या पांच दिनों में भी हो सकती है। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि वह 'सही समय पर' लेबनान का दौरा करने के लिए तैयार हैं।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
