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ट्रंप का ब्रिटेन पर तीखा हमला: 'यह विंस्टन चर्चिल नहीं हैं', ईरान मुद्दे पर ब्रिटिश पीएम कीएर स्टार्मर पर बरसे
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Pavan
Updated Wed, 04 Mar 2026 06:03 AM IST
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सार
पश्चिम एशिया में तनाव और ईरान से जंग - अमेरिका के ब्रिटेन जैसे पुराने सहयोगियों के रिश्तों को भी प्रभावित कर रहा है। इसका सबूत राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों में देखने को मिल रहा है। दरअसल, ट्रंप ईरान पर हमले के दौरान ब्रिटेन की तरफ से डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे का इस्तेमाल न करने पर नाराजगी जताई है।
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हुए हमलों को लेकर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर की कड़ी आलोचना की है। ट्रंप ने कहा कि ब्रिटेन का रवैया बहुत-बहुत असहयोगी रहा और उन्होंने स्टार्मर की तुलना पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल से करते हुए कहा कि 'हम जिनसे डील कर रहे हैं, वो चर्चिल नहीं हैं।'
यह भी पढ़ें - US Iran War: 'अगर हमने पहले कार्रवाई नहीं की होती, तो वे हमला कर देते', ट्रंप ने ईरान पर हमले किया बचाव
'ब्रिटेन ने डिएगो गार्सिया के इस्तेमाल नहीं दी अनुमति'
व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान पर हमले से पहले ब्रिटेन ने शुरुआत में अमेरिकी बमवर्षक विमानों को डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी। यह बेस हिंद महासागर में स्थित है और अमेरिका-ब्रिटेन का साझा सैन्य अड्डा माना जाता है। ट्रंप ने इस फैसले को 'चौंकाने वाला' बताया और कहा कि इससे दोनों देशों के रिश्तों को नुकसान पहुंचा है।
हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा कि रविवार देर रात स्टार्मर ने अपना रुख बदला और आखिरकार अमेरिकी सेना को ब्रिटिश ठिकानों के इस्तेमाल की इजाजत दे दी। लेकिन तब तक दोनों देशों के बीच तनाव खुलकर सामने आ चुका था। अमेरिका और ब्रिटेन के बीच रिश्तों को लंबे समय से स्पेशल रिलेशनशिप कहा जाता है, जो पश्चिमी सुरक्षा सहयोग की नींव माने जाते हैं। ट्रंप के इस बयान से इन संबंधों में दरार के संकेत मिल रहे हैं।
स्पेन पर भी बरसे अमेरिकी राष्टपति
इसी दौरान ट्रंप ने स्पेन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि स्पेन ने ईरान से जुड़े सैन्य अभियानों के लिए अपने ठिकाने इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी, इसलिए अमेरिका अब स्पेन के साथ व्यापारिक संबंध खत्म करेगा। ट्रंप ने अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट को निर्देश दिया कि स्पेन के साथ सभी कारोबारी लेन-देन बंद कर दिए जाएं। ट्रंप ने कहा, 'स्पेन का रवैया बहुत खराब रहा। हम स्पेन के साथ कोई व्यापार नहीं रखना चाहते।'
यह भी पढ़ें - संघर्ष खत्म करना चाहता है ईरान?: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर तेहरान बोला- सम्मान के साथ बातचीत के लिए तैयार
ईरान पर अमेरिका-इस्राइल का संयुक्त हमला
आपको बता दें कि, 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के कई शहरों में एक साथ हवाई हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के सैन्य कमांड सेंटर, मिसाइल ठिकाने और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और चार वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की मौत हो गई थी। तेहरान सहित कई बड़े शहरों में भारी विस्फोट हुए। इसके जवाब में ईरान ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन हमलों का असर इस्राइल, बहरीन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन तक देखा गया। इससे पूरे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता भी गहरा गई है।
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'ब्रिटेन ने डिएगो गार्सिया के इस्तेमाल नहीं दी अनुमति'
व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान पर हमले से पहले ब्रिटेन ने शुरुआत में अमेरिकी बमवर्षक विमानों को डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी। यह बेस हिंद महासागर में स्थित है और अमेरिका-ब्रिटेन का साझा सैन्य अड्डा माना जाता है। ट्रंप ने इस फैसले को 'चौंकाने वाला' बताया और कहा कि इससे दोनों देशों के रिश्तों को नुकसान पहुंचा है।
हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा कि रविवार देर रात स्टार्मर ने अपना रुख बदला और आखिरकार अमेरिकी सेना को ब्रिटिश ठिकानों के इस्तेमाल की इजाजत दे दी। लेकिन तब तक दोनों देशों के बीच तनाव खुलकर सामने आ चुका था। अमेरिका और ब्रिटेन के बीच रिश्तों को लंबे समय से स्पेशल रिलेशनशिप कहा जाता है, जो पश्चिमी सुरक्षा सहयोग की नींव माने जाते हैं। ट्रंप के इस बयान से इन संबंधों में दरार के संकेत मिल रहे हैं।
स्पेन पर भी बरसे अमेरिकी राष्टपति
इसी दौरान ट्रंप ने स्पेन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि स्पेन ने ईरान से जुड़े सैन्य अभियानों के लिए अपने ठिकाने इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी, इसलिए अमेरिका अब स्पेन के साथ व्यापारिक संबंध खत्म करेगा। ट्रंप ने अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट को निर्देश दिया कि स्पेन के साथ सभी कारोबारी लेन-देन बंद कर दिए जाएं। ट्रंप ने कहा, 'स्पेन का रवैया बहुत खराब रहा। हम स्पेन के साथ कोई व्यापार नहीं रखना चाहते।'
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ईरान पर अमेरिका-इस्राइल का संयुक्त हमला
आपको बता दें कि, 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के कई शहरों में एक साथ हवाई हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के सैन्य कमांड सेंटर, मिसाइल ठिकाने और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और चार वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की मौत हो गई थी। तेहरान सहित कई बड़े शहरों में भारी विस्फोट हुए। इसके जवाब में ईरान ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन हमलों का असर इस्राइल, बहरीन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन तक देखा गया। इससे पूरे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता भी गहरा गई है।
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