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अब नशा माफियायों की खैर नहीं: शाह ने तीन साल में ‘ड्रग-फ्री इंडिया’ का रखा लक्ष्य, विभागों को दिए ये निर्देश

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Fri, 09 Jan 2026 06:24 PM IST
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सार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में एनकोर्ड की 9वीं उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने तीन साल में नशा मुक्त भारत के लक्ष्य पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने नशे के खिलाफ सभी विभागों को रोडमैप तैयार करने का निर्देश भी दिए हैं।

New Delhi Meeting NCORD held under chairmanship of Amit Shah focusing strict action against drug trafficking
बैठक में अमित शाह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में नारको-कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनकोर्ड) की 9वीं उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने तीन साल में नशा मुक्त भारत के लक्ष्य पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने सभी विभागों को इसके लिए रोडमैप तैयार करने के लिए भी निर्देश दिए। शाह ने कहा कि नशा के खिलाफ लड़ाई में सभी सरकारी विभागों को 2029 तक की रोडमैप तैयार करनी चाहिए और इसे लागू करने के लिए समय-सीमा के साथ निगरानी तंत्र स्थापित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ हमारी मुहिम अब तक उत्साहजनक रही है।

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बता दें कि यह बैठक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा हाइब्रिड मोड में आयोजित की गई, जिसमें केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुख अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य नशा तस्करी नेटवर्क और गैंग को तोड़ना, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, हवाला और डार्कनेट जैसी नई चुनौतियों का सामना करना है।  
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नार्कोटिक्स के विरूद्ध लड़ाई की उपलब्धियां संतोषजनक- शाह
शाह ने कहा कि नार्कोटिक्स के विरूद्ध लड़ाई की उपलब्धियां संतोषजनक हैं। अगले तीन वर्षों में देश में ड्रग्स के खिलाफ सभी मोर्चों पर लड़ाई लड़कर 'नशा मुक्त भारत' बनाना है। सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ हमारी मुहिम उत्साह देने वाली रही है। उन्होंने नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के अमृतसर कार्यालय का उद्घाटन भी किया। एनसीबी द्वारा हाइब्रिड मोड में आयोजित इस बैठक में केन्द्र सरकार के मंत्रालयों एवं विभागों के प्रमुख हितधारक तथा राज्य सरकारों के प्रतिनिधि और ड्रग लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियां ने भाग लिया। 

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अमित शाह ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में भारत सरकार के सभी विभागों को 2029 तक का रोडमैप और उस पर अमल के लिए समयबद्ध समीक्षा की पद्धति बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह चुनौती कानून-व्यवस्था से ज़्यादा नार्को-टेरर के प्रश्न से जुड़ी है। सबसे अधिक महत्वपूर्ण है कि यह एक प्रकार से देश की आने वाली नस्लों को बरबाद करने का षड्यंत्र है। उन्होंने कहा कि बतौर गृह मंत्री शाह, हमारे युवाओं के स्वास्थ्य, उनके सोचने और परफॉर्म करने की क्षमता और अपराध एक प्रकार से इस समस्या से ही जुड़े हैं।

शाह ने 2029 तक रोडमैप तैयार करने पर जोर
बैठक के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत में नशे के खिलाफ लड़ाई में सभी सरकारी विभागों को 2029 तक की रोडमैप तैयार करनी चाहिए और इसे लागू करने के लिए समय-सीमा के साथ निगरानी तंत्र स्थापित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ हमारी मुहिम अब तक उत्साहजनक रही है। उन्होंने बताया कि नशे की जब्ती और नष्ट किए जाने वाली मात्रा में 11 गुना बढ़ोतरी हुई है। 2020 में अफीम की फसल 10,770 एकड़ भूमि पर नष्ट की गई थी, जबकि नवंबर 2025 तक यह संख्या 40,000 एकड़ तक बढ़ गई।

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शाह ने सभी विभागों को दिए निर्देश
इस दौरान गृह मंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे 31 मार्च तक अपने-अपने जिम्मेदारियों के अनुसार रोडमैप तैयार करें, निगरानी तंत्र बनाएं और पूरी तरह से नशे की समस्या पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि अगले तीन वर्षों में देश भर में सभी मोर्चों पर नशे के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। उनका उद्देश्य है 'ड्रग-फ्री इंडिया’ बनाना और देश के युवाओं को नशे से बचाना।

बैठक में इन मामलों पर दिया गया ध्यान
गौरतलब है कि शाह के नेतृत्व में की गई इस बैठक में मोदी सरकार की ‘पूर्ण सरकार दृष्टिकोण’ को ध्यान में रखते हुए चर्चा हुई। इसमें नशा तस्करी नेटवर्क और गैंग को तोड़ना, सुरक्षित और संवेदनशील क्षेत्रों (हॉटस्पॉट) का मानचित्र तैयार करना, हवाला और अवैध लेन-देन की जांच, डार्कनेट जैसी नई तकनीकी चुनौतियों का सामना करना और 360 डिग्री की व्यापक जांच जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। इस बैठक का उद्देश्य देश में नशे की तस्करी और माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई करना और इसके खिलाफ सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।

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